Varicose Veins
Varicose Veins Treatment in Andhra Pradesh, India
Patients with Varicose veins are increasing day by day in Visakhapatnam, Varicose veins generally occur in the legs but can also form in other parts. These are swollen and twisted veins that form under the surface of the skin. It is the slowly progressing disease but must be treated in the early stages to prevent the devastating results.
Symptoms
- A person can notice visible dilated veins over legs and thighs
- Leg fatigue and cramps are the common symptoms
- Swelling in the legs
- Skin pigmentation in lower legs
- Skin excoriation, foul smell and itching
- Varicose ulcers that are a form of wounds and stay for months
- Inflammation of veins or Thrombophlebitis
- Repeated bleeding from veins
- Deep Vein Thrombosis means the formation of blood clots
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Why Varicose Veins Treatment in Visakhapatnam, Andhra Pradesh?
Varicose veins can turn to the serious problem so it is important to recognize the problem and get its treatment otherwise it can lead to debility and complications. If these veins will be treated on time then all the early symptoms of this condition can be reversible otherwise its ignorance can lead to devastating complications that are difficult to treat like it can lead to the tissue damage around varicose veins and disabling of skin.
Methods of Treatment
After the recognition of this problem through the detailed colour Doppler Examination of entire leg, treatment is started after getting complete information about valves, superficial and deep veins. According to the collected information treatment is chosen from the following available options
Conservative Treatment : This treatment is given in the form of medicines, Exercises, graded Pressure venous stockings, lifestyle modifications and weight reduction. This option is suitable for the patient that have contradictions like deep vein Thrombosis, internal Malignancy, pregnancy or any other series of the medical problem. This treatment is given to control the progress of varicose veins
ENDOVENOUS LASER TREATMENT (EVLT) : It is the gold standard of Varicose vein treatment and is widely accepted because it is the minimally invasive treatment that gives the successful results
Surgical Removal of Varicose Veins : This procedure is known as ligation and stripping, in which diseased veins are ligated and pulled out through the small incisions made at various levels of an infected leg with help of stripper.
Sclerotherapy : Injection of the Sclerosing drugs is also an effective treatment option as it gives the good results in the leftover veins and superficial small veins. However, it is not considered much effective for the bigger veins.
Recovery
After treatment of varicose veins patient can get recovered in minimum 2 weeks and maximum 4 weeks
Possibility of Marks After Surgery
No as such there is not the possibility for the marks after the treatment as the results are excellent and even Dr. Vijay Kumar put his surgical and artistic skills to minimize the marks. If the patient has marks in legs then these get fade away with the passage of time.
Talk to our experts for detailed information about the varicose veins treatment and its results. You can get effective and safe treatment at the low cost of Varicose veins treatment in Andhra Pradesh.
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आखिर बवासीर के दौरान कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत? डॉक्टर से जानें, बवासीर के इलाज के लिए कौन-सी सर्जरी होती है बेहतर!
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यह सभी जानते हैं, कि बवासीर एक आम समस्या है, जिससे लगभग सभी लोग पीड़ित हैं। इस समस्या में व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बवासीर काफी दर्द देने वाली समस्या है, क्योंकि इस दौरान पीड़ित व्यक्ति की गुदा यानी एनल एरिया की नसें काफी ज्यादा सूज जाती हैं, जिससे मल त्यागने में काफी दिक्क्त, दर्द और जलन जैसी समस्या होने लग जाती है। ऐसे में, कुछ लोगों को मल त्याग करते वक्त काफी खून भी आ सकता है, जिसके कारण कुछ लोगों को लगने लगता है, कि अब सर्जरी की जरूरत है। पर, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, हर पीड़ित व्यक्ति के लिए सर्जरी का चुनाव करना ठीक नहीं होता है। कुछ मामलों में, बवासीर को दवाइयों और सही डाइट से ठीक किया जा सकता है। बवासीर की गंभीर स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है, इसमें मल के साथ बार-बार खून निकलना, मल त्याग के दौरान तेज और असहनीय दर्द होना, बवासीर के कारण इंफेक्शन हो जाना या फिर खून का थक्का बन जाना और इसके कारण उठने-बैठने या फिर चलने-फिरने में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस होना जैसी स्थितियो में सर्जरी की जरूरत पड़ती है। दरअसल, ऐसे में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। आम तौर पर, ऐसे में बवासीर के इलाज के लिए हेमरॉयडेक्टमी, स्टेपल्ड हेमरॉयडेक्टमी और लेजर सर्जरी काफी ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है। समस्या पता चलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि आगे की समस्या से बचाव किया जा सके। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। बवासीर को किस तरीके से ठीक किया जाता है? बवासीर को ठीक करने के तरीके निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 1. बवासीर को ठीक करने के लिए आप अपने खानपान में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर सकते हैं। इससे समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। 2. ऐसे में, फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना आपको कब्ज जैसी समस्या से मुक्त करवा सकता है और इससे बवासीर जैसी समस्या का इलाज हो सकता है। बवासीर के इलाज के लिए कौन-कौन सी सर्जरी की जा सकती है? दरअसल, बवासीर जैसी समस्या के इलाज के लिए बहुत सी सर्जिकल तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है। पर, इस तरह की स्थिति में, मरीज की हालत के हिसाब से ही सर्जरी का विकल्प चुना जाता है। इस समस्या के लिए निम्नलिखित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। 1. हेमरॉयडेक्टमी सर्जरी दरअसल, बवासीर जैसी समस्या के लिए हेमरॉयडेक्टमी सर्जरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सर्जरी इस समस्या में काफी लाभदायक साबित हो सकती है। इस दौरान, इस सर्जरी की सहायता से मलद्वार पर सूजी हुई नसों को निकाल दिया जाता है। यह सर्जरी काफी प्रभावी होती है, इसमें कोई शक नहीं है। केवल समस्या के गंभीर मामलों में ही इस सर्जरी का सहारा लिया जाता है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस सर्जरी के बाद रिकवरी में काफी समय लग सकता है। 2. स्टेपल्ड हेमोरॉयडेक्टॉमी सर्जरी दरअसल, इस सर्जरी को एक आधुनिक तकनीक में गिना जाता है। इस सर्जरी के दौरान पीड़ित व्यक्ति के मस्सों को स्टेपल कर दिया जाता है, जिसकी वजह से होने वाला दर्द काफी कम हो जाता है और इस में व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाता है। इस दौरान सर्जरी होने के बाद मल त्याग के दौरान निकलने वाले खून से भी आपको छुटकारा मिल जाता है। 3. लेजर सर्जरी आज के समय में लेजर सर्जरी को कई तरह की समस्याओं में इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए आज इसे बेहद लोकप्रिय माना जाता है। इस सर्जरी की सहायता से बवासीर का इलाज बखूबी किया जा सकता है। इस सर्जरी में सूजी हुई नसों का इलाज करके उन को निकाल दिया जाता है। इस सर्जरी के दौरान मरीज को काफी कम दर्द होता है और मरीज सर्जरी के बाद जल्दी ठीक हो जाता है। यह आपको पहले भी बताया गया है, कि मरीज की स्थिति के हिसाब से ही सर्जरी का चुनाव किया जाता है और इसी तरह लेजर सर्जरी का इस्तेमाल हर बवासीर के मरीज के लिए सही नहीं होता है। निष्कर्ष: बवासीर एक आम समस्या है, जो किसी भी वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यह समस्या पुरुष और महिला दोनों में देखी जा सकती है। यह समस्या एक व्यक्ति के लिए काफी दर्दनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इस समस्या के दौरान व्यक्ति को मल त्याग करने में काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। केवल समस्या की गंभीर स्थितियों में ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है और मरीज की स्थिति के हिसाब से ही सर्जरी का चुनाव किया जाता है। बवासीर के दौरान हर व्यक्ति को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है। इस समस्या का समाधान अपनी डाइट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके और कुछ दवाओं का सहारा लेकर किया जा सकता है। इस समस्या का इलाज इतना ज्यादा मुश्किल नहीं है, जितना कि हम लोग इसे मुश्किल बना देते हैं। ऐसे में, आपको मल त्याग के दौरान तेज दर्द का अनुभव हो सकता है, जो काफी ज्यादा दर्दनाक भी हो सकता है। इसलिए, समस्या का पता चलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस के बारे में ज्यादा जानने के लिए और बवासीर जैसी अन्य समस्याओं का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल! प्रश्न 1. बवासीर के लक्षण क्या होते हैं? मल के दौरान या बाद में चमकीले लाल रंग का खून निकलना, गुदा क्षेत्र में खुजली और जलन होना, दर्दनाक सूजन होना, मल त्याग करने में दिक्कत महसूस होना, मल में चिकनाई होना जैसे लक्षण बवासीर के होते हैं, जिस पर ध्यान देकर समस्या का तुरंत इलाज किया जाता है। प्रश्न 2. क्या बवासीर के हर मरीज को सर्जरी की जरूरत पड़ती है? नहीं, बवासीर से पीड़ित हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है।
आखिर किन कारणों की वजह से गर्मियों में होती है डैंड्रफ की समस्या? डॉक्टर से जानें इससे बचने के तरीकों के बारे में!
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गर्मियों का मौसम जब भी आता है, कई तरह की बीमारियों को लेकर आता है, चाहे वो शरीर, त्वचा या फिर बालों से जुड़ी बीमारी ही क्यो न हो। यह मौसम विशेष तौर पर त्वचा और बालों दोनों के लिए काफी चुनौतियों भरा होता है। इस मौसम के कारण लोगों को बालों से जूसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिस में डैंड्रफ होना एक आम बात होती है। इस दौरान यह समस्या लोगों में घटती नहीं बल्कि बढ़ती हुई नजर आती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें स्कैल्प पर पसीना आना, धूल और ऑयल का जमा होना, सीबम का उत्पादन बढ़ना, केमिकल वाले शैम्पू या फिर हेयर प्रोडक्ट्स का सीतेमाल करना आदि शामिल हो सकते हैं। इस समस्या पर ध्यान देना और समय पर इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, इससे बाल झड़ सकते हैं। इसलिए, समय पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। किन कारणों से गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या कर सकती है परेशान डॉक्टर के अनुसार, गर्मियों में डैंड्रफ कई कारणों की वजह से हो सकती है, जिन पर ध्यान देकर सही तरीके से इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। निम्नलिखित कारणों की वजह से डैंड्रफ की समस्या हो सकती है, जैसे कि 1. अधिक पसीना आना गर्मियों के मौसम में न केवल शरीर से, बल्कि स्कैल्प में भी पसीना आता है, जो ज्यादातर स्कैल्प पर जमा हो जाता है और फंगस व बैक्टीरिया के लिए एक बहुत ही अनुकूल वातावरण को बना देता है, जिससे डैंड्रफ बढ़ जाती है। 2. सीबम का उत्पादन बढ़ना दरअसल, गर्मियों में सीबम का उत्पादन बढ़ना एक आम बात है, इसकी वजह से न केवल स्कैल्प चिपचिपा होता है, बल्कि इसके कारण डेंड्र की समस्या भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। 3. धूल और गंदगी होना आज ज्यादातर वातावरण में धूल और गंदगी मिलना आम है, बाहर निकलने पर यह स्कैल्प पर जम जाती है, जो स्कैल्प को परेशान करती है और डैंड्रफ का कारण बनती है। क्या हो सकते हैं डैंड्रफ होने के लक्षण? आम तौर पर, यह समस्या केवल सफेद परत तक सीमित ही सीमित नहीं रहती है, बल्कि और भी कई संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों पर ध्यान देना और पहचान करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह संकेत निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं: 1. स्कैल्प पर लाल पन या फिर जलन की समस्या होना। 2. कंधों पर सफेद फ्लेक्स का काफी ज्यादा गिरना। 3. स्कैल्प पर काफी ज्यादा खुजली होना। 4. बालों का काफी ज्यादा कमजोर हो जाना। 5. काफी मात्रा में बालों का झड़ना। नोट: इन तरह के लक्षण नजर आते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। किन तरीकों से बालों से डैंड्रफ को हटाया जा सकता है? आम तौर पर, आप रोजाना निम्नलिखित टिप्स को अपनाकर अपने बालों से डैंड्रफ को हटा सकते हैं, जैसे कि 1. सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार अपने बालों को धोएं। इससे स्कैल्प से पसीना और गंदगी साफ होती है। 2. ऐसे में, एंटी-फंगल गुण वाले शैम्पू का इस्तेमाल करें। यह सिरे में मौजूद फंगस को कम करने में काफी मदद प्रदान कर सकते हैं। 3. अपने बालों को धोने के बाद स्कैल्प को अच्छी तरीके से सुखाएं। ताकि बालों में नमी न रहे। 4. बालों को मजबूत और झड़ने से रोकने के लिए बालों पर नीम और एलोवेरा से तैयार मास्क लगााएं। 5. हल्के तेल से स्कैल्प की मालिश करें, पर ध्यान रहे बालों में ज्यादा तेल डैंड्रफ का कारण बन सकता है। सिर की डैंड्रफ से बचने के लिए किन बातों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है? आम तौर पर, डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ निम्नलिखित बातों पर महत्वपूर्ण ध्यान दे सकते हैं, जैसे कि 1. बालों को पोषण देने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें। 2. ऐसे में अपने शरीर को जितना हो सके हाइड्रेट रखें। 3. ऐसे में, अपने बालों के लिए काफी ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। 4. अपने बालों को डैंड्रफ से बचाने के लिए दूसरों की कंघी या फिर तौलिया का इस्तेमाल करने से बचें। निष्कर्ष: दरअसल, गर्मियों के दौरान बाल टूटना और डैंड्रफ की समस्या होना एक बहुत ही आम समस्या मानी जाती है। इस समस्या की चपेट में हर कोई आ सकता है, चाहे वो कोई छोटा बच्चा हो या फिर कोई जवान व्यक्ति हो। अगर वक्त रहते बालों में होने वाली डैंड्रफ पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर बालों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। यह एक व्यक्ति को काफी ज्यादा परेशान कर देने वाली समस्या हो सकती है। अपने बालों की सेहत को बनाए रखने के लिए बालों की अच्छे से देखभाल करना और उनको हर समस्या से दूर रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अपने बालों की अच्छे से देखभाल करने के लिए आप एक सेहतमंद डाइट का सेवन कर सकते हैं, जो बालों को न केवल मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि बालों को सही और पर्याप्त पोषण भी प्रदान करेगी। सही देखभाल, नियमित सफाई और सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से आप डैंड्रफ जैसी समस्या को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। अगर बालों में डैंड्रफ की समस्या काफी लंबे वक्त तक बनी रहती है और रुकने की बजाय बढ़ती जा रही है, तो ऐसे में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और अपनी स्कैल्प की अच्छे से जांच करवानी चाहिए। ऐसे में, यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। बालों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल! प्रश्न 1. किस उम्र में बालों का टूटना होता है आम? किन लोगों को गर्मियों के मौसम में डैंड्रफ की परेशानी सबसे ज्यादा होती है? दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या