र्मियों में बालों की ग्रोथ के लिए कौन-सी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हैं फायदेमंद? जानें डॉक्टर की सलाह
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Category: Hindi

Woman smiling as friend places flower crown on her head outdoors.

गर्मियों में बाल झड़ना और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां: क्या सबूत बताते हैं?

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गर्मियों में पसीना, धूप, तैराकी, बार-बार बाल धोना, टाइट हेयरस्टाइल और रफ हैंडलिंग से बाल रूखे या टूटने वाले लग सकते हैं। लेकिन हर तरह का बाल झड़ना केवल मौसम की वजह से नहीं होता। अचानक बहुत ज्यादा बाल गिरना, पैची हेयर लॉस, स्कैल्प में लालिमा/पपड़ी, दर्द, घाव या महीनों से बढ़ती पतलापन जैसी स्थितियों में कारण की जांच जरूरी हो सकती है।

क्या आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां बाल उगा सकती हैं?

आंवला, ब्राह्मी, भृंगराज, शिकाकाई या मेथी जैसे पौधों का पारंपरिक उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन इन्हें नए बाल उगाने, सफेद बाल रोकने या डैंड्रफ को निश्चित रूप से खत्म करने वाला उपचार नहीं माना जाना चाहिए। अलग-अलग उत्पादों की गुणवत्ता, सांद्रता और प्रभाव अलग हो सकते हैं, और मजबूत क्लिनिकल सबूत सीमित हैं।

यदि कोई हर्बल हेयर ऑयल या मास्क बालों को नरम या मैनेजेबल बनाता है, तो यह कॉस्मेटिक लाभ हो सकता है; इससे यह साबित नहीं होता कि वह हेयर फॉलिकल की बीमारी, एंड्रोजेनेटिक हेयर लॉस, एलोपेसिया एरियाटा या पोषण/हार्मोन से जुड़ी समस्या का इलाज कर रहा है।

कब सावधानी जरूरी है?

प्राकृतिक या हर्बल होने का अर्थ यह नहीं कि कोई उत्पाद हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित है। सुगंध, तेल, पौधों के अर्क और घर में बने मिश्रण कुछ लोगों में जलन, एलर्जी या कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस कर सकते हैं। स्कैल्प पर घाव, संक्रमण, सक्रिय एक्जिमा या सोरायसिस हो तो घरेलू मिश्रण लगाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। किसी दवा या चिकित्सकीय उपचार को हर्बल उपाय के कारण बंद न करें।

गर्मियों में व्यावहारिक हेयर केयर

बाल धोने की कोई एक तय संख्या सबके लिए सही नहीं होती। ऑयली स्कैल्प, व्यायाम, पसीना, डैंड्रफ और हेयर टाइप के अनुसार फ्रीक्वेंसी बदलती है। माइल्ड शैम्पू, जरूरत के अनुसार कंडीशनर, गीले बालों के साथ कोमल व्यवहार और तेज धूप/हीट से अनावश्यक एक्सपोजर कम करना मददगार हो सकता है।

यदि बालों का घनत्व लगातार कम हो रहा है या बाल झड़ना आपके लिए चिंता का कारण है, तो पहले कारण समझना अधिक उपयोगी है। Hair Loss से जुड़ी जानकारी देखें, और व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए Contact Us पेज से क्लिनिक से संपर्क करें।

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आइब्रो के नीचे होने वाले पेनफुल दानों से बचने के लिए किन टिप्स को अपनाया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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त्वचा से जुड़ी समस्या आज लोगों में काफी ज्यादा फैल रही है, इसमें हार्मोनल बदलाव और खराब जीवनशैली जैसे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। त्वचा से जुड़ी समस्या में आइब्रो के नीचे पेनफुल पिंपल्स होना भी शामिल है। दरअसल, इस समस्या के भी यही कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। यह चेहरे के किसी भी हिस्से में में हो सकते हैं चेहरे की खूबसूरती को खराब कर सकते हैं। यह काफी ज्यादा दर्दनाक भी हो सकते हैं। इससे आज काफी लोग हद से ज्यादा परेशान हैं। इससे बचने के लिए आप अपने चेहरे को साफ़ रखें, समय-समय पर एक्सफ़ोलिएट करें, क्रीम लगाएं और रात को सोने से पहले मेकअप हटाना जैसे कई टिप्स को अपना सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

आइब्रो के नीचे पेनफुल दाने होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पिंपल की समस्या चेहरे के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। आम तौर पर, यह काफी ज्यादा दर्दनाक और ध्यान न देने पर हमेशा के लिए चेहरे पर रह सकते हैं। चेहरे के इस हिस्से में पिंपल की समस्या होना काफी ज्यादा आम है, जिसमें आइब्रो के ठीक नीचे कील-मुहांसों की समस्या होना। यह समस्या काफी ज्यादा परेशान कर देने वाली भी हो सकती है। दरअसल, मुख्य रूप से आइब्रो पर पिंपल्स सीबम के काफी ज्यादा उत्पादन, अधिक पसीना आने और बैक्टीरिया के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, कुछ गलत मेकअप प्रोडक्ट्स के काफी ज्यादा इस्तेमाल से भी आइब्रो के ठीक नीचे पिंपल की समस्या हो सकती है। इसके पीछे का कारण यह है, कि कुछ मेकअप प्रोडक्ट्स में काफी ज्यादा ऑयल होता है, जिसका काफी ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल त्वचा के रोम छिद्र को बंद कर देता है। ऐसे में, त्वचा की अच्छे से देखभाल और साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान रखने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। अगर ऐसा न किया जाये, तो इससे आइब्रो के नीचे पेनफुल दाने होने की संभावना काफी ज्यादा होती है |

आइब्रो के नीचे होने वाले पेनफुल दानों से किस तरह अपना बचाव किया जा सकता है? 

दरअसल, अगर आप आइब्रो के नीचे होने वाले पेनफुल दानों से अपना बचाव करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित टिप्स को अपना सकते हैं, जैसे 

1. अपने चेहरे की साफ़ सफाई का ध्यान रखना 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पिंपल चाहे चेहरे के किसी भी हिस्से में हों, आपके लिए यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है, कि आप अपने चेहरे के हर हिस्से की साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान रखें। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में त्वचा की अच्छे से सफाई करने के लिए आप नॉन- कॉमेडोजेनिक क्लींजर का इस्तेमाल कर सकते हैं, यह त्वचा के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, इससे न केवल त्वचा रूखी होने से बची रहती है, बल्कि इससे त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है। 

2. नियमित एक्सफोलिएट करना 

दरअसल, अगर आपको भी त्वचा पर बार-बार पिंपल्स होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो इस तरह की स्थिति में आपके लिए अच्छा होगा, कि आप अपनी त्वचा को नियमित रूप से एक्सफोलिएट करें। दरअसल, एक्सफोलिएट एक त्वचा की ऊपरी सतह पर से डेड स्किन सेल्स, धूल-मिट्टी, गंदगी और ज़्यादा तेल हटाने की एक प्रक्रिया है। आम तौर पर, अपनी त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए आप ग्लाइकोलिक एसिड और सैलिसिलिक एसिड से भरपूर एक्सफोलिएंट्स का उपयोग कर सकते हैं, इससे न केवल डेड स्किन खत्म हो जाती है, बल्कि त्वचा में निखार देखने को भी मिलता है। डेड स्किन रिमूव करने के लिए सप्ताह में तीन बार एक्सफोलिएट करना लाभदायक साबित हो सकता है। इससे आइब्रो के नीचे होने वाले पिंपल का खतरा काफी कम हो जाता है। 

3. क्रीम का इस्तेमाल करें 

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पिंपल्स जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ विशेष क्रीमों को बनाया जाता है, जो न केवल समस्या को खत्म करने के लिए, बल्कि त्वचा के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती हैं। अगर आप आइब्रो के नीचे होने वाले पिंपल की समस्या से बार-बार परेशान हो रहे हैं, तो ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह पर बेंजॉयल पेरोक्साइड और सैलिसिलिक एसिड से भरपूर क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे लगाने से न केवल बंद रोम छिद्र खुल जाते हैं, बल्कि त्वचा में उत्पन्न बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं। इससे पिंपल होने की समस्या दोबारा नहीं होती है। 

निष्कर्ष: आज के समय में त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का होना काफी ज्यादा आम हो गया है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें जीवन शैली में गलत आदतों को अपनाना और शरीर में हार्मोनल बदलाव होना जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं। ऐसे में, चेहरे के किसी भी हिस्से में पिंपल की समस्या हो सकती हैं, जिसमें आइब्रो के नीचे पेनफुल दाना होना भी शामिल है। यह काफी ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। पर कई लोगों में इसका होना काफी ज्यादा आम होता है। इसके पीछे शरीर में होने वाले कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। अगर आपकी आइब्रो के नीचे पेनफुल दाना होता है, तो इसे नजरअंदाज करने की बिल्कुल भी कोशिश न करें। क्योंकि, इससे आंखों की रौशनी भी प्रभावित हो सकती है। समस्या का कारण जानकर आप समस्या का तुरंत इलाज कर सकते हैं। यह समस्या कई कारणों की वजह से हो सकती है, जैसा कि इस लेख में बताया गया है। इससे बचने के लिए आप इस लेख में बताए गए टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। यह सब करने के बावजूद भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़े तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. क्या आइब्रो के नीचे निकले दर्दनाक दानों की वजह से आँखों की रौशनी भी प्रभावित हो सकती है? 

दरअसल, हाँ अगर आइब्रो के नीचे निकले दर्दनाक दाने आपको काफी ज्यादा दर्द दे रहे हैं और ऐसे में यह गंभीर संक्रमण या फिर सूजन में बदल गए हैं, तो इसके कारण अस्थायी रूप से आपके आँखों की रोशनी बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती है। 

प्रश्न 2. किन कारणों की वजह से आइब्रो में दर्द हो सकता है? 

दरअसल, आइब्रो में होने वाले दर्द के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिसमें आंखों में दर्द होना, सिर में दर्द की समस्या होना, साइनस संक्रमण होना, ग्लूकोमा की समस्या होना वायरल संक्रमण और एलर्जी होना जैसे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। 

प्रश्न 3. क्या आइब्रो के बालों को उड़ाने के लिए सीधे ब्लेड का इस्तेमाल करना ठीक होता है?

नहीं, आइब्रो के बालों को उड़ाने के लिए या फिर कम करने के लिए सीधे ब्लेड या फिर आम रेजर का इस्तेमाल करना काफी ज्यादा नुकसानदायक, ये मानों कि काफी ज्यादा जोखिम भरा होता है। क्योंकि, इसके इस्तेमाल से न केवल त्वचा कटने का डर बना रहता है, बल्कि त्वच बड़ा घाव होने का खतरा भी बना रहता है। 

प्रश्न 4. चेहरे पर पिंपल होने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

दरअसल, चेहरे पर पिंपल होने पर आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिस में त्वचा का अच्छे से ध्यान रखना, पिंपल होने पर त्वचा को छुने से बचना, दिन में लगभग दो बार हल्के फेस वॉश से अपने चेहरे को धोना, ऑयल फ्री प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना, पिंपल के आसपास सूजन होने पर बर्फ से सिकाई करना और केवल डॉक्टर की सलाह पर ही टी ट्री ऑयल, सैलिसिलिक एसिड आदि क्रीम का इस्तेमाल करना शामिल है। 

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क्या माथे के बीच होने वाले पिंपल्स को फोड़ना होता है सुरक्षित? डॉक्टर से जानें इससे होने वाले नुकसानों के बारे में!

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आज के समय में हर कोई चेहरे से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं से पीड़ित है। चेहरे से जुड़ी इन तमाम समस्याओं के कारण व्यक्ति काफी ज्यादा हैरान और परेशान हो जाता है, जिसके कारण उस का आत्मविश्वास भी काफी ज्यादा कमजोर हो जाता है। त्वचा से जुड़ी इन समस्याओं के पीछे सबसे बड़ा कारण, प्रदूषित वातावरण और गलत खानपान का सेवन करना होता है। इसके अलावा, जीवन शैली से जुड़ी कुछ गलत आदतों को अपनाने के कारण भी चेहरे से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। चेहरे की त्वचा से जुड़ी इन समस्याओं को ठीक करने करने के लिए व्यक्ति तमाम कोशिशों को करता है, जिसमें वह कई बार असफल भी हो जाता है। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ऑयली स्किन, खराब खानपान की आदतें और त्वचा कि अच्छे से देखभाल न करने के कारण आपको त्वचा पर पिंपल निकलने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह पिम्पल्स दर्द देने वाले भी हो सकते हैं और कई बाद काफी ज्यादा परेशानी खड़ी करने वाले भी हो सकते हैं, इसके कारण व्यक्ति का आत्मविश्वास तो कम होता ही है, बल्कि व्यक्ति का काम भी इसके कारण काफी ज्यादा प्रभावित हो जाता है। चेहरे पर होने वाली समस्या किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है, चाहे वो कोई पुरुष हो या फिर कोई महिला। आम तौर पर, हम सभी को अपनी त्वचा से काफी ज्यादा प्यार होता है, जिसके चलते हम इस पर कोई भी दाग और पिंपल पसंद नहीं करते हैं। 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि पहले के समय में पुरुष से ज्यादा महिलाएं अपनी त्वचा की देखभाल करती थी, वह अपनी त्वचा पर एक भी दाग पसंद नहीं करती थीं। हालांकि, सभी पुरुष ऐसा नहीं करते थे पर इन में से कुछ पुरुष इस तरह के थे जो त्वचा पर होने वाली छोटी मोटी समस्या पर ध्यान नहीं देते थे। पर आज पुरुषों ने भी लड़कियों की बराबरी करना शरू कर दिया है। आज पुरुष भी अपनी त्वचा का उतना ही ध्यान रखते हैं, जितना कि महिलाएं। इस तरह की स्थिति में, कोई भी लड़की अपने चेहरे पर पिंपल्स होना पसंद नहीं करती है, यहां तक कि लड़के भी अब इस बात पर काफी ज्यादा हैरान और परेशान रहने लग गए हैं, कि इस समस्या का समाधान आखिर किस तरह से किया जाये। 

आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में ज्यादातर पिंपल ऐसे समय पर होते हैं, जब कोई त्यौहार या फिर कोई स्पेशल दिन हो। ऐसे में, लोग इस समस्या को लेकर काफी ज्यादा परेशान हो जाते हैं और इसे खत्म करने की कोशिश करते हैं, मतलब कि इसको फोड़ने की कोशिश में लगे रहते हैं, ताकि यह जल्दी से ठीक हो जाए। ऐसे में, विशेष तौर पर माथे पर या फिर माथे के बीच निकलने वाले पिंपल को फोड़ा जाता है, ताकि यह जल्दी ठीक हो जाये और हमारी सुंदरता को कोई भी नुक्सान न पहुचाये। यह माना कि माथे के बीच में पिंपल्स होना एक बहुत ही आम समस्या होती है, जो कभी भी और किसी को भी प्रभावित कर सकती है। पर, सच बताएं, तो माथे के बीच निकलने वाले पिंपल को कभी भी नहीं फोड़ना चाहिए, ऐसा करना न केवल त्वचा के लिए, बल्कि दिमागी सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। ऐसे में, समस्या को बढ़ावा देने से अच्छा है, कि आप डॉक्टर से इसके बारे में सलाह करें और समस्या का एक बेहतर समाधान ढूंढे। त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

माथे का पिंपल फोड़ना ठीक होता है या फिर नहीं? 

दरअसल, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि माथे के बीच निकलने वाले पिंपल को कभी नहीं फोड़ना चाहिए। क्योंकि, जब आप माथे के बीच उत्पन्न हुए पिंपल को फोड़ने लग जाते हैं, तो ऐसे में उस जगह पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, मवाद और डेड स्किन सेल्स त्वचा के अंदर से बाहर निकलने लग जाते हैं, जो न केवल आपके चेहरे के आसपास की त्वचा को हानि पूछने का काम करते हैं, बल्कि इसके कारण आपके दिमाग की सेहत भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। इसलिए, दिमागी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा कदम सोच समझकर उठाना चाहिए। 

माथे के बीच होने वाले पिंपल को फोड़ने के क्या-क्या नुक्सान हो सकते हैं? 

आम तौर पर, माथे के बीच में निकलने पिंपल को फोड़ने के नुक्सान निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे 

1. चेहरे का खतरनाक क्षेत्र प्रभावित होना

हम में से ज्यादातर लोग इससे अनजान होंगे, कि हमारे माथे, नाक और होंठों के बीच का हिस्सा एक डेंजर ट्रायंगल का एरिया होता है। इस जगह के पिंपल्स को फोड़ने से न केवल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है, बल्कि इसके कारण दिमाग की नसें भी काफी ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। यह सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक और ब्रेन एब्सेस की वजह बन सकता है। 

2. इंफेक्शन का खतरा बढ़ना 

दरअसल, अगर आप अपने गंदे हाथों को बार-बार अपनी त्वचा पर लगाते हैं और इन से ही अपने पिंपल को फोड़ते है, तो इससे बैक्टीरिया त्वचा के अंदर जाते हैं और इंफेक्शन बढ़ाने का कारण बनते हैं। 

3. दाग-धब्बों का जोखिम बढ़ना 

यह तो सभी जानते हैं, कि अगर आप पिंपल को फोड़ देते हैं, तो प्रभावित जगह काली या फिर वहां पर निशान पड़ जाता है, जिससे त्वचा काफी ज्यादा खराब लग सकती है। ऐसे में यह दाग हमेशा के लिए भी रह सकते हैं। 

4. सूजन और रेडनेस की समस्या होना 

दरअसल, जब आप अपनी त्वचा पर निकले पिंपल्स को फोड़ देते हैं, तो उसके बाद त्वचा में सूजन और रेडनेस की समस्या नजर आने लग जाती है, जो कई बार काफी दर्द देने वाली भी हो सकती है। 

निष्कर्ष: आज के समय में त्वचा से जुड़ी समस्या होना काफी ज्यादा आम जो गया है, इसका मुख्य कारण त्वचा की अच्छे से देखभाल न करना और जीवन शैली की कुछ गलत आदतों को अपना होता है। अगर त्वचा से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान न दिया गया, तो इसके कारण अपने चेहरे की सुंदरता पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, त्वचा से जुड़ी समस्या शारीरिक समस्या का भी संकेत हो सकता है, इसलिए इस समस्या को हल्के में लेना काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। चेहरे की त्वचा पर किसी भी तरह की समस्या होना काफी ज्यादा आम है, इसमें माथे पर पिंपल्स होना भी शामिल है। ऐसे में, बहुत से लोग इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए इस मेथे के बीच निकलने पिंपल को फोड़ने लग जाते हैं और ध्यान भी करते, कि इसके कारण उनको कितना ज्यादा नुक्सान झेलना पड़ सकता है। माथे के बीच निकले पिंपल को फोड़ने से न केवल चेहरे की त्वचा बुरी तरीके से प्रभावित होती है, बल्कि इसके कारण दिमागी सेहत और दिमाग की नसों पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे आपकी स्थिति में काफी ज्यादा बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसलिए, माथे पर निकलने वाले पिंपल को फोड़ने से अपना बचाव करें और किसी भी तरह कि तकलीफ या फिर कंफ्यूजन महसूस होने पर डॉक्टर से जरूर मिलें। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किन कमियों के कारण चेहरे पर पिंपल होता है?

दरअसल, शरीर में होने वाले हार्मोनल असंतुलन के कारण त्वचा पर पिंपल्स निकलने की समस्या होती है। इसके अलावा, शरीर में होने वाली विटामिन ए, डी और ई की कमी के कारण भी त्वचा पर पिंपल्स होने की समस्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है। 

प्रश्न 2. छोटे बच्चों के पिंपल किन कारणों की वजह से होते हैं?

मुख्य रूप से छोटे बच्चों में पिंपल हार्मोनल बदलाव, रोमछिद्रों का बंद होना और संवेदनशील त्वचा के कारण होते हैं। 

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बालों पर चावल का पानी: संभावित कॉस्मेटिक फायदे, सीमाएँ और सावधानियाँ

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चावल का पानी बालों पर लगाने का घरेलू चलन काफी पुराना है। कुछ लोगों को इसके इस्तेमाल के बाद बाल थोड़े मुलायम या मैनेजेबल महसूस हो सकते हैं, लेकिन यह दावा करना सही नहीं है कि इससे डैंड्रफ, स्कैल्प की बीमारी या बाल झड़ने का कारण निश्चित रूप से ठीक हो जाता है। बालों की बनावट में अस्थायी बदलाव और हेयर फॉलिकल की बीमारी का इलाज दो अलग बातें हैं।

क्या चावल का पानी बालों की बनावट बदल सकता है?

चावल के पानी में स्टार्च और कुछ अन्य घुलनशील घटक होते हैं। इससे हेयर शाफ्ट पर अस्थायी कोटिंग बन सकती है और कुछ लोगों को बाल स्मूद या कम उलझे हुए महसूस हो सकते हैं। यह एक कॉस्मेटिक प्रभाव हो सकता है; इससे यह साबित नहीं होता कि बालों की जड़ मजबूत हो रही है या नए बाल उग रहे हैं।

क्या इससे बाल झड़ना रुक सकता है?

एंड्रोजेनेटिक हेयर लॉस, टेलोजन एफ्लुवियम, एलोपेसिया एरियाटा, थायरॉयड/पोषण संबंधी कारण या स्कैल्प की सूजन जैसी स्थितियों के लिए चावल का पानी प्रमाणित उपचार नहीं है। यदि बालों का घनत्व लगातार कम हो रहा है, अचानक बहुत अधिक बाल गिर रहे हैं या पैची हेयर लॉस हो रहा है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय कारण की जांच अधिक महत्वपूर्ण है।

स्कैल्प पर कब सावधानी रखें?

यदि स्कैल्प पर एक्जिमा, सोरायसिस, घाव, संक्रमण, बहुत अधिक पपड़ी, जलन या एलर्जी हो तो घर में तैयार मिश्रण समस्या बढ़ा सकते हैं। किसी भी उत्पाद से जलन, लालिमा या खुजली बढ़े तो उसे बंद करें। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा या अनियंत्रित तरीके से फर्मेंट किया हुआ मिश्रण त्वचा पर लगाना भी उचित नहीं है, क्योंकि स्वच्छता और सांद्रता नियंत्रित नहीं रहती।

अगर इसे हेयर-केयर के लिए इस्तेमाल करना चाहें

इसे किसी बीमारी के इलाज की तरह नहीं, बल्कि वैकल्पिक रिंस के रूप में देखें। साफ तरीके से तैयार थोड़ी मात्रा को पहले सीमित हिस्से पर आजमाना और असुविधा होने पर तुरंत धो देना अधिक सुरक्षित है। इसे कितनी बार लगाना चाहिए इसकी कोई सार्वभौमिक चिकित्सकीय आवृत्ति नहीं है; हेयर टाइप, स्कैल्प की स्थिति और अन्य उत्पादों के अनुसार जरूरत बदल सकती है।

दर्द, पस, फैलती लालिमा, तेज खुजली, अचानक बाल झड़ना या कई हफ्तों से बढ़ती पतलापन हो तो चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना बेहतर है। कारण और उपचार विकल्पों के लिए Hair Loss जानकारी देखें या व्यक्तिगत सलाह के लिए Contact Us पेज का उपयोग करें।

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बवासीर में सर्जरी कब आवश्यक हो सकती है? उपचार विकल्प, जांच और रिकवरी

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बवासीर (पाइल्स) के हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। इलाज का चुनाव लक्षण, जांच, बवासीर के प्रकार और ग्रेड, बार-बार होने वाले रक्तस्राव, प्रोलैप्स और पहले किए गए उपचारों के आधार पर किया जाता है। शुरुआती जानकारी के लिए पाइल्स ट्रीटमेंट गाइड देखें।

सर्जरी कब विचार की जा सकती है?

फाइबर, पर्याप्त तरल, मल त्याग की आदतों में सुधार और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार के बावजूद यदि लक्षण बने रहें, बार-बार रक्तस्राव हो, बवासीर बाहर आकर वापस न जाए या रोजमर्रा की गतिविधियों पर स्पष्ट असर पड़े, तो किसी प्रक्रिया या सर्जरी पर चर्चा की जा सकती है। तेज दर्द या गुदा क्षेत्र में सूजन का कारण हमेशा बवासीर नहीं होता, इसलिए जांच जरूरी है।

यदि दर्द के साथ पस, बार-बार फोड़ा या लगातार डिस्चार्ज हो, तो एनल फिस्टुला जैसी अलग स्थिति की संभावना देखी जानी चाहिए।

कौन-कौन से उपचार विकल्प हो सकते हैं?

मरीज की स्थिति के अनुसार ऑफिस-बेस्ड प्रक्रियाएं, रबर बैंड लिगेशन, हेमोरॉयडेक्टमी, स्टेपल्ड प्रक्रिया या कुछ मामलों में लेज़र/RFA आधारित तकनीकों पर विचार किया जा सकता है। कोई एक तकनीक हर मरीज के लिए “बेहतर” या “सबसे सुरक्षित” नहीं होती। लेज़र और RFA विकल्पों की सीमाओं और जोखिमों के लिए लेज़र और RFA उपचार गाइड देखें।

रिकवरी और संभावित जोखिम

रिकवरी प्रक्रिया के प्रकार और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है। दर्द, रक्तस्राव, पेशाब करने में अस्थायी परेशानी, संक्रमण, दोबारा बवासीर होना और कुछ प्रक्रियाओं में दुर्लभ जटिलताएं संभव हैं। इसलिए केवल “जल्दी रिकवरी” के आधार पर तकनीक चुनना उचित नहीं है।

मल में खून आना, लगातार दर्द या बार-बार होने वाली सूजन की स्थिति में स्वयं यह मानना ठीक नहीं कि समस्या केवल बवासीर है। व्यक्तिगत जांच और उपचार योजना के लिए कॉन्टैक्ट पेज के माध्यम से क्लिनिकल असेसमेंट कराएं।

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आखिर किन कारणों की वजह से गर्मियों में होती है डैंड्रफ की समस्या? डॉक्टर से जानें इससे बचने के तरीकों के बारे में!

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गर्मियों का मौसम जब भी आता है, कई तरह की बीमारियों को लेकर आता है, चाहे वो शरीर, त्वचा या फिर बालों से जुड़ी बीमारी ही क्यो न हो। यह मौसम विशेष तौर पर त्वचा और बालों दोनों के लिए काफी चुनौतियों भरा होता है। इस मौसम के कारण लोगों को बालों से जूसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिस में डैंड्रफ होना एक आम बात होती है। इस दौरान यह समस्या लोगों में घटती नहीं बल्कि बढ़ती हुई नजर आती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें स्कैल्प पर पसीना आना, धूल और ऑयल का जमा होना, सीबम का उत्पादन बढ़ना, केमिकल वाले शैम्पू या फिर हेयर प्रोडक्ट्स का सीतेमाल करना आदि शामिल हो सकते हैं। इस समस्या पर ध्यान देना और समय पर इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, इससे बाल झड़ सकते हैं। इसलिए, समय पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। 

किन कारणों से गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या कर सकती है परेशान


डॉक्टर के अनुसार, गर्मियों में डैंड्रफ कई कारणों की वजह से हो सकती है, जिन पर ध्यान देकर सही तरीके से इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। निम्नलिखित कारणों की वजह से डैंड्रफ की समस्या हो सकती है, जैसे कि 

1. अधिक पसीना आना

गर्मियों के मौसम में न केवल शरीर से, बल्कि स्कैल्प में भी पसीना आता है, जो ज्यादातर स्कैल्प पर जमा हो जाता है और फंगस व बैक्टीरिया के लिए एक बहुत ही अनुकूल वातावरण को बना देता है, जिससे डैंड्रफ बढ़ जाती है। 

2. सीबम का उत्पादन बढ़ना 

दरअसल, गर्मियों में सीबम का उत्पादन बढ़ना एक आम बात है, इसकी वजह से न केवल स्कैल्प चिपचिपा होता है, बल्कि इसके कारण डेंड्र की समस्या भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। 

3. धूल और गंदगी होना 

आज ज्यादातर वातावरण में धूल और गंदगी मिलना आम है, बाहर निकलने पर यह स्कैल्प पर जम जाती है, जो स्कैल्प को परेशान करती है और डैंड्रफ का कारण बनती है। 

क्या हो सकते हैं डैंड्रफ होने के लक्षण? 

आम तौर पर, यह समस्या केवल सफेद परत तक सीमित ही सीमित नहीं रहती है, बल्कि और भी कई संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों पर ध्यान देना और पहचान करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह संकेत निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं:

1. स्कैल्प पर लाल पन या फिर जलन की समस्या होना। 

2. कंधों पर सफेद फ्लेक्स का काफी ज्यादा गिरना। 

3. स्कैल्प पर काफी ज्यादा खुजली होना। 

4. बालों का काफी ज्यादा कमजोर हो जाना। 

5. काफी मात्रा में बालों का झड़ना। 

नोट: इन तरह के लक्षण नजर आते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

किन तरीकों से बालों से डैंड्रफ को हटाया जा सकता है? 

आम तौर पर, आप रोजाना निम्नलिखित टिप्स को अपनाकर अपने बालों से डैंड्रफ को हटा सकते हैं, जैसे कि 

1. सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार अपने बालों को धोएं। इससे स्कैल्प से पसीना और गंदगी साफ होती है।

2. ऐसे में, एंटी-फंगल गुण वाले शैम्पू का इस्तेमाल करें। यह सिरे में मौजूद फंगस को कम करने में काफी मदद प्रदान कर सकते हैं। 

3. अपने बालों को धोने के बाद स्कैल्प को अच्छी तरीके से सुखाएं। ताकि बालों में नमी न रहे। 

4. बालों को मजबूत और झड़ने से रोकने के लिए बालों पर नीम और एलोवेरा से तैयार मास्क लगााएं। 

5. हल्के तेल से स्कैल्प की मालिश करें, पर ध्यान रहे बालों में ज्यादा तेल डैंड्रफ का कारण बन सकता है। 

सिर की डैंड्रफ से बचने के लिए किन बातों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है? 

आम तौर पर, डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ निम्नलिखित बातों पर महत्वपूर्ण ध्यान दे सकते हैं, जैसे कि 

1. बालों को पोषण देने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें। 

2. ऐसे में अपने शरीर को जितना हो सके हाइड्रेट रखें। 

3. ऐसे में, अपने बालों के लिए काफी ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। 

4. अपने बालों को डैंड्रफ से बचाने के लिए दूसरों की कंघी या फिर तौलिया का इस्तेमाल करने से बचें। 

निष्कर्ष: दरअसल, गर्मियों के दौरान बाल टूटना और डैंड्रफ की समस्या होना एक बहुत ही आम समस्या मानी जाती है। इस समस्या की चपेट में हर कोई आ सकता है, चाहे वो कोई छोटा बच्चा हो या फिर कोई जवान व्यक्ति हो। अगर वक्त रहते बालों में होने वाली डैंड्रफ पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर बालों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। यह एक व्यक्ति को काफी ज्यादा परेशान कर देने वाली समस्या हो सकती है। अपने बालों की सेहत को बनाए रखने के लिए बालों की अच्छे से देखभाल करना और उनको हर समस्या से दूर रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अपने बालों की अच्छे से देखभाल करने के लिए आप एक सेहतमंद डाइट का सेवन कर सकते हैं, जो बालों को न केवल मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि बालों को सही और पर्याप्त पोषण भी प्रदान करेगी। सही देखभाल, नियमित सफाई और सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से आप डैंड्रफ जैसी समस्या को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। अगर बालों में डैंड्रफ की समस्या काफी लंबे वक्त तक बनी रहती है और रुकने की बजाय बढ़ती जा रही है, तो ऐसे में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और अपनी स्कैल्प की अच्छे से जांच करवानी चाहिए। ऐसे में, यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। बालों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किस उम्र में बालों का टूटना होता है आम? 

किन लोगों को गर्मियों के मौसम में डैंड्रफ की परेशानी सबसे ज्यादा होती है? 

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या उन लोगों को प्रभावित करती है, जिन के सिर की त्वचा काफी ज्यादा तैलीय होती है, जिन लोगों को काफी ज्यादा पसीना आता है, या फिर उन लोगों में ये समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती है, जो ज्यादातर उमस भरे मौसम में रहते हैं। 

प्रश्न 2. क्या छोटे बच्चे भी गर्मियों में बाल टूटने की समस्या की चपेट में आ सकते हैं?

दरअसल, हां यह बात बिल्कुल सच है, कि छोटे बच्चे भी गर्मियों में बाल टूटने की समस्या की चपेट में आ सकते हैं। 

प्रश्न 3. क्या बाल टूटने की समस्या के दौरान शैम्पू को बदलना ठीक रहता है? 

दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर शैम्पू के इस्तेमाल से आपके बालों में रूखापन, सिर पर खुजली या फिर बाल बेजान से नजर आते हैं, तो ऐसे में आप उस शैम्पू की जगह माइल्ड या फिर सल्फेट-मुक्त शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं, यह काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। गंभीर बाल टूटने जैसी स्थिति के दौरान केवल शैंपू बदलने से बालों का टूटना नहीं रुकता है। इसके लिए आपको अपने खाने पीने में सुधार करने की काफी ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि यह समस्या शरीर के अंदर के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। 

प्रश्न 4. जीवन में बालों की क्या महत्ता है?

दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जीवन में बाल केवल एक व्यक्ति की सुंदरता को ही नहीं दर्शाते हैं, बल्कि यह एक व्यक्ति के लिए उनके आत्मविश्वास, शारीरिक सुरक्षा, पहचान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी माने जाते हैं। इससे यह साफ़ होता है, कि जीवन में इनकी काफी ज्यादा महत्व होता है।

Woman sitting on floor with weight scale, feeling stressed about weight gain.

क्या वजन बढ़ने की वजह से खराब सेहत का पहला संकेत चेहरे पर दिखता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण और लोगों का ज्यादातर काम में ही व्यस्त रहने के कारण वह अपनी सेहत पर ध्यान नहीं देते हैं। क्योंकि भूख लगने पर वह ज्यादातर फ़ास्ट फ़ूड का ही सेवन करते हैं, जिसकी वजह से लोगों का वजन कब बढ़ जाता है, उनको इसके बारे में पता ही नहीं चलता है और इस पर ध्यान न देते हुए अपने काम पर लग जाते हैं। आम तौर पर, बहुत बार ऐसा देखने को मिलता है, कि हम में से ज्यादातर लोग काम के चलते अपने बढ़ते वजन की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं और देखते- देखते यह वजन काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस बढ़ते वजन की वजह से एक व्यक्ति को तरह- तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से उनका काम काफी ज्यादा प्रभावित हो जाता है। आम तौर पर, बढ़ते वजन का प्रभाव केवल हमारे काम और शरीर पर ही नहीं पड़ता है, बल्कि इसकी वजह से हमारे चेहरे की त्वचा भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जब एक व्यक्ति का वजन बढ़ने लगता है और मोटापा उसे घेरने लगता है, तो इसका सीधा असर हमारे शरीर के दूसरे हिस्सों के साथ-साथ त्वचा पर भी पड़ता है। इससे व्यक्ति काफी ज्यादा परेशान हो जाता है, जिससे चेहरे की त्वचा और भी ज्यादा खराब दिखाई देने लग जाती है।

दरअसल, अगर आपकी त्वचा धीरे-धीरे खराब हो रही है, तो इसका एक मुख्य कारण शरीर के वजन का बढ़ना भी हो सकता है। आम तौर पर, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि अपने मोटापे में केवल शरीर के वजन और बाहरी दिखावट को नहीं देखना चाहिए, बल्कि इससे होने वाली बीमारियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जिस में, इसकी वजह से मेटाबोलिक और हार्मोन इम्बैलेंस काफी ज्यादा प्रभावित हो जाता है और इसके कारण ही एक व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दरअसल, इस दौरान हैरान कर देने वाली बात यह है, कि बहुत से लोग समस्या की पहचान किये बिना ही इन हार्मोन इम्बैलेंस के साथ ही कई सालों तक जीते हैं। आम तौर पर, वजन बढ़ते ही होने वाली खराब सेहत का सबसे पहला प्रभाव हमारे चेहरे पर ही दिखाई देता है। दरअसल, अगर आप भी मोटापे के शिकार हैं, तो इस समस्या का सीधा प्रभाव आपके चेहरे पर नज़र आ सकता है। ऐसे में, लोग इस सवाल की पुष्टि करना चाहते हैं, क्या वाकई वजन बढ़ने की वजह से खराब सेहत का पहला संकेत चेहरे पर दिखाई देता है? डॉक्टर के अनुसार, हाँ वजन बढ़ने केशुरुआती बदलाव आपके चेहरे पर स्किन डार्कनिंग के रूप में नज़र आ सकते हैं। इसके अलावा, चेहरे के आस-पास, ठुड्डी के नीचे, गालों पर या फिर गले में सूजन और भारीपन दिखाई दे सकता है। ऐसा संकेत दिखाई देने पर आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

मोटापे में स्किन डार्कनिंग के रूप में दिखता है पहला प्रभाव!

आम तौर पर, डॉक्टर के अनुसार शरीर का वजह बढ़ने पर चेहरे की त्वचा सबसे पहले डार्क होने लग जाती है। ऐसे में, यह कालापन ज्यादातर लिप्स के आसपास, माथे, गले और अंडरआर्म्स पर दिखाई दे सकता है। हम से बहुत से लोगों को लगता है, कि ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हम अपने शरीर की अच्छे से साफ़ सफाई नहीं रखते हैं। इसका कारण सिर्फ यही नहीं होता है, बल्कि यह वजन के बढ़ने और हार्मोनल डिस्ट्रप्शन की वजह से भी हो सकता है। समस्या का बहरी इलाज करने से समस्या ठीक नहीं होती, बल्कि समस्या का जड़ से इलाज करने पर ही पुरे तरीके से समस्या ठीक होती है। जैसे कि त्वचा पर दिखाई देने वाली समस्या केवल महंगी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करने से ठीक नहीं होती, बल्कि समस्या का अंदर से इलाज किया जाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। 

लाइफस्टाइल में बदलाव करना क्यों जरूरी होता है। 

आम तौर पर, मोटापे के कारण एक व्यक्ति होने वाली बीमारियों की वजह से लाइफस्टाइल में किए जाने वाले बदलावों कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बीमारियों के दौरान और बीमारियों से बचने के लिए अपने लाइफस्टाइल में महत्वपूर्ण बदलाव करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए या फिर समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं, जैसे कि 

1. नियमित अपनी डाइट में न्यूट्रिशन का सेवन करें। 

2. रोजाना कसरत करें।

3. एक अच्छी नींद लें। 

4. लगातार अपने वजन को कम करते रहें। 

5. तनाव से दूर रहें। 

6. अपने शरीर को हाइड्रेट रखें। 

निष्कर्ष: इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि बढ़ता वजन आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी त्वचा को भी बुरी तरीके से प्रभावित कर सकता है। इससे त्वचा पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिस में त्वचा पर कालापन और डलनेस जैसी समस्या शामिल हो सकती है। अपनी सेहत और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल करने के लिए संतुलित डाइट और वजन का नियंत्रित होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। बढ़ते वजन के कारण एक व्यक्ति कोई समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें उसे चलने में दिक्क्त, बैठने, उठने और काम करने में तकलीफ महसूस हो सकती है। अच्छी पर्सनालिटी के लिए त्वचा की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, जिसे ठीक करने के लिए आप त्वचा और शरीर को अंदर से पोषण प्रदान कर सकते हैं। त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत पाने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की गंभीर समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इस के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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दो मुंहे बालों से छुटकारा पाने के लिए किन उपायों को अपनाना हो सकता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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बाल एक तरीके से हमारी खोपड़ी की रक्षा करते हैं और साथ में हमारी पर्सनालिटी को भी निखारने में हमारी काफी ज्यादा सहायता करते हैं। दरअसल, यह हमारी खूबसूरती का ही एक हिस्सा होते हैं, जिनकी देखभाल करना हमारा पहला कर्तव्य होता है। यह तो सभी जानते हैं, कि बालों में होने वाली समस्याएं आम होती हैं, जो किसी भी वक्त किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं। बालों से जुड़ी तमाम समस्याओं में से ही एक है बालों का दोमुंहा होना। दरअसल, यह समस्या सभी समस्याओं में से काफी आम मानी जाती है, जिसका सामना लगभग सभी लोगों को करना पड़ता है। ध्यान न देने पर यह समस्या और भी ज्यादा गंभीर होती जाती है। जिसकी वजह से बाल बेजान और झड़ने तक लग जाते हैं। ऐसे में, कई लोग सोच में पड़ जाते हैं, कि आखिर दोमुहे बालों की समस्या के क्या कारण हो सकते हैं। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि काफी लंबे समय तक बाल ट्रिम न कराने और साथ में गलत प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल करने की वजह से लोगों को दोमुंहे बालों की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, देखभाल करना और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 

दरअसल, जो व्यक्ति दोमुंहे बालों की समस्या से पीड़ित होता है, आम तौर पर, उस व्यक्ति के बालों का विकास रुक जाता है और बालों का झड़ना अधिक हो जाता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि दोमुंहे बालों की समस्या ज्यादातर तब बढ़ती है, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहता है और खराब लाइफस्टाइल की अड्डों को अपनाता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, दोमुंहे बालों की समस्या को खत्म करने के लिए लोग न जाने कितने ही प्रकार के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जो महंगे भी होते हैं और बालों को पहले से ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इसी को देखते हुए हम से ज्यादातर लोग निराश हो जाते हैं और तनाव लेने लग जाते हैं। हालांकि, इस दौरान समस्या का हल करने की उम्मीद को नहीं छोड़ना चाहिए। इस तरह की स्थिति में, दोमुंहे बालों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिस में नारियल का तेल, एलोवेरा जेल, तिल का तेल और गुड़हल के फूल आदि का इस्तेमाल करना शामिल हो सकता है। दरअसल, इन उपायों का इस्तेमाल बालों में होने वाली कई तरह की समस्याओं से राहत प्रदान कर सकता है। इन उपायों के इस्तेमाल से बालों को किसी भी तरह का कोई भी नुकसान नहीं होता है, बल्कि इन से तो दोमुंहे बालों की समस्या काफी कम हो जाती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

दोमुंहे बालों से छुटकारा पाने के उपाय!

दरअसल, दोमुंहे बालों की समस्या से छुटकारा पाने के उपाय निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

1. नारियल के तेल का इस्तेमाल करना 

दरअसल, दोमुंहे बालों की समस्या को कम करने के लिए नारियल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। नारियल का तेल इस समस्या के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। आम तौर पर, नारियल का तेल न केवल बालों में होने वाली प्रोटीन की कमी को पूरा करता है, बल्कि स्कैल्प को अच्छे तरीके से साफ़ कर उसको काफी ज्यादा पोषण प्रदान करता है। इस समस्या में, नारियल के तेल का इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने बालों को धोने के कम से कम 3 से 4 घंटे पहले नारियल तेल से मालिश करनी चाहिए। दरअसल, ऐसा करने से न केवल दोमुंहे बालों की समस्या कम होती है, बल्कि बाल खराब होने से भी बचे रहते हैं। 

2. एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करना 

आम तौर पर, जो व्यक्ति दोमुंहे बालों की समस्या से पीड़ित होता है, दरअसल वह इसके लिए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकता है। दोमुंहे बालों की समस्या के लिए एलोवेरा जेल का इस्तेमाल काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, एलोवेरा जेल में पाए जाने वाले प्रोटियोलिटिक एंजाइम, प्रोटीन और अमीनो एसिड बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ उनको चमकदार बनाने में भी काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। ऐसे में, एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आप थोड़ा सा या फिर बालों के हिसाब से एलोवेरा जेल लें और उसे 30 से 40 मिनट तक बालों में ऐसे ही लगा रहने दें। समय पूरा होने के बाद अपने बालों को साफ़ पानी से धो लें। 

3. तिल के तेल का इस्तेमाल करना 

दोमुंहे बालों की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। बेशक तिल के तेल में विटामिन बी-1, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो न केवल बालों के विकास के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं, बल्कि यह बालों को खराब होने से बचाने के साथ- साथ दोमुंहे बालों की समस्या को खत्म करने में भी काफी ज्यादा सहायता करते हैं। बालों को धोने से पहले तिल के तेल की मालिश करना बेहद फायदेमंद और बाल टूटने से बच सकते हैं। 

निष्कर्ष: दोमुंहे बाल की समस्या होना काफी आम है, जो किसी भी व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती है। इस समस्या से परेशान व्यक्ति इस लेख में बताए गए उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उपाय सुरक्षित होने के साथ-साथ लाभदायक भी सिद्ध होते हैं। हालांकि, बालों से जुड़ी किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर या फिर बालों पर किसी भी तरह का कोई भी ट्रीटमेंट होने पर, इन उपायों का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर किया जा सकता है। ध्यान रहे गंभीर समस्या होने पर एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।

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चेहरे पर खुजली: सामान्य कारण, सुरक्षित देखभाल और डॉक्टर को कब दिखाएँ

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चेहरे पर खुजली कई अलग कारणों से हो सकती है। रूखी त्वचा, नया कॉस्मेटिक या हेयर प्रोडक्ट, सुगंध, शेविंग, एलर्जिक या इरिटेंट कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, एक्जिमा और कुछ संक्रमण इनमें शामिल हो सकते हैं। केवल प्रदूषण या खान-पान को कारण मान लेना सही नहीं है, क्योंकि उपचार वास्तविक कारण पर निर्भर करता है।

पहले क्या करें?

यदि किसी नए फेस वॉश, क्रीम, मेकअप, हेयर डाई या अन्य उत्पाद के बाद खुजली शुरू हुई है, तो उस उत्पाद को फिलहाल बंद करना उपयोगी हो सकता है। चेहरे को बहुत गर्म पानी, स्क्रब और तेज सुगंध वाले उत्पादों से बचाएं। हल्का, फ्रेगरेंस-फ्री क्लींजर और साधारण मॉइस्चराइजर कई मामलों में त्वचा की बाधा को सहारा दे सकते हैं। ठंडी पट्टी से अस्थायी आराम मिल सकता है। त्वचा को बार-बार खुजलाने से सूजन और त्वचा की क्षति बढ़ सकती है।

किन घरेलू नुस्खों से सावधान रहें?

कच्चा दूध, शहद, कपूर, आवश्यक तेल या घर में बने कई मिश्रण संवेदनशील या पहले से सूजी हुई त्वचा पर जलन और एलर्जी बढ़ा सकते हैं। खास तौर पर कपूर को चेहरे की खुजली के लिए घरेलू उपचार की तरह लगाने की सलाह नहीं दी जानी चाहिए। एलोवेरा भी हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या उपचार नहीं है; कुछ लोगों में इससे कॉन्टैक्ट रिएक्शन हो सकता है। किसी चीज को “रामबाण” या तुरंत असर करने वाला इलाज मानना उचित नहीं है।

दवा वाली क्रीम खुद से शुरू न करें

चेहरे की खुजली पर स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक, एंटीफंगल या कॉम्बिनेशन क्रीम बिना उचित मूल्यांकन के लगाना समस्या को छिपा या खराब कर सकता है। पहले से चल रही दवा को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के बंद न करें। बार-बार लौटने वाली खुजली में कारण की पहचान अधिक महत्वपूर्ण है।

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

खुजली के साथ चेहरे या आंखों के आसपास तेज सूजन, सांस लेने में कठिनाई या होंठ/जीभ सूजना आपात स्थिति हो सकती है। फैलती लालिमा, तेज दर्द, पस, बुखार, आंख के बहुत पास रैश, या कई दिनों से लगातार/बार-बार लौटती खुजली के लिए चिकित्सकीय जांच कराएं।

यदि चेहरे की खुजली बनी हुई है या कारण स्पष्ट नहीं है, तो व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए Contact Us पेज से क्लिनिक से संपर्क किया जा सकता है।

Relaxed man in swimming pool, contemplating water temperature and comfort.

आखिर बालों को किस तरीके से डैमेज कर सकता है स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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गर्मियां आते ही लोग ज्यादातर स्विमिंग पूल में तैरना और नहाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं। सभी जानते हैं, कि गर्मियों का मौसम शुरू हो गया और अब आधे से भी ज्यादा लोग स्विमिंग जैसी एक्टिविटी को अपनी नियमित जीवनशैली का एक अहम हिस्सा बनाएंगे। दरअसल, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि यह एक्टिविटी काफी ज्यादा बेहतरीन होने के साथ-साथ, हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। इससे हमारे शरीर को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं, जिस में शरीर का वजन संतुलित होना और हड्डियों में लचीलापन बना रहना शामिल है। इसी के चलते, इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता है, कि स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो बालों की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। यह पानी बालों को कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है, जिस में बालों का झड़ना, बालों की मजबूती खत्म हो जाना और बाल काफी ज्यादा शुष्क नजर आना शामिल होता है। 

दरअसल, अगर आप भी नियमित रूप से इस पानी के संपर्क में आते हैं, तो सावधान हो जाएँ, क्योंकि स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन बालों और स्कैल्प को काफी हद तक नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बालों का झड़ना काफी ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में कई लोग जानना चाहते हैं, कि आखिर किस तरीके से स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन बालों को नुकसान पहुंचता है? दरअसल क्लोरीन बालों की सेहत के लिए हानिकारक होता है, क्योंकि यह बालों की प्रोटेक्टिव लेयर को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बाल काफी ज्यादा कमजोर, बेजान और रूखे-सूखे से नजर आते हैं। यही नहीं, क्लोरीन बालों के क्यूटिकल्स को भी काफी नुकसान पहुंचाता है, जिससे बालों का अंदरूनी प्रोटीन स्ट्रक्चर कमजोर पद जाता है और बाल झड़ने लग जाते हैं। इस सब से नतीजा यही निकलता है, कि बाल दो मुंहे हो जाते हैं और शुष्क होने के कारण लगातार झड़ने लग जाते हैं। लंबे समय तक क्लोरीन के पानी के संपर्क में रहने से बालों का रंग भी बदल सकता है, जिससे स्कैल्प इरिटेशन हो सकती है। आइये इसके बारे में इसके डॉक्टर से और जानते हैं। 

क्लोरीन के पानी से बालों को डैमेज होने से किस तरीके से बचाया जा सकता है?

कई लोग यह सोचते हैं, कि क्लोरीन के पानी से खराब हुए बालों को बचाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल है, पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, आप निम्नलिखित उपायों को अपनाकर अपने बालों को खराब होने से बचा सकते हैं, जैसे कि 

1. स्विमिंग पूल में जाने से पहले अपने बालों पर नारियल तेल जरूर लगाएं। इससे न केवल बालों में नमी बनी रहेगी, बल्कि क्लोरीन से सीधे तौर वालों को नुकसान भी नहीं होगा। 

2. स्विमिंग करते वक्त बालों को होने वाले नुकसान से बचने के लिए आप बाजार से मिलने वाले लिव-इन क्लोरीन प्रोटेक्टेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि स्विमिंग करते वक्त पानी में बालों का भीगना लाजमी है, जिससे बालों को काफी नुकसान हो सकता है। दरअसल, अगर आप चाहें, तो अपने बालों की देखभाल करने के लिए आप प्राकृतिक ऑलिव ऑयल और जोजोबा ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

3. दरअसल, स्विमिंग करने के तुरंत बाद माइल्ड शैंपू से अपने बालों को धोना बिल्कुल भी न भूलें। ऐसा करके आप स्विमिंग के दौरान क्लोरीन से बालों को होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। इससे बालों की चमक बनी रहती है। 

निष्कर्ष: क्लोरीन जो स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद होता है, इससे न केवल बालों और स्कैल्प को काफी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे बालों का झड़ना भी काफी हद तज बढ़ जाता है। कई तरीकों से स्विमिंग पूल का पानी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसमें हद से ज्यादा बालों का झड़ना, कमजोर होना और बालों का शुष्क होना शामिल होता है। इस पानी से बालों की सेहत बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में, कोई भी नहीं चाहेगा कि उनके बालों को किसी भी तरह का कोई बड़ा नुक्सान हो। इसलिए, स्विमिंग पूल के पानी से बालों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आप स्विमिंग करने से पहले स्विमिंग कैप जरूर पहने, सिर पर नारियल तेल लगाएं और स्विमिंग करने के बाद माइल्ड शैंपू से अपने बालों को जरूर धोएं। ऐसे में, आप बालों को होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं। ऐसे में बालों से जुड़ी कोई भी गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में

ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल !

प्रश्न 1. किन-किन समस्याओं से बाल झड़ने कि समस्या हो सकती है?

दरअसल, बाल झड़ने की समस्या विशेष तौर पर, हार्मोनल असंतुलन, शरीर में पोषण की कमी, काफी ज्यादा तनाव लेना, अनुवांशिकता, स्कैल्प संक्रमण और कीमोथेरेपी जैसी समस्यायों की वजह से बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। 

प्रश्न 2. बहुत ज्यादा बाल झड़ने पर किन घरेलू उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है?

वैसे तो, बाल झड़ने की समस्या आम होती है, पर काफी ज्यादा बाल झड़ने पर आप नारियल के तेल में आंवला, मेथी दाने का पेस्ट, प्याज का रस और एलोवेरा जेल जसे घरेलु उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाल झड़ने की समस्या में इन घरेलु उपायों का इतेमाल काफी असरदार साबित हो सकता है। 

प्रश्न 3. बाल ज्यादा झड़ने पर कौन से तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है?

बालों का ज्यादा झड़ना एक गंभीर समस्या हो सकती है, यह शरीर से जुडी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ज्यादा बाल झड़ने पर आप नारियल का तेल, अरंडी का तेल, बदाम का तेल, भृंगराज तेल, आवलें का तेल, रोजमेरी का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। यह तेल काफी ज्यादा प्रभावित और बालाओं को जड़ से मजबूत बनाने का काम करते हैं।

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