सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही तरीका | ड्राई स्किन से बचाव
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Category: Hindi

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सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी से त्वचा को ड्राई होने से कैसे बचाया जा सकता है? डॉक्टर से जानें सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी लगाने के तरीकों के बारे में

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वैसे तो, हर मौसम में लोगों को त्वचा से जुडी किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है। पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ज्यादातर सर्दियों के मौसम में बहुत ही कम नमी और शुष्क वातावरण के कारण लोगों की त्वचा ड्राई और बेजान हो जाती है। दरअसल, इस मौसम में लोगों के चेहरे पर खिंचाव, रूखापन और ड्राईनेस जैसी समस्या हो सकती है। जिससे कि व्यक्ति बहुत ही ज्यादा परेशान हो सकता है। आम तौर पर, इस दौरान लोगों के चहरे पर पपड़ी-सी जमा हो जाती है, जिसको रूखापन कहा जाता है, जो दिखाई देने में भी बहुत ही ज्यादा बेकार और भद्दी सी नज़र आती है। आज के समय में ज्यादातर लोग अपने चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए और चार लोगों में अच्छा दिखने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल भी शामिल होता है। 

पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से त्वचा बहुत ही ज्यादा रूखी हो जाती है, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग सर्दियों में चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से बचते हैं। हालांकि, अगर आप सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल बिलकुल सही तरीके से करते हैं, तो इसकी मदद से न केवल आपकी त्वचा पर लम्बे समय तक निखार बना रहता है, बल्कि इससे त्वचा को ड्राई होने से बचाया जा सकता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार भी आता है। दरअसल, इस दौरान मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल, एलोवेरा जेल, नारियल तेल और दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने के तरीके बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं। आम तौर पर, अगर इन तरीकों से मुल्तानी मिट्टी को चेहरे पर लगाया जाये, तो यह त्वचा के पोर्स में जमी गंदगी, डेड स्किन सेल्स और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते है, क्योंकि मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर एक क्लींजर की तरह काम करती है, जो त्वचा की ड्राईनेस को खत्म कर देती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी लगाने के तरीके:

1. मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल

दरअसल, सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाकर त्वचा पर लगाया जा सकता है, इससे न सिर्फ त्वचा नरम और शाइनी बनती है, बल्कि यह त्वचा के निखार को भी कई गुना ज्यादा कर देती है। आम तौर पर, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर और इस का पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसको कम से कम 20 मिनट तक अपने चेहरे पर लगाने के बाद, सादे पानी से धो सकते हैं। दरअसल, इससे आपकी त्वचा हाइड्रेट होने के साथ -साथ टैनिंग भी कम हो जाएगी। 

2. मुल्तानी मिट्टी और नारियल का तेल

आम तौर पर, अगर आपको सर्दिओं के मौसम में त्वचा ड्राई, सुखी और बेजान नज़र आती है, तो इसके लिए आप मुल्तानी मिट्टी और नारियल तेल के मिश्रण का इस्तेमाल अपनी त्वचा के लिए कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में नारियल तेल को मिलाकर इसका एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को कम से कम 15 मिनट तक के लिए अपनी त्वचा पर लगा कर रखें और फिर इसको सादे पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी में मिक्स नारियल तेल त्वचा की नमी को लॉक करता है और साथ में त्वचा को सेहतमंद बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इसे स्किन पर लगाने से न सिर्फ स्किन में चमक आती है, बल्कि दाग-धब्बे भी कम होते हैं और मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है।

निष्कर्ष: दरअसल, मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है, पर इसको सीधे त्वचा पर इस्तेमाल करने से त्वचा काफी ज्यादा ड्राई हो जाती है, जिसकी वजह से कई लोग सर्दियों के मौसम में इसका इस्तेमाल करने से डरते हैं, कहीं उनकी त्वचा ड्राई होकर भद्दी सी न दिखने लगे। पर, अगर सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सही तरीके से जैसे मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल, एलोवेरा जेल, नारियल तेल और दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाया जाये, तो इससे न सिर्फ आपकी त्वचा पर निखार आता है, बल्कि इससे त्वचा को ड्राई होने से भी बचाया जा सकता है। मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर एक क्लींजर की तरह काम करती है, जो स्किन के पोर्स से गंदगी, डेड स्किन सेल्स और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। इसलिए, सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल से चेहरे पर काफी ग्लो आता है और त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। पर, त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या के दौरान एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप तुरंत समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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सर्दियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए सोने से पहले चेहरे पर कौन सा तेल लगाना चाहिए? जाने डॉक्टर से 

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दरअसल, सर्दियों में लोगों को त्वचा से जुडी तरह- तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, जिसमें ड्राई स्किन की समस्या होना एक आम बात होती है। आम तौर पर, इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को गर्म पानी से नहाने की आदत होती है। दरअसल ठंडी हवा, कम नमी और गर्म पानी से नहाने की आदत त्वचा की प्राकृतिक नमी को काफी ज्यादा कम कर देती है। आम तौर पर, इसकी वजह से चेहरे पर रूखापन, खिंचाव और कभी- कभी हल्की जलन जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, सर्दियों के मौसम में त्वचा की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, विशेष तौर पर रात में। 

दरअसल, त्वचा के एक्सपर्ट्स भी इस बात को मानते हैं, कि रात का वक्त त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि रात के समय सोते वक्त त्वचा अपने आप को अंदर से ठीक करती है और साथ में नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर त्वचा को ड्राई होने से बचाने के लिए और काफी पोषण प्रदान करने के लिए नारियल तेल, बादाम का तेल और जैतून का तेल जैसे प्राकृतिक तेल को लगाया जाये, तो यह त्वचा के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। दरअसल, यह त्वचा की नमी को बरकरार रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं और इस से सुबह के समय त्वचा काफी ज्यादा सॉफ्ट, स्मूथ और सेहतमंद महसूस होती है। हालांकि, इस तरह की स्थिति में, सही तेल का चुनाव करना स्किन टाइप के हिसाब से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अगर आप रात के समय में अपनी त्वचा पर तेल लगाकर सोते हैं, और उसको सुबह उठकर गुनगुने पानी से धोते हैं, तो इससे आपकी त्वचा में मौजूद किसी भी तरह की कोई समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आ सकती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

सर्दियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए सोने से पहले चेहरे पर लगाए जाने वाले तेल 

1. नारियल का तेल 

नारियल का तेल त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि, नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड विशेष तौर पर सर्दियों के मौसम में त्वचा की नमी को बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप रात के समय में इसको अपने चेहरे पर हल्की मात्रा में लगाकर सो सकते हैं और सुबह उठकर अपने चेहरे को साफ़ पानी से दो सकते हैं। इसी आपको अपनी त्वचा काफी ज्यादा मुलायम महसूस होगी। 

2. बादाम का तेल 

आम तौर पर, इस बात को लगभग सभी जानते ही होंगे कि चेहरे की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए बादाम का तेल बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। दरअसल, बादाम के तेल में मौजूद विटामिन ई, न केवल त्वचा को गहराई से पोषण देने में सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि यह त्वचा के रूखेपन को भी कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सर्दियों में रात के समय त्वचा पर हल्की मात्रा में लगाकर सो सकते हैं। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में लगातार त्वचा का निखार बनाए रखने के लिए आप बादाम के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, यह त्वचा की प्राकृतिक चमक को बनाए रखने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकता है। 

निष्कर्ष: सर्दियों के मौसम में लोगों को त्वचा से जुडी कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, जिसमें ज्यादातर ड्राई स्किन होना आम होता है। रात का समय त्वचा के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि इस दौरान त्वचा अपने आप को ठीक करती है और नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। सर्दियों के मौसम में त्वचा से जुड़ी तरह -तरह की समस्याओं से बचने के लिए इस की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। पर, इसके लिए आपको महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स की रूरत नहीं होती है। इसके लिए आप सर्दियों में सोने से पहले चेहरे की त्वचा को पोषण प्रदान करने के लिए नारियल का तेल, बादाम का तेल और जैतून का तेल जैसे कुछ ख़ास प्राकृतिक तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इन को लगाने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है और सुबह के समय त्वचा सॉफ्ट, स्मूथ और सेहतमंद महसूस होती है। यह त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें!

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दरअसल, शादी के बाद महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं, हालांकि यह बदलाव उनकी सेहत से भी जुड़े हो सकते हैं, और उनकी त्वचा से भी जुड़े हो सकते हैं। आम तौर पर, शादी के बाद अक्सर आपने कई महिलाओं को यह कहते हुए सुना होगा कि अब उनके चेहरे पर पहले जैसा निखार नहीं रहा है। यानी कि शादी के बाद चेहरे का ग्लो कहीं खो सा जाता है। 

आम तौर पर, लगभग सभी महिलाओं को अपने चेहरे की त्वचा से काफी ज्यादा प्यार होता है, और वह चाहती हैं, कि उनकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे। पर, आम तौर पर ज्यादातर महिलाएं अपनी शादी के बाद चेहरे की त्वचा के निखार को लेकर काफी ज्यादा मायूस हो जाती हैं और इस तरह की समस्या की शिकायत काफी ज्यादा करने लग जाती हैं। 

दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान कई महिलाओं का कहना है, कि शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है, जिसकी वजह से वह कहीं पर भी जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है और इससे उनकी पर्सनालिटी भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। 

असल में, शादी के बाद चेहरे की चमक का गायब हो जाना सभी महिलाओं की शिकायत होती है, पर क्या आपने कभी इसके बारे में जानने की कोशिश की है, कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके क्या कारण हो सकते हैं? दरअसल, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना, और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारण शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, शादी के बाद बदलती हुई दिनचर्या, लाइफस्टाइल और खराब खानपान इसका मुख्य कारण हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कारण 

वैसे तो, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

1. नींद का पैटर्न बदल जाना 

दरअसल, शादी के बाद एक लड़की की नींद में बदलाव होना एक आम बात होती है। असल में, इस दौरान नई जिम्मेदारियों में घिरे रहने और रात को ठीक से नींद न लेने और सुबह जल्दी उठने की वजह से त्वचा डल और बेजान सी हो जाती है। इसके अलावा, नींद की कमी से न केवल शरीर में तनाव का हार्मोन बढ़ता है, बल्कि इससे चेहरे पर डार्क सर्कल्स और पिंपल्स जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। 

2. तनाव में रहना

आम तौर पर, शादी के बाद लगभग सभी लड़कियों को नए घर, नए रिश्ते और नई जिम्मेदारियों को झेलना पड़ता है। एक दम से इतनी चीजों को संभालना उनके लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है और इसी के चलते वह ज्यादातर तनाव में रहने लग जाती हैं। तनाव में रहने की वजह से न केवल उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इससे चेहरे की त्वचा भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। दरअसल तनाव से चेहरे पर नेचुरल चमक कम और इससे त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। इस समस्या के लिए तनाव न लें और रोजाना मेडिटेशन करें। 

शादी के बाद चेहरे की चमक को पहले जैसा बनाए रखने के उपाय 

आम तौर पर, चेहरे की त्वचा को पहले जैसा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपायों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि 

1. शादी के बाद 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें। 

2. सोने का निश्चित समय तय करें। 

3. रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। 

4. एक बेसिक त्वचा की देखभाल करने की रूटीन को जरूर फॉलो करें। 

5. तनाव न लें और तनाव को दूर करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।

निष्कर्ष: दरअसल, शादी के बाद चेहरे की त्वचा की चमक गायब हो जाना हर महिला की शिकायत होती है। हर महिला चाहती है, कि उसकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे, पर शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारणों की वजह से शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। चेहरे पर पहले जैसा ग्लो बनाए रखने के लिए बदलती हुई दिनचर्या का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक होता है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, नींद पूरी लेना और अपने रोजाना के खान पीन का ध्यान रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। त्वचा से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्याओं के लिए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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खराब गट हेल्थ की वजह से चेहरे पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? जानें डॉक्टर से

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आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और गलत खान पीन की वजह से न जाने लोग सेहत के साथ- साथ त्वचा से जुड़ी कितनी ही समस्यायों का शिकार हो जाते हैं। आज न केवल सेहत से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का होना आम हो गया है, बल्कि त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी आज लोगों में आम देखी जा सकती हैं। आम तौर पर, ज्यादातर त्वचा से जुड़ी समस्याओं को अक्सर बाहरी कारणों से ही जोड़कर देखा जाता है। पर इसके अलावा, भी त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याएं अंदरूनी कारणों की वजह से हो सकती हैं। जैसे कि अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम बिल्कुल भी ठीक न हो और इसके साथ ही आपका गट बेहतर तरीके से काम ना कर रहा हो, तो इसकी वजह से भी आप त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं का शिकार हो सकते हैं। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हम में से ज्यादातर लोग बिल्कुल साफ़ और चमकदार त्वचा पाने के लिए अपने चेहरे पर क्लींजर से लेकर न जाने कितनी ही चीजों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, त्वचा की देखभाल करने के लिए बहुत से लोग मॉइस्चराइजर जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हुए भी नज़र आ सकते हें। इसी तरह लोग अपनी मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए रोजाना मेडिटेशन और योग करते हैं और जबकि पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का समाधान करने के लिए दवाओं का सेवन करते हैं। दरअसल, पेट से जुड़ी समस्याओं में एसिडिटी पेट में दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। पर, हम में से ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते होंगे, कि पाचन तंत्र और मेंटल हेल्थ से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं, यहां तक कि हमारी त्वचा से जुड़ी बहुत सी समस्याएं भी हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। दरअसल, इस पर डॉक्टर का भी यही कहना है, कि अगर हमारे पेट के अंदर कुछ भी ठीक नहीं होता है और कोई बीमारी होती है, तो इसका सीधा असर न केवल हमारी मेंटल हेल्थ और डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है, बल्कि इससे हमारे चेहरे की त्वचा भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। 

दरअसल, आयुर्वेद के अनुसार शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और गट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं। आम तौर पर, जब किसी व्यक्ति के पेट में सूजन की समस्या बढ़ जाती है और पाचन शक्ति कमजोर होने लग जाती है, तो इस तरह की स्थिति के दौरान त्वचा पर कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं, जिसमें एक्ने और पिम्पल जैसी समस्याओं की बढ़ोतरी होना, चेहरा का काफी ज्यादा डल दिखाई देना और त्वचा पर रैशेज का बढ़ना शामिल हो सकता है। 

खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जर्नल नेचर रिव्यू साल 2022 में छपी एक स्टडी में बताया गया है, कि दरअसल पेट में चल रही तरह -तरह समस्याएं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। दरअसल, इससे न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक, अगर हमारे पेट में कुछ भी ठीक नहीं होता है, तो इसकी वजह से त्वचा की समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं। खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं निम्नलिखित अनुसार हो सकती हैं, जैसे कि 

1. एक्ने और पिम्पल्स का बढ़ना 

आम तौर पर, हमारे शरीर में अमा यानी कि टॉक्सिन के स्तर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और जब पेट इसको अच्छे तरीके से साफ़ नहीं कर पाता है, तो इसकी वजह से चेहरे की त्वचा पर पिम्पल्स, एक्ने, फोड़े और फुंसी जैसी तरह -तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। इसकी वजह से इन समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। 

2. चेहरा का डल दिखाई देना

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि शरीर में हानिकारक तत्वों का स्तर बढ़ने पर चेहरे की त्वचा की चमक बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल त्वचा की चमक कम होती है, बल्कि इससे त्वचा धीरे-धीरे ड्राई और रफ नज़र आने लग जाती है। कई लोग इस तरह की त्वचा से परेशान हो जाते हैं और वह तनाव लेने लग जाते हैं, जिससे कि त्वचा और भी ज्यादा डल

दिखाई देने लगती है। इसके अलावा, इससे चेहरे का ग्लो काफी ज्यादा कम हो जाता है। 

3. त्वचा पर रैशेज का बढ़ना

पेट से जुड़ी समस्याएं त्वचा को न केवल बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं, बल्कि यह एक दम से त्वचा की खूबसूरती को गायब कर देती है। दरअसल, शरीर में बड़ी हुई गंन्दगी की वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण त्वचा पर रैशेज या फिर चकत्ते जैसे निशान दिखाई देने लग जाते हैं। 

गट हेल्थ बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय 

दरअसल, पेट की सेहत को बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखत उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि 

1. इसके लिए हमेशा घर के बने हुए ताजे भोजन का सेवन करें। 

2. रोजाना एलोवेरा जूस का सेवन करने से भी पेट को ठीक रखा जा सकता है। 

3. पेट में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है। 

निष्कर्ष: पेट में चल रही बहुत सी समस्याओं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। इससे त्वचा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी बढ़ जाते हैं। शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और पेट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं, इसलिए पाचन तंत्र, मेंटल हेल्थ और त्वचा से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी ले सकते हैं।

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क्या बढ़ते प्रदूषण में इन 4 तरीकों से बालों की देखभाल की जा सकती है? जानें डॉक्टर से

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आम तौर पर, फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों को कोई तरह की समस्यायों का सामान करना पड़ता है. दरअसल, यह समस्याएं न केवल लोगों के स्वस्थ से जुडी होती हैं बल्कि यह त्वचा और बालों से भी जुड़ी हो सकती हैं। आम तौर पर, अक्सर अपने यह देखा ही होगा, कि घर से बाहर निकले ही आपको इतना ज्यादा पॉल्यूशन का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से आपकी त्वचा और बाल काफी ज्यादा  प्रभावित हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से हवा में धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स हर वक्त उपलब्ध रहते हैं। जो बाहर जाने पर, हमारे बालों और स्कैल्प पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से हमारे बाल डल और बेजान हो जाते हैं। 

दरअसल, अब इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति कर ही क्या सकता है, क्योंकि हर किसी को, किसी न किसी काम के लिए ऑफिस जाना ही पड़ता है। तो इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है, कि बढ़ते पॉल्युशन में बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है? तो इसके लिए कई तरीके उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने बालों की देखभाल कर सकते हैं। तो ऐसे में, वह कौन से तरीके हो सकते हैं, जिन से बालों की देखभाल की जा सकती है? दरअसल, अगर आप इस बढ़ते प्रदूषण के बीच अपने बालों की देखभाल और अपने बालों की चमक को बरकार रखना चाहते हैं, तो आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे इन 4 आसान तरीकों को अपना सकते हैं। आपको बता दें, कि यह आपके बालों की चमक को बरकरार रखने और अच्छे तरीके से देखभाल करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल के आसान तरीके 

बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल करने के लिए इन 4 तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि 

1. घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करें 

दरअसल, प्रदूषण जैसी स्थिति में, आपको इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि जब भी आप किसी भी काम के लिए बाहर जाते हैं, तो आपको पूरी कोशिश करनी चाहिए, कि आप किसी स्कार्फ या फिर दुपट्टे से अपने बालों को अच्छे तरीके से कवर करके रखें। दरअसल, अगर आप बाहर जाते वक्त ऐसा नहीं करते हैं, तो हवा में मौजूद धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स स्कैल्प और बालों पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से बाल डेमेज और झड़ने लग जाते हैं। 

2. स्कैल्प को अच्छे से साफ करें

दरअसल, कई महिलाएं ऐसी होती है, जिन को बाहर का काम काफी ज्यादा होता है और इसी वजह से वह अपने बालों को वॉश नहीं कर पाती हैं, जो कि उनके बालों के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में, लगातार बाहर जाने और 2 दिन से हेयर वॉश न करने पर स्कैल्प पर खुजली, इरिटेशन और फोड़े जैसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, कि आप अपनी स्कैल्प की अच्छे तरीके से सफाई करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको इन समस्यायों के साथ-साथ डैंड्रफ होने की समस्या की भी सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। 

3. स्कैल्प को करें नरिश 

दरअसल, बढ़ते पॉल्यूशन के दौरान अपनी स्कैल्प और बालों को पोषण देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इसका मतलब यह है, कि हफ्ते में दो से तीन बार आप अपने बालों में तेल लगाएं। क्योंकि प्रदूषण जैसी स्थिति में, हमारे बाल बहुत ही ज्यादा रूखे और बेजान से हो जाते हैं, जिसके लिए  तेल एक ढाल की तरह काम करता है। इसलिए, प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए अपनी स्कैल्प को नरिश करें। 

4. हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें

आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि  प्रदूषण से बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर आप रोजाना ड्रायर या फिर स्ट्रेटनर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, या फिर अपने बालों को रंग करते हैं, तो यह आपके बालों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। इसलिए, अपने बालों पर इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। अगर प्रदूषण की वजह से आपके बाल बहुत ही ज्यादा झड़ रहे हैं, तो नीम के पानी से बाल धोएं, नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प को इन्फेक्शन से बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। 

निष्कर्ष:

बढ़ते प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए, आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों की समस्या गंभीर होने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी, या फिर अगर आपको भी बालों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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क्या आप भी सर्दियों में रूखी त्वचा से छुटकारा पाना चाहते हैं? तो इन 2 तरीकों से मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें

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मौसम चाहे जो भी हो, लोग किसी न किसी समस्या से पीड़ित रहते ही हैं। दरअसल, सर्दियों के मौसम में काफी ठंडी हवाओं और मौसम में नमी की कमी की वजह से एक व्यक्ति को त्वचा से जुडी समस्याओं का होना बहुत आम बात होती है। आम तौर पर, इस मौसम के दौरान एक व्यक्ति की त्वचा की नेचुरल नमी खोने लग जाती है, जिसमें ज्यादातर त्वचा का फटना, त्वचा में रूखापन आना, खुजली होना और कभी-कभी रेशैज पड़ना जैसी समस्या शामिल हो सकती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, ज्यादातर लोग अपनी त्वचा को सेहतमंद रखने, मॉइस्चराइज करने और समस्यायों से दूर रखने के लिए कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं। हालाँकि, इस तरह की स्थिति में कई लोग ऐसे भी हैं, जो सर्दियों के मौसम में अपनी त्वचा को सेहतमंद और डेली मॉइस्चराइज रखने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल एक व्यक्ति की त्वचा के लिए काफी ज्यादा बढ़िया विकल्प माना जाता है। क्योंकि आम तौर पर, इसमें विटामिन ई, ओमेगा-6 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और मॉइश्चराइजिंग जैसे गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आम तौर पर, इसमें पाई जाने वाली यह सभी चीजें, एक व्यक्ति की त्वचा को काफी ज्यादा पोषण प्रदान करती हैं और इसके साथ ही सर्दियों की वजह से होने वाले त्वचा के रूखेपन को कम करने में क़ाफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि क्या सर्दियों में ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए मूंगफली का उपयोग किन तरीकों से किया जा सकता है?

ड्राई स्किन पर मूंगफली का तेल कैसे लगाएं?

दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, ड्राई स्किन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कई तरीकों से मूंगफली के तेल का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. नहाने से पहले बॉडी मसाज करें 

आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल हमारी त्वचा में गहराई तक जाकर उसको काफी ज्यादा पोषण प्रदान करता है। आम तौर पर, सर्दियों के मौसम में नहाने से पहले अपने शरीर की हल्के गुनगुने मूंगफली के तेल से मालिश करना काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, यह त्वचा की नमी को बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इससे मालिश करने पर हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, आम तौर पर, जिसकी सहायता से त्वचा सेहतमंद और ग्लोइंग बनी रहती है। इसे लगाकर नहाने के बाद, आपको अपनी त्वचा मुलायम महसूस होगी और लंबे समय तक आपकी त्वचा ड्राई नहीं होगी। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक छोटे से बर्तन में मूंगफली के तेल को हल्का गर्म करें और इसके साथ ही अपने पुरे शरीर पर 10 मिनट तक मालिश करें। इसको लगाने के बाद गुनगुने पानी से नहा लें।

2. हाथ और पैरों के लिए मॉइस्चराइजर

आपको बता दें कि सर्दियों के मौसम में, ज्यादातर लोगों के हाथ और पैर सबसे ज्यादा ड्राई और बेजान दिखने लग जाते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थति में, घुटनों और एड़ीओं में काफी ज्यादा दरारे पड़ने लग जाती है, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल डीप-मॉइस्चराइजिंग ऑयल के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए आप रात की नींद लेने से पहले अपने हाथ पैरों को अच्छे तरीके से धो कर साफ़ कर लें, और इसके बाद मूंगफली के तेल से अपने हाथ पैरों की मालिश करें। 

निष्कर्ष: सर्दियों में मूंगफली का तेल आपको ड्राई स्किन जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है। यह रूखी और बेजान त्वचा को ठीक करने, पोषण प्रदान करने और साथ में नेचुरल तरीके से ग्लोइंग बनाने में सहायता प्रदान करता है। इसके बारे ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज पाने के लिए आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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आँखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स? डॉक्टर से जानें इसके कारण, जोखिम कारक और उपचार के तरीके

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आज के समय में, लोगों को आंखों की समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। जैसे कि आंखों के नीचे काले घेरों का होना। आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखी जाती है। लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय है, जो आम तौर पर सभी उम्र, लिंग और साथ में सभी नस्ल के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें, कि इस समस्या के आम होने के बावजूद भी डार्क सर्कल के पीछे के सही कारणों  के बारे में पता करना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसके बारे में, कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हुए हैं। तो आज इसी लेख के माध्यम से हम इस के डॉक्टर से इसके बारे में, कि यह क्यों होते हैं, इसका कारण क्या हो सकते हैं,  इन्हें और बदतर बनाने वाले जोखिम कारक क्या होते हैं और इस समस्या के मौजूद सबसे असरदार इलाज के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। 

आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं?

आम तौर पर बहुत सारे लोगों को आँखों में समस्या कई कारणों से हो सकती है, ठीक उसी तरह लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जो हमेशा एक साथ होकर काम करते हैं। असल में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और उन्हें कंट्रोल में रखने के लिए इन कारणों के बारे में अच्छे तरीके से समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आम तौर पर, इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. परिवार में पहले से ही डार्क सर्कल्स जैसी समस्या का इतिहास (आनुवंशिकी) होना। 

2. एक्जिमा और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशन होना। 

3. अपनी आँखों हर 5 मिनट बाद बार-बार रगड़ना या फिर छूना। 

4. नींद की कमी होना। 

5. हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का होना। 

6. पर्याप्त पानी का सेवन न करना। 

7. खराब आहार, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करना। 

8. एलर्जिक रिएक्शन होना (जैसे हे फीवर)।

9. आंखों के आसपास वसायुक्त ऊतक का कम हो जाना। 

10 किसी व्यक्ति की आंखों के नीचे की त्वचा का पतला होना। 

11. आयरन की कमी या फिर एनीमिया होना। 

12. ज्यादातर धूप में रहना। 

13. थायराइड की समस्याएं होना। 

आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारक क्या हैं?

आज के समय में, आंखों के नीचे काले घेरे होने की समस्या किसी को भी हो सकती है। पर आम तौर पर, कुछ जोखिम कारक इस तरह की समस्या के होने की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. गहरे रंग की त्वचा का होना। 

2. उम्र में बढ़ोतरी होना। 

3. डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना। 

आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज कैसे किया जाता है?

आपको बता दें, कि आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जा सकता है। इस तरह की समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके उपचारों में शामिल में जैसे कि 

. घरेलू उपचार 

1. पर्याप्त और एक अच्छी नींद लें। 

2. ज़्यादा तकिए का इस्तेमाल करें।

3. रोजाना ठंडी सिकाई करें। 

4. नियमित अपने चेहरे का फेशियल करें। 

5. मेकअप के लिए कंसीलर और कलर करेक्टर का इस्तेमाल करें। 

. मेडिकल उपचार 

1. सामयिक क्रीम और ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करना। 

2. अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) युक्त हल्के रासायनिक छिलकों का इस्तेमाल करना। 

3. लेजर थेरेपी। 

4. पलक की सर्जरी। 

5. प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) इंजेक्शन देना। 

6. सामयिक विटामिन सी का इस्तेमाल करना। 

निष्कर्ष

ज्यादातर वृद्ध लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या होना एक आम बात है। आँखों के नीचे काले घेरे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना और आँखों को बार बार रगड़ना आदि। आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जाता है। इस समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर आपको भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Sensitive woman experiencing facial pain or skin irritation, seeking skincare or dermatology treatment at VJ Clinics.

आँखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स? डॉक्टर से जानें इसके कारण, जोखिम कारक और उपचार के तरीके

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आज के समय में, लोगों को आंखों की समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। जैसे कि आंखों के नीचे काले घेरों का होना। आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखी जाती है। लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय है, जो आम तौर पर सभी उम्र, लिंग और साथ में सभी नस्ल के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें, कि इस समस्या के आम होने के बावजूद भी डार्क सर्कल के पीछे के सही कारणों  के बारे में पता करना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसके बारे में, कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हुए हैं। तो आज इसी लेख के माध्यम से हम इस के डॉक्टर से इसके बारे में, कि यह क्यों होते हैं, इसका कारण क्या हो सकते हैं,  इन्हें और बदतर बनाने वाले जोखिम कारक क्या होते हैं और इस समस्या के मौजूद सबसे असरदार इलाज के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। 

आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं?

आम तौर पर बहुत सारे लोगों को आँखों में समस्या कई कारणों से हो सकती है, ठीक उसी तरह लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जो हमेशा एक साथ होकर काम करते हैं। असल में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और उन्हें कंट्रोल में रखने के लिए इन कारणों के बारे में अच्छे तरीके से समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आम तौर पर, इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. परिवार में पहले से ही डार्क सर्कल्स जैसी समस्या का इतिहास (आनुवंशिकी) होना। 

2. एक्जिमा और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशन होना। 

3. अपनी आँखों हर 5 मिनट बाद बार-बार रगड़ना या फिर छूना। 

4. नींद की कमी होना। 

5. हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का होना। 

6. पर्याप्त पानी का सेवन न करना। 

7. खराब आहार, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करना। 

8. एलर्जिक रिएक्शन होना (जैसे हे फीवर)।

9. आंखों के आसपास वसायुक्त ऊतक का कम हो जाना। 

10 किसी व्यक्ति की आंखों के नीचे की त्वचा का पतला होना। 

11. आयरन की कमी या फिर एनीमिया होना। 

12. ज्यादातर धूप में रहना। 

13. थायराइड की समस्याएं होना। 

आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारक क्या हैं?

आज के समय में, आंखों के नीचे काले घेरे होने की समस्या किसी को भी हो सकती है। पर आम तौर पर, कुछ जोखिम कारक इस तरह की समस्या के होने की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. गहरे रंग की त्वचा का होना। 

2. उम्र में बढ़ोतरी होना। 

3. डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना। 

आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज कैसे किया जाता है?

आपको बता दें, कि आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जा सकता है। इस तरह की समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके उपचारों में शामिल में जैसे कि 

. घरेलू उपचार 

1. पर्याप्त और एक अच्छी नींद लें। 

2. ज़्यादा तकिए का इस्तेमाल करें।

3. रोजाना ठंडी सिकाई करें। 

4. नियमित अपने चेहरे का फेशियल करें। 

5. मेकअप के लिए कंसीलर और कलर करेक्टर का इस्तेमाल करें। 

. मेडिकल उपचार 

1. सामयिक क्रीम और ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करना। 

2. अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) युक्त हल्के रासायनिक छिलकों का इस्तेमाल करना। 

3. लेजर थेरेपी। 

4. पलक की सर्जरी। 

5. प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) इंजेक्शन देना। 

6. सामयिक विटामिन सी का इस्तेमाल करना। 

निष्कर्ष

ज्यादातर वृद्ध लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या होना एक आम बात है। आँखों के नीचे काले घेरे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना और आँखों को बार बार रगड़ना आदि। आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जाता है। इस समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर आपको भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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हाइपरपिग्मेंटेशन क्या है? इसके प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज के बारे में, डॉक्टर से जानें

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आज के समय में, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या काफी लोगों को परेशान कर रही है। आम तौर पर, यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है। बता दें, कि हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या से एक व्यक्ति को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिस में आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास का प्रभावित होना शामिल होता है। पर जो व्यक्ति इस तरह की समस्या से जूझ रहें हैं, दरअसल उनके लिए एक अच्छी खबर यह है, कि हाइपरपिग्मेंटेशन के लिए कई तरह के प्रभावशाली उपचार उपलब्ध हैं। अपनी त्वचा की सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से आप एक समान त्वचा का रंग प्राप्त कर सकते हैं। आम तौर पर, अगर आप या फिर आपके जानने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का सामना कर रहा है, तो यह लेख आपके और उसके लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, इस दौरान कई लोग सोचते हैं, कि आखिर यह हाइपरपिग्मेंटेशन होता क्या है? तो आइये लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं और साथ ही इसके प्रकार लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

हाइपरपिग्मेंटेशन क्या है?

आपको बता दें कि हाइपरपिग्मेंटेशन एक तरह से, त्वचा से जुड़ी स्थिति है, जिस में आम तौर पर एक व्यक्ति की त्वचा का रंग काला सा हो जाता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब मेलेनिन का काफी ज्यादा उत्पादन और जमाव त्वचा में होना शुरू हो जाता है, जो कि चमड़ी के रंग के लिए ज़िम्मेदार वर्णक होते हैं। आम तौर पर, काले धब्बों, दागों या फिर असमान रंग के रूप में एक व्यक्ति के चहरे पर हाइपरपिग्मेंटेशन नज़र आ सकता है। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या कई कारणों से एक व्यक्ति को परेशान कर सकती है, जिसमें एक व्यक्ति का धूप में निकलना, हार्मोनल परिवर्तन, सूजन और कुछ दवाइयाँ शामिल होती हैं। आपको बता दें, कि हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार में, मेलास्मा, उम्र के धब्बे और सूजन के बाद होने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन शामिल होता है, आम तौर पर, जो त्वचा की चोटों या मुहांसों के बाद उत्पन्न होता है। हालांकि, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या ज्यादा नुकसानदायक नहीं होती है, पर, यह एक व्यक्ति के आत्म-सम्मान को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती है। 

हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार क्या हैं?

हाइपरपिग्मेंटेशन के मुख्य प्रकारों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. मेलास्मा

2. पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन 

3. उम्र के धब्बे (लेंटिगाइन्स)

4. झाइयां 

5. सूर्य के धब्बे

6. दवा-प्रेरित हाइपरपिग्मेंटेशन

हाइपरपिग्मेंटेशन के कारण क्या है?

आम तौर पर, एक व्यक्ति के चेहरे पर हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या मेलेनिन के काफी ज्यादा उत्पादन के कारण होती है। दरअसल, मेलेनिन का काफी ज्यादा उत्पादन कई कारकों की वजह से हो सकता है, जिसमें शामिल हैं, जैसे कि 

1. ज्यादातर धूप में एक व्यक्ति का रहना। 

2. हार्मोनल परिवर्तन काफी ज्यादा होना। 

3. कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट होना। 

4. आनुवंशिक कारक होना। 

5. डॉक्टरी स्थितियां का होना। 

6. कोल टार जैसे कुछ रसायनों के संपर्क में आना। 

7. त्वचा की उम्र का बढ़ना। 

हाइपरपिग्मेंटेशन के संकेत और लक्षण क्या है?

हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार और कारण के आधार पर इसके खास संकेत और लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, पर इसके आम संकेतों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. काले धब्बे या फिर धब्बे होना 

2. एक व्यक्ति की असमान रंग की त्वचा होना 

3. रंग में अंतर होना

4. एक व्यक्ति त्वचा की बनावट में परिवर्तन होना 

5. समस्याओं के साथ में, आने वाले लक्षण

6. झाइयां का पड़ना। 

हाइपरपिग्मेंटेशन का इलाज कैसे किया जाता है?

आम तौर पर, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या के इलाज में ज्यादातर, पेशेवर उपचार, बिना डॉक्टर के पर्चे से मिलने वाली दवा, घरेलू उपचार और एक व्यक्ति की जीवन शैली में महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होते हैं। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या से निपटने के कुछ प्रभावी तरीके इस प्रकार दिए गए हैं, जिस में शामिल हैं, जैसे कि 

1. सामयिक उपचार। 

2. रासायनिक छीलन।

3. लेजर उपचार। 

4. सूर्य से अपनी त्वचा की सुरक्षा करें। 

5. अपनी स्किन को खरोंचने या नोचने से बचें। 

6. कोमल त्वचा देखभाल उत्पादों का इस्तेमाल करें। 

7. नियमित त्वचा देखभाल करें। 

8. त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें। 

9. स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखें। 

निष्कर्ष

हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या आज के समय में काफी लोगों को परेशान कर रही है। यह समस्या महिला और पुरुष दोनों को हो सकती है। हाइपरपिग्मेंटेशन एक तरह से, त्वचा से जुड़ी स्थिति है, जिस में एक व्यक्ति की त्वचा का रंग काला सा हो जाता है। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या कई कारणों से हो सकती है, जिसमें एक व्यक्ति का धूप में निकलना, हार्मोनल परिवर्तन, सूजन और कुछ दवाइयां शामिल होती हैं। हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार में, मेलास्मा, उम्र के धब्बे और सूजन के बाद होने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन शामिल होता है। इस समस्या के लगातार गंभीर मामलों में, पेशेवर मार्गदर्शन आवश्यक होता है। अपनी स्किन को धूप से बचाना, लक्षित ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करना और रोजाना अपनी त्वचा की देखभाल करना जैसे सक्रिय कदम हाइपरपिग्मेंटेशन को कंट्रोल करने और इसे कम करने में मदद कर सकते हैं। अगर आपको भी हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Women with hemorrhoids

लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित उपचार, डॉक्टर से जाने इसके कारण, लक्षण, लागत और रोकथाम के तरीके

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आज के समय में, हर कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। जैसे कि बवासीर की समस्या होना। यह एक व्यापक बिमारी है, जो दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। इस तरह की समस्या से पीड़त लोगों के लिए यह स्थिति एक दर्दनाक और कष्टदायक भी हो सकती है। हालाँकि, आम तौर पर इसके बहुत सारे इलाज विकल्प उपलब्ध हैं, पर बवासीर जैसी समस्या के लिए लेज़र और RFA उपचार अपनी प्रभावशीलता और अपने कम से कम आक्रमण की वजह से एक लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभर कर सामने आएं हैं। तो इस लेख के माध्यम से हम इसके डॉक्टर से जानेगे कि आखिर बवासीर क्या होता है? साथ ही लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित उपचार कैसे किया जाता है, इसके लक्षण, लागत और रोकथाम के कौन से तरीके होते हैं? 

बवासीर क्या है?

बवासीर या पाइल्स की समस्या तब होती है, जब मलाशय या फिर गुदा के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। इस तरह की समस्या में काफी ज्यादा दर्द होता है और यह दर्द केवल शरीर को ही नहीं बल्कि दिमाग और जीवनशैली दोनों को प्रभावित करता है। दरअसल, यह दो प्रकार का होता है:

1. आंतरिक बवासीर 

2. बाहरी बवासीर 

बवासीर होने के मुख्य कारण क्या होते हैं?

1. कब्ज और कठोर मल का होना। 

2. लंबे समय तक बैठकर काम करते रहना। 

3. फाइबर की कमी वाली खुराक का सेवन करना। 

4. गर्भावस्था। 

5. मोटापा होना। 

6. तनाव और कम पानी का सेवन करना। 

बवासीर होने के सामान्य लक्षण 

1. मल करते वक्त काफी ज्यादा दर्द और जलन का होना। 

2. काफी ज्यादा खून आना। 

3. गुदा क्षेत्र में गांठ या फिर सूजन का होना। 

4. ज्यादातर खुजली और तकलीफ का होना। 

लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित इलाज कैसे होता है?

आपको बता दें, कि लेज़र और आरएफए तकनीक के माध्यम से, आज के समय में, बवासीर का इलाज सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी तरीका माना जाता है, दरअसल, जिस में मरीज इलाज के सिर्फ कुछ ही घंटों बाद अपने घर पर वापस जा सकता है और साथ ही, वह बहुत जल्दी अपनी आम गतिविधियों में आ जाता है। 

1. लेज़र उपचार: 

आपको बता दें, कि हाई-एनर्जी लेज़र किरणें केवल सूजी हुई नसों पर ही काम करती हैं। 

2. इस दौरान आसपास के टिश्यू यों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। 

3. इस उपचार के दौरान कट, टांका और किसी भी तरह का कोई बड़ा घाव नहीं बनता है। 

2. आरएफए उपचार:

1. इस प्रक्रिया के दौरान, रेडियो वेव्स की सहायता से नसों को सिकोड़कर एक सामान्य आकार में लेकर आया जाता है। 

2. इस प्रक्रिया में खून बहने और साथ ही दर्द होने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। 

3. आरएफए प्रक्रिया एक तेज़ और सुरक्षित प्रक्रिया होती है। 

लेज़र और आरएफए उपचार की लागत

कृपया इस बात पर ध्यान दें कि उपचार की लागत शहर, बवासीर की स्टेज और अस्पताल के अनुसार अलग-अलग होती है।

1. इसकी लागत आम तौर पर, ₹28,000 से ₹75,000 के बीच होती है।

2. दरअसल, बहुत सारे अस्पताल कैशलेस बीमा और ईएमआई की सुविधा को भी प्रदान करते हैं।

बवासीर की समस्या के लिए राहत और रोकथाम के तरीके 

इस तरह की समस्या को रोकने के लिए, कुछ तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि 

1. रोजाना 8 से 10 गिलास पानी को पीना 

2. इस दौरान अपने रोजाना के आहार में फाइबर (सलाद, ओट्स दालें, फल) की मात्रा को बढ़ाना। 

3. इस दौरान आप कब्ज जैसी समस्या से अपना बचाव करने के लिए इसबगोल या फिर लैक्टुलोज का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

4. इस तरह की समस्या को कंट्रोल करने के लिए आप रोजाना 30 मिनट तक के लिए वॉक कर सकते हैं। 

5. इस दौरान लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठे रहें। 

निष्कर्ष:

आज के समय में हर कोई किसी न किसी समस्या पीड़ित है। बवासीर एक व्यापक बीमारी है, जो दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। दरअसल, लोगों के लिए यह स्थिति एक दर्दनाक और कष्टदायक भी हो सकती है। बवासीर की समस्या तब होती है, जब मलाशय या फिर गुदा के आसपास की नसें सूज जाती है। किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या होना कोई शर्म की बात नहीं होती है। किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या होना कोई शर्म की बात नहीं होती है। आम तौर पर, इसका पुरे तरीके से इलाज लेज़र और आरएफए तकनीक के माध्यम से किया जा सकता है, जो कि एक सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी तरीका है। इस बीमारी का इलाज बिना किसी दर्द और बिना किसी लम्बी रिकवरी के किया जाना संभव है। अगर आपको या फिर आपके किसी करीबी को इस तरह की कोई समस्या है, तो आप लेज़र या RFA जैसे सुरक्षित और भरोसेमंद उपचारों को चुन सकते हैं और साथ में डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं। अगर आप इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।