प्रदूषण में बालों की देखभाल के असरदार उपाय
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Category: Hindi

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क्या बढ़ते प्रदूषण में इन 4 तरीकों से बालों की देखभाल की जा सकती है? जानें डॉक्टर से

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आम तौर पर, फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों को कोई तरह की समस्यायों का सामान करना पड़ता है. दरअसल, यह समस्याएं न केवल लोगों के स्वस्थ से जुडी होती हैं बल्कि यह त्वचा और बालों से भी जुड़ी हो सकती हैं। आम तौर पर, अक्सर अपने यह देखा ही होगा, कि घर से बाहर निकले ही आपको इतना ज्यादा पॉल्यूशन का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से आपकी त्वचा और बाल काफी ज्यादा  प्रभावित हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से हवा में धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स हर वक्त उपलब्ध रहते हैं। जो बाहर जाने पर, हमारे बालों और स्कैल्प पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से हमारे बाल डल और बेजान हो जाते हैं। 

दरअसल, अब इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति कर ही क्या सकता है, क्योंकि हर किसी को, किसी न किसी काम के लिए ऑफिस जाना ही पड़ता है। तो इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है, कि बढ़ते पॉल्युशन में बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है? तो इसके लिए कई तरीके उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने बालों की देखभाल कर सकते हैं। तो ऐसे में, वह कौन से तरीके हो सकते हैं, जिन से बालों की देखभाल की जा सकती है? दरअसल, अगर आप इस बढ़ते प्रदूषण के बीच अपने बालों की देखभाल और अपने बालों की चमक को बरकार रखना चाहते हैं, तो आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे इन 4 आसान तरीकों को अपना सकते हैं। आपको बता दें, कि यह आपके बालों की चमक को बरकरार रखने और अच्छे तरीके से देखभाल करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल के आसान तरीके 

बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल करने के लिए इन 4 तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि 

1. घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करें 

दरअसल, प्रदूषण जैसी स्थिति में, आपको इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि जब भी आप किसी भी काम के लिए बाहर जाते हैं, तो आपको पूरी कोशिश करनी चाहिए, कि आप किसी स्कार्फ या फिर दुपट्टे से अपने बालों को अच्छे तरीके से कवर करके रखें। दरअसल, अगर आप बाहर जाते वक्त ऐसा नहीं करते हैं, तो हवा में मौजूद धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स स्कैल्प और बालों पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से बाल डेमेज और झड़ने लग जाते हैं। 

2. स्कैल्प को अच्छे से साफ करें

दरअसल, कई महिलाएं ऐसी होती है, जिन को बाहर का काम काफी ज्यादा होता है और इसी वजह से वह अपने बालों को वॉश नहीं कर पाती हैं, जो कि उनके बालों के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में, लगातार बाहर जाने और 2 दिन से हेयर वॉश न करने पर स्कैल्प पर खुजली, इरिटेशन और फोड़े जैसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, कि आप अपनी स्कैल्प की अच्छे तरीके से सफाई करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको इन समस्यायों के साथ-साथ डैंड्रफ होने की समस्या की भी सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। 

3. स्कैल्प को करें नरिश 

दरअसल, बढ़ते पॉल्यूशन के दौरान अपनी स्कैल्प और बालों को पोषण देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इसका मतलब यह है, कि हफ्ते में दो से तीन बार आप अपने बालों में तेल लगाएं। क्योंकि प्रदूषण जैसी स्थिति में, हमारे बाल बहुत ही ज्यादा रूखे और बेजान से हो जाते हैं, जिसके लिए  तेल एक ढाल की तरह काम करता है। इसलिए, प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए अपनी स्कैल्प को नरिश करें। 

4. हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें

आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि  प्रदूषण से बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर आप रोजाना ड्रायर या फिर स्ट्रेटनर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, या फिर अपने बालों को रंग करते हैं, तो यह आपके बालों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। इसलिए, अपने बालों पर इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। अगर प्रदूषण की वजह से आपके बाल बहुत ही ज्यादा झड़ रहे हैं, तो नीम के पानी से बाल धोएं, नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प को इन्फेक्शन से बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। 

निष्कर्ष:

बढ़ते प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए, आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों की समस्या गंभीर होने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी, या फिर अगर आपको भी बालों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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क्या आप भी सर्दियों में रूखी त्वचा से छुटकारा पाना चाहते हैं? तो इन 2 तरीकों से मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें

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मौसम चाहे जो भी हो, लोग किसी न किसी समस्या से पीड़ित रहते ही हैं। दरअसल, सर्दियों के मौसम में काफी ठंडी हवाओं और मौसम में नमी की कमी की वजह से एक व्यक्ति को त्वचा से जुडी समस्याओं का होना बहुत आम बात होती है। आम तौर पर, इस मौसम के दौरान एक व्यक्ति की त्वचा की नेचुरल नमी खोने लग जाती है, जिसमें ज्यादातर त्वचा का फटना, त्वचा में रूखापन आना, खुजली होना और कभी-कभी रेशैज पड़ना जैसी समस्या शामिल हो सकती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, ज्यादातर लोग अपनी त्वचा को सेहतमंद रखने, मॉइस्चराइज करने और समस्यायों से दूर रखने के लिए कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं। हालाँकि, इस तरह की स्थिति में कई लोग ऐसे भी हैं, जो सर्दियों के मौसम में अपनी त्वचा को सेहतमंद और डेली मॉइस्चराइज रखने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल एक व्यक्ति की त्वचा के लिए काफी ज्यादा बढ़िया विकल्प माना जाता है। क्योंकि आम तौर पर, इसमें विटामिन ई, ओमेगा-6 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और मॉइश्चराइजिंग जैसे गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आम तौर पर, इसमें पाई जाने वाली यह सभी चीजें, एक व्यक्ति की त्वचा को काफी ज्यादा पोषण प्रदान करती हैं और इसके साथ ही सर्दियों की वजह से होने वाले त्वचा के रूखेपन को कम करने में क़ाफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि क्या सर्दियों में ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए मूंगफली का उपयोग किन तरीकों से किया जा सकता है?

ड्राई स्किन पर मूंगफली का तेल कैसे लगाएं?

दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, ड्राई स्किन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कई तरीकों से मूंगफली के तेल का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. नहाने से पहले बॉडी मसाज करें 

आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल हमारी त्वचा में गहराई तक जाकर उसको काफी ज्यादा पोषण प्रदान करता है। आम तौर पर, सर्दियों के मौसम में नहाने से पहले अपने शरीर की हल्के गुनगुने मूंगफली के तेल से मालिश करना काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, यह त्वचा की नमी को बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इससे मालिश करने पर हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, आम तौर पर, जिसकी सहायता से त्वचा सेहतमंद और ग्लोइंग बनी रहती है। इसे लगाकर नहाने के बाद, आपको अपनी त्वचा मुलायम महसूस होगी और लंबे समय तक आपकी त्वचा ड्राई नहीं होगी। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक छोटे से बर्तन में मूंगफली के तेल को हल्का गर्म करें और इसके साथ ही अपने पुरे शरीर पर 10 मिनट तक मालिश करें। इसको लगाने के बाद गुनगुने पानी से नहा लें।

2. हाथ और पैरों के लिए मॉइस्चराइजर

आपको बता दें कि सर्दियों के मौसम में, ज्यादातर लोगों के हाथ और पैर सबसे ज्यादा ड्राई और बेजान दिखने लग जाते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थति में, घुटनों और एड़ीओं में काफी ज्यादा दरारे पड़ने लग जाती है, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल डीप-मॉइस्चराइजिंग ऑयल के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए आप रात की नींद लेने से पहले अपने हाथ पैरों को अच्छे तरीके से धो कर साफ़ कर लें, और इसके बाद मूंगफली के तेल से अपने हाथ पैरों की मालिश करें। 

निष्कर्ष: सर्दियों में मूंगफली का तेल आपको ड्राई स्किन जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है। यह रूखी और बेजान त्वचा को ठीक करने, पोषण प्रदान करने और साथ में नेचुरल तरीके से ग्लोइंग बनाने में सहायता प्रदान करता है। इसके बारे ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज पाने के लिए आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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आँखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स? डॉक्टर से जानें इसके कारण, जोखिम कारक और उपचार के तरीके

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आज के समय में, लोगों को आंखों की समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। जैसे कि आंखों के नीचे काले घेरों का होना। आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखी जाती है। लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय है, जो आम तौर पर सभी उम्र, लिंग और साथ में सभी नस्ल के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें, कि इस समस्या के आम होने के बावजूद भी डार्क सर्कल के पीछे के सही कारणों  के बारे में पता करना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसके बारे में, कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हुए हैं। तो आज इसी लेख के माध्यम से हम इस के डॉक्टर से इसके बारे में, कि यह क्यों होते हैं, इसका कारण क्या हो सकते हैं,  इन्हें और बदतर बनाने वाले जोखिम कारक क्या होते हैं और इस समस्या के मौजूद सबसे असरदार इलाज के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। 

आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं?

आम तौर पर बहुत सारे लोगों को आँखों में समस्या कई कारणों से हो सकती है, ठीक उसी तरह लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जो हमेशा एक साथ होकर काम करते हैं। असल में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और उन्हें कंट्रोल में रखने के लिए इन कारणों के बारे में अच्छे तरीके से समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आम तौर पर, इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. परिवार में पहले से ही डार्क सर्कल्स जैसी समस्या का इतिहास (आनुवंशिकी) होना। 

2. एक्जिमा और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशन होना। 

3. अपनी आँखों हर 5 मिनट बाद बार-बार रगड़ना या फिर छूना। 

4. नींद की कमी होना। 

5. हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का होना। 

6. पर्याप्त पानी का सेवन न करना। 

7. खराब आहार, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करना। 

8. एलर्जिक रिएक्शन होना (जैसे हे फीवर)।

9. आंखों के आसपास वसायुक्त ऊतक का कम हो जाना। 

10 किसी व्यक्ति की आंखों के नीचे की त्वचा का पतला होना। 

11. आयरन की कमी या फिर एनीमिया होना। 

12. ज्यादातर धूप में रहना। 

13. थायराइड की समस्याएं होना। 

आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारक क्या हैं?

आज के समय में, आंखों के नीचे काले घेरे होने की समस्या किसी को भी हो सकती है। पर आम तौर पर, कुछ जोखिम कारक इस तरह की समस्या के होने की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. गहरे रंग की त्वचा का होना। 

2. उम्र में बढ़ोतरी होना। 

3. डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना। 

आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज कैसे किया जाता है?

आपको बता दें, कि आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जा सकता है। इस तरह की समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके उपचारों में शामिल में जैसे कि 

. घरेलू उपचार 

1. पर्याप्त और एक अच्छी नींद लें। 

2. ज़्यादा तकिए का इस्तेमाल करें।

3. रोजाना ठंडी सिकाई करें। 

4. नियमित अपने चेहरे का फेशियल करें। 

5. मेकअप के लिए कंसीलर और कलर करेक्टर का इस्तेमाल करें। 

. मेडिकल उपचार 

1. सामयिक क्रीम और ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करना। 

2. अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) युक्त हल्के रासायनिक छिलकों का इस्तेमाल करना। 

3. लेजर थेरेपी। 

4. पलक की सर्जरी। 

5. प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) इंजेक्शन देना। 

6. सामयिक विटामिन सी का इस्तेमाल करना। 

निष्कर्ष

ज्यादातर वृद्ध लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या होना एक आम बात है। आँखों के नीचे काले घेरे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना और आँखों को बार बार रगड़ना आदि। आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जाता है। इस समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर आपको भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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आँखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स? डॉक्टर से जानें इसके कारण, जोखिम कारक और उपचार के तरीके

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आज के समय में, लोगों को आंखों की समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। जैसे कि आंखों के नीचे काले घेरों का होना। आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखी जाती है। लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय है, जो आम तौर पर सभी उम्र, लिंग और साथ में सभी नस्ल के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें, कि इस समस्या के आम होने के बावजूद भी डार्क सर्कल के पीछे के सही कारणों  के बारे में पता करना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसके बारे में, कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हुए हैं। तो आज इसी लेख के माध्यम से हम इस के डॉक्टर से इसके बारे में, कि यह क्यों होते हैं, इसका कारण क्या हो सकते हैं,  इन्हें और बदतर बनाने वाले जोखिम कारक क्या होते हैं और इस समस्या के मौजूद सबसे असरदार इलाज के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। 

आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं?

आम तौर पर बहुत सारे लोगों को आँखों में समस्या कई कारणों से हो सकती है, ठीक उसी तरह लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जो हमेशा एक साथ होकर काम करते हैं। असल में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और उन्हें कंट्रोल में रखने के लिए इन कारणों के बारे में अच्छे तरीके से समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आम तौर पर, इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. परिवार में पहले से ही डार्क सर्कल्स जैसी समस्या का इतिहास (आनुवंशिकी) होना। 

2. एक्जिमा और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशन होना। 

3. अपनी आँखों हर 5 मिनट बाद बार-बार रगड़ना या फिर छूना। 

4. नींद की कमी होना। 

5. हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का होना। 

6. पर्याप्त पानी का सेवन न करना। 

7. खराब आहार, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करना। 

8. एलर्जिक रिएक्शन होना (जैसे हे फीवर)।

9. आंखों के आसपास वसायुक्त ऊतक का कम हो जाना। 

10 किसी व्यक्ति की आंखों के नीचे की त्वचा का पतला होना। 

11. आयरन की कमी या फिर एनीमिया होना। 

12. ज्यादातर धूप में रहना। 

13. थायराइड की समस्याएं होना। 

आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारक क्या हैं?

आज के समय में, आंखों के नीचे काले घेरे होने की समस्या किसी को भी हो सकती है। पर आम तौर पर, कुछ जोखिम कारक इस तरह की समस्या के होने की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

1. गहरे रंग की त्वचा का होना। 

2. उम्र में बढ़ोतरी होना। 

3. डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना। 

आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज कैसे किया जाता है?

आपको बता दें, कि आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जा सकता है। इस तरह की समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके उपचारों में शामिल में जैसे कि 

. घरेलू उपचार 

1. पर्याप्त और एक अच्छी नींद लें। 

2. ज़्यादा तकिए का इस्तेमाल करें।

3. रोजाना ठंडी सिकाई करें। 

4. नियमित अपने चेहरे का फेशियल करें। 

5. मेकअप के लिए कंसीलर और कलर करेक्टर का इस्तेमाल करें। 

. मेडिकल उपचार 

1. सामयिक क्रीम और ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करना। 

2. अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) युक्त हल्के रासायनिक छिलकों का इस्तेमाल करना। 

3. लेजर थेरेपी। 

4. पलक की सर्जरी। 

5. प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) इंजेक्शन देना। 

6. सामयिक विटामिन सी का इस्तेमाल करना। 

निष्कर्ष

ज्यादातर वृद्ध लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या होना एक आम बात है। आँखों के नीचे काले घेरे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना और आँखों को बार बार रगड़ना आदि। आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जाता है। इस समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर आपको भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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हाइपरपिग्मेंटेशन क्या है? इसके प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज के बारे में, डॉक्टर से जानें

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आज के समय में, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या काफी लोगों को परेशान कर रही है। आम तौर पर, यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है। बता दें, कि हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या से एक व्यक्ति को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिस में आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास का प्रभावित होना शामिल होता है। पर जो व्यक्ति इस तरह की समस्या से जूझ रहें हैं, दरअसल उनके लिए एक अच्छी खबर यह है, कि हाइपरपिग्मेंटेशन के लिए कई तरह के प्रभावशाली उपचार उपलब्ध हैं। अपनी त्वचा की सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से आप एक समान त्वचा का रंग प्राप्त कर सकते हैं। आम तौर पर, अगर आप या फिर आपके जानने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का सामना कर रहा है, तो यह लेख आपके और उसके लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, इस दौरान कई लोग सोचते हैं, कि आखिर यह हाइपरपिग्मेंटेशन होता क्या है? तो आइये लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं और साथ ही इसके प्रकार लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

हाइपरपिग्मेंटेशन क्या है?

आपको बता दें कि हाइपरपिग्मेंटेशन एक तरह से, त्वचा से जुड़ी स्थिति है, जिस में आम तौर पर एक व्यक्ति की त्वचा का रंग काला सा हो जाता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब मेलेनिन का काफी ज्यादा उत्पादन और जमाव त्वचा में होना शुरू हो जाता है, जो कि चमड़ी के रंग के लिए ज़िम्मेदार वर्णक होते हैं। आम तौर पर, काले धब्बों, दागों या फिर असमान रंग के रूप में एक व्यक्ति के चहरे पर हाइपरपिग्मेंटेशन नज़र आ सकता है। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या कई कारणों से एक व्यक्ति को परेशान कर सकती है, जिसमें एक व्यक्ति का धूप में निकलना, हार्मोनल परिवर्तन, सूजन और कुछ दवाइयाँ शामिल होती हैं। आपको बता दें, कि हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार में, मेलास्मा, उम्र के धब्बे और सूजन के बाद होने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन शामिल होता है, आम तौर पर, जो त्वचा की चोटों या मुहांसों के बाद उत्पन्न होता है। हालांकि, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या ज्यादा नुकसानदायक नहीं होती है, पर, यह एक व्यक्ति के आत्म-सम्मान को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती है। 

हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार क्या हैं?

हाइपरपिग्मेंटेशन के मुख्य प्रकारों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. मेलास्मा

2. पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन 

3. उम्र के धब्बे (लेंटिगाइन्स)

4. झाइयां 

5. सूर्य के धब्बे

6. दवा-प्रेरित हाइपरपिग्मेंटेशन

हाइपरपिग्मेंटेशन के कारण क्या है?

आम तौर पर, एक व्यक्ति के चेहरे पर हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या मेलेनिन के काफी ज्यादा उत्पादन के कारण होती है। दरअसल, मेलेनिन का काफी ज्यादा उत्पादन कई कारकों की वजह से हो सकता है, जिसमें शामिल हैं, जैसे कि 

1. ज्यादातर धूप में एक व्यक्ति का रहना। 

2. हार्मोनल परिवर्तन काफी ज्यादा होना। 

3. कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट होना। 

4. आनुवंशिक कारक होना। 

5. डॉक्टरी स्थितियां का होना। 

6. कोल टार जैसे कुछ रसायनों के संपर्क में आना। 

7. त्वचा की उम्र का बढ़ना। 

हाइपरपिग्मेंटेशन के संकेत और लक्षण क्या है?

हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार और कारण के आधार पर इसके खास संकेत और लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, पर इसके आम संकेतों में शामिल हैं, जैसे कि 

1. काले धब्बे या फिर धब्बे होना 

2. एक व्यक्ति की असमान रंग की त्वचा होना 

3. रंग में अंतर होना

4. एक व्यक्ति त्वचा की बनावट में परिवर्तन होना 

5. समस्याओं के साथ में, आने वाले लक्षण

6. झाइयां का पड़ना। 

हाइपरपिग्मेंटेशन का इलाज कैसे किया जाता है?

आम तौर पर, हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या के इलाज में ज्यादातर, पेशेवर उपचार, बिना डॉक्टर के पर्चे से मिलने वाली दवा, घरेलू उपचार और एक व्यक्ति की जीवन शैली में महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होते हैं। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या से निपटने के कुछ प्रभावी तरीके इस प्रकार दिए गए हैं, जिस में शामिल हैं, जैसे कि 

1. सामयिक उपचार। 

2. रासायनिक छीलन।

3. लेजर उपचार। 

4. सूर्य से अपनी त्वचा की सुरक्षा करें। 

5. अपनी स्किन को खरोंचने या नोचने से बचें। 

6. कोमल त्वचा देखभाल उत्पादों का इस्तेमाल करें। 

7. नियमित त्वचा देखभाल करें। 

8. त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें। 

9. स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखें। 

निष्कर्ष

हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या आज के समय में काफी लोगों को परेशान कर रही है। यह समस्या महिला और पुरुष दोनों को हो सकती है। हाइपरपिग्मेंटेशन एक तरह से, त्वचा से जुड़ी स्थिति है, जिस में एक व्यक्ति की त्वचा का रंग काला सा हो जाता है। हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या कई कारणों से हो सकती है, जिसमें एक व्यक्ति का धूप में निकलना, हार्मोनल परिवर्तन, सूजन और कुछ दवाइयां शामिल होती हैं। हाइपरपिग्मेंटेशन के प्रकार में, मेलास्मा, उम्र के धब्बे और सूजन के बाद होने वाला हाइपरपिग्मेंटेशन शामिल होता है। इस समस्या के लगातार गंभीर मामलों में, पेशेवर मार्गदर्शन आवश्यक होता है। अपनी स्किन को धूप से बचाना, लक्षित ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करना और रोजाना अपनी त्वचा की देखभाल करना जैसे सक्रिय कदम हाइपरपिग्मेंटेशन को कंट्रोल करने और इसे कम करने में मदद कर सकते हैं। अगर आपको भी हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Women with hemorrhoids

लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित उपचार, डॉक्टर से जाने इसके कारण, लक्षण, लागत और रोकथाम के तरीके

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आज के समय में, हर कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। जैसे कि बवासीर की समस्या होना। यह एक व्यापक बिमारी है, जो दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। इस तरह की समस्या से पीड़त लोगों के लिए यह स्थिति एक दर्दनाक और कष्टदायक भी हो सकती है। हालाँकि, आम तौर पर इसके बहुत सारे इलाज विकल्प उपलब्ध हैं, पर बवासीर जैसी समस्या के लिए लेज़र और RFA उपचार अपनी प्रभावशीलता और अपने कम से कम आक्रमण की वजह से एक लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभर कर सामने आएं हैं। तो इस लेख के माध्यम से हम इसके डॉक्टर से जानेगे कि आखिर बवासीर क्या होता है? साथ ही लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित उपचार कैसे किया जाता है, इसके लक्षण, लागत और रोकथाम के कौन से तरीके होते हैं? 

बवासीर क्या है?

बवासीर या पाइल्स की समस्या तब होती है, जब मलाशय या फिर गुदा के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। इस तरह की समस्या में काफी ज्यादा दर्द होता है और यह दर्द केवल शरीर को ही नहीं बल्कि दिमाग और जीवनशैली दोनों को प्रभावित करता है। दरअसल, यह दो प्रकार का होता है:

1. आंतरिक बवासीर 

2. बाहरी बवासीर 

बवासीर होने के मुख्य कारण क्या होते हैं?

1. कब्ज और कठोर मल का होना। 

2. लंबे समय तक बैठकर काम करते रहना। 

3. फाइबर की कमी वाली खुराक का सेवन करना। 

4. गर्भावस्था। 

5. मोटापा होना। 

6. तनाव और कम पानी का सेवन करना। 

बवासीर होने के सामान्य लक्षण 

1. मल करते वक्त काफी ज्यादा दर्द और जलन का होना। 

2. काफी ज्यादा खून आना। 

3. गुदा क्षेत्र में गांठ या फिर सूजन का होना। 

4. ज्यादातर खुजली और तकलीफ का होना। 

लेज़र और आरएफए से बवासीर का दर्द रहित इलाज कैसे होता है?

आपको बता दें, कि लेज़र और आरएफए तकनीक के माध्यम से, आज के समय में, बवासीर का इलाज सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी तरीका माना जाता है, दरअसल, जिस में मरीज इलाज के सिर्फ कुछ ही घंटों बाद अपने घर पर वापस जा सकता है और साथ ही, वह बहुत जल्दी अपनी आम गतिविधियों में आ जाता है। 

1. लेज़र उपचार: 

आपको बता दें, कि हाई-एनर्जी लेज़र किरणें केवल सूजी हुई नसों पर ही काम करती हैं। 

2. इस दौरान आसपास के टिश्यू यों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। 

3. इस उपचार के दौरान कट, टांका और किसी भी तरह का कोई बड़ा घाव नहीं बनता है। 

2. आरएफए उपचार:

1. इस प्रक्रिया के दौरान, रेडियो वेव्स की सहायता से नसों को सिकोड़कर एक सामान्य आकार में लेकर आया जाता है। 

2. इस प्रक्रिया में खून बहने और साथ ही दर्द होने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है। 

3. आरएफए प्रक्रिया एक तेज़ और सुरक्षित प्रक्रिया होती है। 

लेज़र और आरएफए उपचार की लागत

कृपया इस बात पर ध्यान दें कि उपचार की लागत शहर, बवासीर की स्टेज और अस्पताल के अनुसार अलग-अलग होती है।

1. इसकी लागत आम तौर पर, ₹28,000 से ₹75,000 के बीच होती है।

2. दरअसल, बहुत सारे अस्पताल कैशलेस बीमा और ईएमआई की सुविधा को भी प्रदान करते हैं।

बवासीर की समस्या के लिए राहत और रोकथाम के तरीके 

इस तरह की समस्या को रोकने के लिए, कुछ तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि 

1. रोजाना 8 से 10 गिलास पानी को पीना 

2. इस दौरान अपने रोजाना के आहार में फाइबर (सलाद, ओट्स दालें, फल) की मात्रा को बढ़ाना। 

3. इस दौरान आप कब्ज जैसी समस्या से अपना बचाव करने के लिए इसबगोल या फिर लैक्टुलोज का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

4. इस तरह की समस्या को कंट्रोल करने के लिए आप रोजाना 30 मिनट तक के लिए वॉक कर सकते हैं। 

5. इस दौरान लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठे रहें। 

निष्कर्ष:

आज के समय में हर कोई किसी न किसी समस्या पीड़ित है। बवासीर एक व्यापक बीमारी है, जो दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रभावित करती है। दरअसल, लोगों के लिए यह स्थिति एक दर्दनाक और कष्टदायक भी हो सकती है। बवासीर की समस्या तब होती है, जब मलाशय या फिर गुदा के आसपास की नसें सूज जाती है। किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या होना कोई शर्म की बात नहीं होती है। किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या होना कोई शर्म की बात नहीं होती है। आम तौर पर, इसका पुरे तरीके से इलाज लेज़र और आरएफए तकनीक के माध्यम से किया जा सकता है, जो कि एक सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी तरीका है। इस बीमारी का इलाज बिना किसी दर्द और बिना किसी लम्बी रिकवरी के किया जाना संभव है। अगर आपको या फिर आपके किसी करीबी को इस तरह की कोई समस्या है, तो आप लेज़र या RFA जैसे सुरक्षित और भरोसेमंद उपचारों को चुन सकते हैं और साथ में डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं। अगर आप इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

क्या हेयर ट्रांसप्लांट पतले बालों का इलाज कर सकता है?

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लोगों के बालों का पतला होना एक आम समस्या बनती जा रही है, अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो यह और भी गंभीर रूप से बालों के झड़ने का कारण बन सकता है और ऐसे ही दुनिया भर में लाखों पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित कर सकता है। लगातार बालों का पतला होना व्यक्ति के आत्मविश्वास पर भी असर डाल सकता है, जिससे तनाव, चिंता और आत्म-सम्मान में कमी है। आज के समय में अच्छी बात यह है कि बालों के उपचार के लिए यह कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं। उनमें से एक है हेयर ट्रांसप्लांटेशन, इस प्रक्रिया से हाल के वर्षों में, पतले होते बालों से पीड़ित कई व्यक्तियों के लिए एक बेहतरीन उपाय बन गया है। लेकिन क्या ये सभी के लिए सही है, इसमें हम हम चर्चा करेंगे की क्या हेयर ट्रांसप्लांट पतले बालों का इलाज कर सकता है?

हेयर ट्रांसप्लांट से पतले बालों का इलाज हो सकता है?

पतले बालों के इलाज के लिए हेयर ट्रांसप्लांटेशन को सबसे प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है। FUT (फॉलिक्युलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन) और FUE (फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन) प्रक्रिया आपके बालों को उनकी असली मोटाई में वापस ला सकती है, इसके दौरान चाहे आपके बाल लंबे हो। इसी वजह से ये प्रक्रिया सबसे लोकप्रिय हैं। 

ज्यादतर बाल का पतले होने का कारण वंशानुगत बाल झड़ना होता है, जैसे की महिला या पुरुष के बालों का झड़ना। 81.1% बाल ट्रांसप्लांट जेनेटिक बाल के झड़ने वाले लोगों के ऊपर किया जाता है, इसलिए अगर आपके बाल वंशानुगत हेयरलाइन के कारण पतले हो रहे हैं, तो हेयर ट्रांसप्लांट प्रकिरिया आपके लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। 

हेयर ट्रांसप्लांट को चुनना हर बार सही नहीं होता है, क्योंकि आपके बाल पतले होने के कई और कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसको चुनने से पहले सही निदान को प्राप्त करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। 

बालों के पतले होने के क्या कारण हैं?

बाल पतले होने के कई कारण हो सकते हैं उनमें से ही बाल पतले होने के सबसे आम कारणों में शामिल हैं:

  • महिला और पुरुष की उम्र बढ़ने के साथ-साथ बालों स्वाभाविक रूप से पतला होना शुरू हो जाता है। 
  • बालों की अच्छे से देखभाल न करने से बालों को नुकसान होता है। 
  • तनाव। 
  • पोषण के प्रति कमियां जैसे जिंक, प्रोटीन या आयरन की कमी। 
  • स्कारिंग एलोपेसिया, जिसमें सूजन के कारण बालों के रोम नष्ट हो जाते हैं। 

बालों के झड़ने को जल्दी से ठीक करने से और अक्सर इसका इलाज करना आसान हो जाता है, इसलिए आपको यदि संदेह है, तो बालों के झड़ने के विशेषज्ञ से निदान करवायें 

पतले हो रहे बालों के लिए हेयर ट्रांसप्लांट पर कब विचार करें?

  • जेनेटिक रूप से बाल झड़ने वाले रोगी। 
  • ऐसे व्यक्ति जिन को पुनर्निर्माण की जरूरतें हैं ( उदाहरण के लिए,घावों के निशानों को छुपाने के लिए बालों का प्रत्यारोपण करवाना) 
  • ट्रांसजेंडर लोग जो लिंग-पुष्टि बाल ट्रांसप्लांट सर्जरी की मांग कर रहे हैं। 

बालों का ट्रांसप्लांट तब काम करता है जब बाल शाफ्ट के बजाय जड़ों से पतले होते हैं अगर आपके बाल लंबे हैं और आपको सिर पर पतले होते दिखाई देते हैं, लेकिन स्कैल्प पर नहीं, तो आपके बालों की टूटने की सम्भावना ज्यादा है, न कि बालों के पतले होने की। ऐसे मामलों में हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती है। 

बाल ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में क्या होता है?

बाल ट्रांसप्लांट विधि का चुनाव आप खुद नहीं करते हैं, आपका सर्जन करता है, आप और आपके हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन आपके बालों की किस्म, बालों के झड़ने के स्तर और बालों की बहाली के लक्षणों के आधार पर ही आपके लिए सही हेयर ट्रांसप्लांट विधि चुनता है ,यह चुनने के लिए दो प्रकार की हेयर ट्रांसप्लांट तकनीक हैं: FUE या FUT.

  • एफयूई (फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन)

FUE बाल ट्रांसप्लांट सर्जरी अकसर बाल ट्रांसप्लांटेशन की अधिक पसंद की जाने वाली विधि है, क्योंकि इसमें जल्दी से जल्दी सुधार हो जाता है।

जहां मरीज के बाल के रोम स्वस्थ होते हैं और जेनेटिक बालों के झड़ने के अधीन नहीं होते हैं ( ये आम तोर पर सिर के पीछे या किनारों पर होता है) तो FUE हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में, सर्जन सुरक्षित डोनर क्षेत्र से ही बाल निकालता है। 

बाल ट्रांसप्लांट सर्जरी को पूरा होने में बस कुछ घंटों का ही वक़्त लगता है और इस सर्जरी के बाद मरीज अपने घर को वापिस जा सकता है। 

  • एफयूटी( फॉलिक्युलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन)

FUT ये प्रकिरिया हेयर ट्रांसप्लांट की दूसरी विधि है, FUT का पूरा नाम ( फॉलिक्युलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन) है। FUT हेयर ट्रांसप्लांट ऑपरेशन में, सर्जन डोनर साइट (फिर से, यह आमतौर पर सिर के पीछे या बगल में होता है) को चमड़ी की एक पट्टी को हटाता है जिस में व्यवहार्य, स्वस्थ बालों के रोम होते हैं। उसके बाद 

त्वचा की पट्टी को अलग-अलग हेयर ग्राफ्ट में बाँटा जाता है, फिर उन जगहों पर ट्रांसप्लांट किया जाता है, जहाँ पर बाल पतले और गंजे हो रहे हों। 

बाल ट्रांसप्लांट सर्जरी के दौरान त्वचा की एक पट्टी हटाने के परिणामस्वरूप, FUT बाल ट्रांसप्लांटेशन के लिए रिकवरी का समय लंबा हो सकता है, और ये आमतौर पर 7-14 दिनों तक रह सकता है। 

FUE और FUT दोनों बाल ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं में, मरीज़ ट्रांसप्लांट सर्जरी के 12-18 महीने बाद अपने ट्रांसप्लांट बालों के पूर्ण विकास के परिणाम देखने की उम्मीद कर सकता है। 

क्या हेयर ट्रांसप्लांट से बालों के टूटने का इलाज हो सकता है?

अक्सर लोग बालों के टूटने को ही बालों का पतला होना समझ लेते हैं, ये खास कर महिलाओं और लम्बे बालों वाले व्यक्तियों में होता है, बालों का टूटना उसको कहते हैं जब आपके बालों के शाफ्ट खराब हो जाते हैं, जिससे बालों के सिरे टूट जाते हैं। अगर ये आपके साथ बड़ी मात्रा में में हो रहा है तो इससे बालों के सिरे पतले दिखने लगते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट एक ऐसी प्रकिरिया है जो आपके खोए हुए बालों को जड़ से बदल देता है। हेयर ट्रांसप्लांट प्रकिरिया से कोई फर्क नहीं पड़ेगा जब, आपके बालों के रोम स्वस्थ हों, लेकिन आपके बाल झड़ रहे हों। 

अगर आपके बाल जड़ों पर स्वस्थ हैं लेकिन आपके बाल सिरों पर पतले हो रहे हैं, तो आप अपने बालों को स्वस्थ और घना दिखाने के लिए अपने बालों को हेयर ड्रेसर से कटवाने के लिए जाएँ ,अपने बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हीट स्टाइलिंग से बचाएं।

निष्कर्ष :

अगर आपके भी बाल पतले हो रहे हैं, या ऐसी ही किसी परेशानी से गुजर रहे हैं ,और आप भी हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में सोच रहे हैं, इसकी सही जानकारी लेना चाहते हैं, तो आप वीजेएस हॉस्पिटल जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं। 

मिस्टर कार्तिक ने बताया कैसे किया गया उनमें सफलतापूर्वक हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी

मिस्टर कार्तिक ने बताया कैसे किया गया उनमें सफलतापूर्वक हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी

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डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर के यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के द्वारा एक मरीज़ ने बताया की उनका नाम कार्तिक है | वह बीते कुछ वर्षों से हेयर लोस्स की समस्या से जूझ रहे थे | वह जब भी किसी रिश्तेदार या फिर अपने दोस्तों के पास जाते थे, उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी, जिसका केवल एक प्रमुख ही कारण था वह है हेयर लोस्स की समस्या| 

इसलिए उन्होंने सर्च इंजन में हेयर लोस्स की समस्या के इलाज के लिए बेहतर संस्थान की खोज करनी शुरू कर दी, जिसके परिणाम में सबसे पहला नाम डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर, विज़ाग का आया, फिर उन्होंने इस संस्था से फ़ोन कॉल के माध्यम से संपर्क किया और परामर्श के लिए अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक की | डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में पहुँचने के बाद उनकी मुलाकात डॉक्टर सी विजय कुमार से हुई | 

डॉक्टर सी विजय कुमार बहुत ही अच्छे से उनकी परेशानी को समझा और जाँच-पड़ताल के बाद उन्हें हेयर ट्रांप्लांट सर्जरी  को करवाने का सुझाव दिया | पहले तो सर्जरी का नाम सुनकर वह बहुत घबरा गए थे, लेकिन फिर डॉक्टर सी विजय कुमार ने उन्हें  हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी की प्रक्रिया को समझया और इस बात का आश्वासन दिया की हाइट ट्रांसप्लांट की सर्जरी के बाद वह हेयर लोस्स की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते है | इसलिए उन्होंने हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी को करवाने का निर्णय ले लिया | 

जब वह ऑपरेशन थिएटर में थे तो सर्जरी को करवाने से उन्हें काफी डर लग रहा था लेकिन डॉक्टर्स ने उनका ऑपरेशन बहुत सहज तरीकों से और सफलतापूर्वक किया और इस सर्जरी से मिले परिणाम से वह बहुत खुश है | इसलिए वह डॉक्टर और उनके हॉस्पिटल में मौजूद पूरे स्टाफ मेंबर का शुक्रिया करना चाहते है | 

इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें और इस वीडियो को पूरा देखें | इसके अलावा आप डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है | इस चैनल पर आपको इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो प्राप्त हो जाएगी | 

यदि आप में कोई भी व्यक्ति कॉस्मेटिक से जुड़ी या फिर हेयर से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या से जूझ रहा है और सटीक इलाज करवाना चाहता है तो इसमें डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर सी विजय कुमार कॉस्मेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी में स्पेशलिस्ट है, जो पिछले 35 वर्षों से पीड़ित मीज़ों का सटीक तरीकों से और स्थायी रूप से इलाज कर रहे है | इसलिए परमर्श के लिए आज ही डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट में दिए नंबरों से सीधा संस्था से संपर्क कर अपनी अप्पोइन्मेंट को भी बुक करवा सकते है |

रहिनोप्लास्टी क्या है ? जाने रहिनोप्लास्टी सर्जरी से अपना लुक को कैसे बदले

रहिनोप्लास्टी क्या है ? जाने रहिनोप्लास्टी सर्जरी से अपना लुक को कैसे बदले 

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डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांट के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर सी विजय कुमार ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक यूट्यूब शॉर्ट्स के माध्यम से यह बताया की रहिनोप्लास्टी सर्जरी जिसे नाक की जॉब के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसी सर्जरी है जिसमें नाक का ऑपरेशन कर उसे आकार दिया जाता है | एक आकर्षक खूबसूरती के लिए नाक का सही आकार में होना काफी मायने रखता है | इन्ही कारणों की वजह से आज के समय में पूरे विश्व भर में सबसे ज्यादा नाक की कॉस्मेटिक सर्जरी की जाती है,केवल इतना ही नहीं इस सर्जरी को करवाने वाले मरीज़ों के ग्राफ का दर भी दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है | आइये जानते है रहिनोप्लास्टी सर्जरी का मुख्य उद्देशय क्या है :- 

रहिनोप्लास्टी सर्जरी का मुख्य उद्देश्य है नाक के ऑपरेशन के दौरान उसे सही रूप से आकार देकर मरीज़ के लुक को और बेहतर और आकर्षक बनाना है और साथ ही इस ऑपेरशन की मदद से सांस लेनी की क्षमता की भी बढ़ाया जा सकता है | इस सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान नाक की सरंचना में ऊपरी हिस्से की हड्डी, उपास्थि या फिर त्वचा को बदला जा सकता है | अब अगर बात करें की रहिनोप्लास्टी की सर्जरी व्यक्ति को कौन-कौन से फायदे प्राप्त हो सकते है तो :- 

1. यह सर्जरी मरीज़ के आत्मविश्वास को पूर्ण रूप से बढ़ाने में सहायक होती है | 

2. जिन व्यक्ति को सांस लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिए यह सर्जरी काफी फायदेमंद साबित हो सकती है |

3. टूटी हुई नाक को भी इस सर्जरी के माध्यम से ठीक किया जा सकता है | 

4. साइनस की समस्या को दूर कर सकता है ये सर्जरी | 

5. खर्राटों की समस्या से छुटकारा दिलाने में यह सर्जरी सक्षम होता है |      

पहले के दशक में इस रहिनोप्लास्टी सर्जरी को सिर्फ विदेशों के हॉस्पिटलों में ही में किया जाता था, जिस वजह से कई लोगों को यह सर्जरी को करवा अपने लुक को बेहतर बनाने का मौका नहीं मिल पाता था | लेकिन अब भारत में भी कई हॉस्पिटल्स में इस सर्जरी को प्रदान किया जा रहा है, जिनमे से एक है डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांट | 

यदि आप भी अपने लुक को आकर्षक बनाने के लिए रहिनोप्लास्टी सर्जरी करवाना चाहते है तो इसमें डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांट आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था के सीनियर कंसलटेंट एंड सर्जन डॉक्टर सी विजय कुमार रहिनोप्लास्टी सर्जरी में स्पेशलिस्ट है, जो इस सर्जरी के माध्यम से आपके लुक को और भी आकर्षक बनाने में मदद कर सकते है | इसलिए आज ही डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांट नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो इस वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से भी संपर्क कर सकते है | 

इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप दिए गए लिंक पर क्लिक कर इस वीडियो को पूरा देखें, इसके अलावा आप डॉ. वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांट नामक यूट्यूब चैनल पर भी विजिट कर सकते है | इस चैनल पर इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो बना कर पोस्ट की हुई है |

पीआरपी ट्रीटमेंट से बाल झड़ने की समस्या को कम करने में कैसे करता है मदद और क्या है इसके लाभ ?

पीआरपी ट्रीटमेंट से बाल झड़ने की समस्या को कम करने में कैसे करता है मदद और क्या है इसके लाभ ?

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पीआरपी ट्रीटमेंट एक ऐसी ट्रीटमेंट होती है, जिसमे व्यक्ति के रक्त में मौजूद प्लेटेट रिच प्लाज्मा को पतली सुई के माध्यम से व्यक्ति के खोपड़ी में प्रोत्साहित किया जाता है | हेयर ट्रीटमेंट की इंडस्ट्री में पीआरपी ट्रीटमेंट को एक वरदान के रूप में माना जाता है | पीआरपी ट्रीटमेंट से मिले इलाज से शरीर में मौजूद स्टेम सेल और कलेजन का स्तर और भी बेहतर हो जाता है और साथ ही यह ट्रीटमेंट बालों को बढ़ने में भी मदद करता है |  

डॉ वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी & हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर के यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक यूट्यूब वीडियो में पीआरपी ट्रीटमेंट कराये मरीज़ ने अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए यह बताया की पीआरपी ट्रीटमेंट में परिणाम से वह बहुत खुश है और  

इस ट्रीटमेंट के बाद उनके बालों को बढ़ने में काफी मदद मिली है | इस ट्रीटमेंट के बाद उनके बाल पहले के मुकाबले अब काफी घने और मज़बूत हो गए है | उन्होंने यह भी बताया की इस संस्था ने सर्जरी के बाद उनकी काफी अच्छी देखभाल की है और साथ ही इस संस्था के स्टाफ एंड डॉक्टर्स 24/7 मौजूद रहते है | 

अगर बात करें पीआरपी ट्रीटमेंट से क्या-क्या लाभ मिल सकते है तो पीआरपी ट्रीटमेंट के बाद यह बालों को प्राकृतिक विकास को ट्रिगर करता है, जो बालों को प्राकृतिक रूप से घने और कोमलता को बढ़ावा देता है | यदि आप भी बालों की झड़ने की समस्या से जूझ रहे है और इलाज करवाना चाहते है तो इसमें डॉ वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी & हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर आपकी संपूर्ण रूप से मदद कर सकता है | 

इस संस्था के डॉक्टर सी विजय कुमार कॉस्मेटोलॉजिस्ट और डर्मेटोलॉजिस्ट में एक्सपर्ट है जो इस समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकता है | इसलिए आज ही डॉ वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी & हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर नामक वेबसाइट पर जाएं और अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | आप चाहे तो वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से भी संपर्क कर सकते है | 

इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप डॉ वीजेएस कॉस्मेटिक सर्जरी & हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर नामक यूट्यूब चैनल पर विजिट कर सकते है या फिर दिए गए लिंक पर भी क्लिक कर इस वीडियो को पूरा देख सकते है | इस चैनल पर इस विषय संबंधी संपूर्ण जानकारी पर वीडियो उपलब्ध है |