शादी के बाद त्वचा की चमक क्यों हो जाती है कम? जानें असली वजहें
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शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें!

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दरअसल, शादी के बाद महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं, हालांकि यह बदलाव उनकी सेहत से भी जुड़े हो सकते हैं, और उनकी त्वचा से भी जुड़े हो सकते हैं। आम तौर पर, शादी के बाद अक्सर आपने कई महिलाओं को यह कहते हुए सुना होगा कि अब उनके चेहरे पर पहले जैसा निखार नहीं रहा है। यानी कि शादी के बाद चेहरे का ग्लो कहीं खो सा जाता है।  आम तौर पर, लगभग सभी महिलाओं को अपने चेहरे की त्वचा से काफी ज्यादा प्यार होता है, और वह चाहती हैं, कि उनकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे। पर, आम तौर पर ज्यादातर महिलाएं अपनी शादी के बाद चेहरे की त्वचा के निखार को लेकर काफी ज्यादा मायूस हो जाती हैं और इस तरह की समस्या की शिकायत काफी ज्यादा करने लग जाती हैं।  दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान कई महिलाओं का कहना है, कि शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है, जिसकी वजह से वह कहीं पर भी जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है और इससे उनकी पर्सनालिटी भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है।  असल में, शादी के बाद चेहरे की चमक का गायब हो जाना सभी महिलाओं की शिकायत होती है, पर क्या आपने कभी इसके बारे में जानने की कोशिश की है, कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके क्या कारण हो सकते हैं? दरअसल, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना, और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारण शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, शादी के बाद बदलती हुई दिनचर्या, लाइफस्टाइल और खराब खानपान इसका मुख्य कारण हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कारण  वैसे तो, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि  1. नींद का पैटर्न बदल जाना  दरअसल, शादी के बाद एक लड़की की नींद में बदलाव होना एक आम बात होती है। असल में, इस दौरान नई जिम्मेदारियों में घिरे रहने और रात को ठीक से नींद न लेने और सुबह जल्दी उठने की वजह से त्वचा डल और बेजान सी हो जाती है। इसके अलावा, नींद की कमी से न केवल शरीर में तनाव का हार्मोन बढ़ता है, बल्कि इससे चेहरे पर डार्क सर्कल्स और पिंपल्स जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।  2. तनाव में रहना आम तौर पर, शादी के बाद लगभग सभी लड़कियों को नए घर, नए रिश्ते और नई जिम्मेदारियों को झेलना पड़ता है। एक दम से इतनी चीजों को संभालना उनके लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है और इसी के चलते वह ज्यादातर तनाव में रहने लग जाती हैं। तनाव में रहने की वजह से न केवल उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इससे चेहरे की त्वचा भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। दरअसल तनाव से चेहरे पर नेचुरल चमक कम और इससे त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। इस समस्या के लिए तनाव न लें और रोजाना मेडिटेशन करें।  शादी के बाद चेहरे की चमक को पहले जैसा बनाए रखने के उपाय  आम तौर पर, चेहरे की त्वचा को पहले जैसा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपायों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि  1. शादी के बाद 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।  2. सोने का निश्चित समय तय करें।  3. रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।  4. एक बेसिक त्वचा की देखभाल करने की रूटीन को जरूर फॉलो करें।  5. तनाव न लें और तनाव को दूर करने के लिए योग और मेडिटेशन करें। निष्कर्ष: दरअसल, शादी के बाद चेहरे की त्वचा की चमक गायब हो जाना हर महिला की शिकायत होती है। हर महिला चाहती है, कि उसकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे, पर शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारणों की वजह से शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। चेहरे पर पहले जैसा ग्लो बनाए रखने के लिए बदलती हुई दिनचर्या का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक होता है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, नींद पूरी लेना और अपने रोजाना के खान पीन का ध्यान रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। त्वचा से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्याओं के लिए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

खराब गट हेल्थ की वजह से चेहरे पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? जानें डॉक्टर से

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आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और गलत खान पीन की वजह से न जाने लोग सेहत के साथ- साथ त्वचा से जुड़ी कितनी ही समस्यायों का शिकार हो जाते हैं। आज न केवल सेहत से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का होना आम हो गया है, बल्कि त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी आज लोगों में आम देखी जा सकती हैं। आम तौर पर, ज्यादातर त्वचा से जुड़ी समस्याओं को अक्सर बाहरी कारणों से ही जोड़कर देखा जाता है। पर इसके अलावा, भी त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याएं अंदरूनी कारणों की वजह से हो सकती हैं। जैसे कि अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम बिल्कुल भी ठीक न हो और इसके साथ ही आपका गट बेहतर तरीके से काम ना कर रहा हो, तो इसकी वजह से भी आप त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हम में से ज्यादातर लोग बिल्कुल साफ़ और चमकदार त्वचा पाने के लिए अपने चेहरे पर क्लींजर से लेकर न जाने कितनी ही चीजों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, त्वचा की देखभाल करने के लिए बहुत से लोग मॉइस्चराइजर जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हुए भी नज़र आ सकते हें। इसी तरह लोग अपनी मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए रोजाना मेडिटेशन और योग करते हैं और जबकि पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का समाधान करने के लिए दवाओं का सेवन करते हैं। दरअसल, पेट से जुड़ी समस्याओं में एसिडिटी पेट में दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। पर, हम में से ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते होंगे, कि पाचन तंत्र और मेंटल हेल्थ से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं, यहां तक कि हमारी त्वचा से जुड़ी बहुत सी समस्याएं भी हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। दरअसल, इस पर डॉक्टर का भी यही कहना है, कि अगर हमारे पेट के अंदर कुछ भी ठीक नहीं होता है और कोई बीमारी होती है, तो इसका सीधा असर न केवल हमारी मेंटल हेल्थ और डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है, बल्कि इससे हमारे चेहरे की त्वचा भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है।  दरअसल, आयुर्वेद के अनुसार शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और गट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं। आम तौर पर, जब किसी व्यक्ति के पेट में सूजन की समस्या बढ़ जाती है और पाचन शक्ति कमजोर होने लग जाती है, तो इस तरह की स्थिति के दौरान त्वचा पर कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं, जिसमें एक्ने और पिम्पल जैसी समस्याओं की बढ़ोतरी होना, चेहरा का काफी ज्यादा डल दिखाई देना और त्वचा पर रैशेज का बढ़ना शामिल हो सकता है।  खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जर्नल नेचर रिव्यू साल 2022 में छपी एक स्टडी में बताया गया है, कि दरअसल पेट में चल रही तरह -तरह समस्याएं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। दरअसल, इससे न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक, अगर हमारे पेट में कुछ भी ठीक नहीं होता है, तो इसकी वजह से त्वचा की समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं। खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं निम्नलिखित अनुसार हो सकती हैं, जैसे कि  1. एक्ने और पिम्पल्स का बढ़ना  आम तौर पर, हमारे शरीर में अमा यानी कि टॉक्सिन के स्तर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और जब पेट इसको अच्छे तरीके से साफ़ नहीं कर पाता है, तो इसकी वजह से चेहरे की त्वचा पर पिम्पल्स, एक्ने, फोड़े और फुंसी जैसी तरह -तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। इसकी वजह से इन समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।  2. चेहरा का डल दिखाई देना आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि शरीर में हानिकारक तत्वों का स्तर बढ़ने पर चेहरे की त्वचा की चमक बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल त्वचा की चमक कम होती है, बल्कि इससे त्वचा धीरे-धीरे ड्राई और रफ नज़र आने लग जाती है। कई लोग इस तरह की त्वचा से परेशान हो जाते हैं और वह तनाव लेने लग जाते हैं, जिससे कि त्वचा और भी ज्यादा डल दिखाई देने लगती है। इसके अलावा, इससे चेहरे का ग्लो काफी ज्यादा कम हो जाता है।  3. त्वचा पर रैशेज का बढ़ना पेट से जुड़ी समस्याएं त्वचा को न केवल बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं, बल्कि यह एक दम से त्वचा की खूबसूरती को गायब कर देती है। दरअसल, शरीर में बड़ी हुई गंन्दगी की वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण त्वचा पर रैशेज या फिर चकत्ते जैसे निशान दिखाई देने लग जाते हैं।  गट हेल्थ बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय  दरअसल, पेट की सेहत को बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखत उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि  1. इसके लिए हमेशा घर के बने हुए ताजे भोजन का सेवन करें।  2. रोजाना एलोवेरा जूस का सेवन करने से भी पेट को ठीक रखा जा सकता है।  3. पेट में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है।  निष्कर्ष: पेट में चल रही बहुत सी समस्याओं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। इससे त्वचा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी बढ़ जाते हैं। शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और पेट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं, इसलिए पाचन तंत्र, मेंटल हेल्थ और त्वचा से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी ले सकते हैं।

क्या बढ़ते प्रदूषण में इन 4 तरीकों से बालों की देखभाल की जा सकती है? जानें डॉक्टर से

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आम तौर पर, फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों को कोई तरह की समस्यायों का सामान करना पड़ता है. दरअसल, यह समस्याएं न केवल लोगों के स्वस्थ से जुडी होती हैं बल्कि यह त्वचा और बालों से भी जुड़ी हो सकती हैं। आम तौर पर, अक्सर अपने यह देखा ही होगा, कि घर से बाहर निकले ही आपको इतना ज्यादा पॉल्यूशन का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से आपकी त्वचा और बाल काफी ज्यादा  प्रभावित हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से हवा में धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स हर वक्त उपलब्ध रहते हैं। जो बाहर जाने पर, हमारे बालों और स्कैल्प पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से हमारे बाल डल और बेजान हो जाते हैं।  दरअसल, अब इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति कर ही क्या सकता है, क्योंकि हर किसी को, किसी न किसी काम के लिए ऑफिस जाना ही पड़ता है। तो इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है, कि बढ़ते पॉल्युशन में बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है? तो इसके लिए कई तरीके उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने बालों की देखभाल कर सकते हैं। तो ऐसे में, वह कौन से तरीके हो सकते हैं, जिन से बालों की देखभाल की जा सकती है? दरअसल, अगर आप इस बढ़ते प्रदूषण के बीच अपने बालों की देखभाल और अपने बालों की चमक को बरकार रखना चाहते हैं, तो आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे इन 4 आसान तरीकों को अपना सकते हैं। आपको बता दें, कि यह आपके बालों की चमक को बरकरार रखने और अच्छे तरीके से देखभाल करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल के आसान तरीके  बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल करने के लिए इन 4 तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि  1. घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करें  दरअसल, प्रदूषण जैसी स्थिति में, आपको इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि जब भी आप किसी भी काम के लिए बाहर जाते हैं, तो आपको पूरी कोशिश करनी चाहिए, कि आप किसी स्कार्फ या फिर दुपट्टे से अपने बालों को अच्छे तरीके से कवर करके रखें। दरअसल, अगर आप बाहर जाते वक्त ऐसा नहीं करते हैं, तो हवा में मौजूद धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स स्कैल्प और बालों पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से बाल डेमेज और झड़ने लग जाते हैं।  2. स्कैल्प को अच्छे से साफ करें दरअसल, कई महिलाएं ऐसी होती है, जिन को बाहर का काम काफी ज्यादा होता है और इसी वजह से वह अपने बालों को वॉश नहीं कर पाती हैं, जो कि उनके बालों के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में, लगातार बाहर जाने और 2 दिन से हेयर वॉश न करने पर स्कैल्प पर खुजली, इरिटेशन और फोड़े जैसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, कि आप अपनी स्कैल्प की अच्छे तरीके से सफाई करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको इन समस्यायों के साथ-साथ डैंड्रफ होने की समस्या की भी सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।  3. स्कैल्प को करें नरिश  दरअसल, बढ़ते पॉल्यूशन के दौरान अपनी स्कैल्प और बालों को पोषण देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इसका मतलब यह है, कि हफ्ते में दो से तीन बार आप अपने बालों में तेल लगाएं। क्योंकि प्रदूषण जैसी स्थिति में, हमारे बाल बहुत ही ज्यादा रूखे और बेजान से हो जाते हैं, जिसके लिए  तेल एक ढाल की तरह काम करता है। इसलिए, प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए अपनी स्कैल्प को नरिश करें।  4. हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि  प्रदूषण से बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर आप रोजाना ड्रायर या फिर स्ट्रेटनर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, या फिर अपने बालों को रंग करते हैं, तो यह आपके बालों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। इसलिए, अपने बालों पर इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। अगर प्रदूषण की वजह से आपके बाल बहुत ही ज्यादा झड़ रहे हैं, तो नीम के पानी से बाल धोएं, नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प को इन्फेक्शन से बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं।  निष्कर्ष: बढ़ते प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए, आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों की समस्या गंभीर होने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी, या फिर अगर आपको भी बालों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

Are You Planning On Getting A Liposuction? Read To Know More About It

Are You Planning On Getting A Liposuction? Read To Know More About It

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Liposuction surgery is a procedure that involves removing excess fat from targeted areas of the body. It is done through different advanced techniques that mainly involve suctioning liquefied body fat. The aim of this procedure is to design and contour the targeted areas for a better appearance. Liposuction gives individuals an opportunity to remove stubborn body fat that is resistant to diet and exercise, and it helps to enhance appearance and boost confidence. While reading this blog, you will understand the different techniques of Liposuction and the areas where it can be done.  Tumescent Liposuction: This is a contouring procedure for stubborn fat. In this procedure, the surgeon eliminates the fat by using a saline solution that is mixed with anaesthesia to the targeted areas to swell and firm the fatty tissue in order to create a tumescent effect and to constrict the blood vessels, which makes it easy for surgeons to conduct a suction.  Laser-assisted Liposuction: This is a procedure that is ideal for those who are near their ideal weight. This procedure is done under local anaesthesia, and it involves a laser liquefaction process where a laser fibre is inserted and emits thermal energy that ruptures and liquifies fat cells. The liquified fat is then suctioned through a small tube.  VASER liposuction: This procedure is mainly used for sculpting and defining muscles. VASER means Vibration Amplification of Sound Energy at Resonance, which is an advanced ultrasound-based contouring procedure that uses high-frequency sound waves to break down and liquify stubborn fat. It is done under anaesthesia, and a probe emits ultrasound energy which disrupts fat cells, turning them into liquid, then it is suctioned out using a tube. Areas where Liposuction can be performed  Abdominal Liposuction with hips and mono pubis:  The procedure is done in the abdominal area, starting from beneath the breast, continuing to the mono pubis. Saddlebags and love handles. Liposuction: It is common in women. The aim of the procedure is to remove stubborn fat in the flanks and the upper and outer side of the thigh. Male belly liposuction: The procedure aims at removing stubborn fat from the belly that is resistant to diet or exercise. Thigh and buttock liposuction: For this procedure, fat is removed from the waist, thigh and buttock and sometimes legs, for a perfect shape. Face liposuction: In this procedure, puffy cheeks and a double chin are removed to improve the appearance of the face.  Conclusion  The whole procedure involves detailed consultations, thorough evaluations, post-evaluation and care. If you are interested in getting Liposuction, you can rest assured that Dr. C. Vijay Kumar and his team at Dr. VJ’s Cosmetic Surgery and Hair Transplantation Centre will offer premium service. We are committed to helping individuals enhance their beauty, hence boost their confidence. The results of our specific treatment are up to satisfaction with a proven record of testimonials. Our centre is well equipped with advanced technology and with professional team members that prioritises you. Book an appointment with us to get Liposuction.  FAQ’s  Liposuction mainly focuses on removing deeper fats, while cellulite involves fat deposits and fibrous bands in the superficial layer of the skin, which Liposuction does not address.  For the first few weeks, the swelling, bruising, and soreness start to subside, then after 3 months, a significant part of the swelling reduces, and the body starts to adapt to the new contours. Final healing starts to show after 6 months or up to 1 year.

Have You Ever Considered Rhinoplasty Surgery But Didn’t Know If It’s Worth It? Here Is All You Need to know About This Surgery

Have You Ever Considered Rhinoplasty Surgery But Didn’t Know If It’s Worth It? Here Is All You Need to know About This Surgery

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If you are considering enhancing your facial appearance, then Rhinoplasty is indeed worth it. It will bring balance and harmony to your face, which will elevate your beauty. Rhinoplasty is a procedure that aims at restoring the exterior and interior structure of the nose. It involves making changes to the shape, size and function of the nose, which addresses both cosmetic and medical issues. The surgery may involve removing the cartilage, reshaping the bone, or refining the soft tissue. The whole procedure varies on an individual basis in order to suit their needs and preferences. This blog will help you understand the types of Rhinoplasty and the step-by-step procedure of the surgery.  Types of Rhinoplasty Cosmetic Rhinoplasty The aim of this surgery is to refine the nose. An individual may want to enhance their beauty by elevating their nose to their own personal preference. The surgery involves:- Function Rhinoplasty This surgery aims at correcting structural issues in order to enhance its functionality that may have been causing difficulty in breathing. The changes involve:- Reconstructive Rhinoplasty A reconstructive surgery addresses restoration of the nose’s form, structure and function that could have been damaged due to trauma (broken nose, blasted nose or accident), birth defects, disease or previous surgery. It is done by using incisions to reshape the bone or cartilage, or adding grafts from other body parts to restore shape and function.   Revision Rhinoplasty  When an individual is not satisfied with the results of the previous surgery, they can undergo a revision surgery, which corrects the unsatisfactory results.  Consultation and Planning  During consultation, the individual discusses their concerns, their goals and desired look with the surgeon and a plan for the procedure is arranged in accordance with the individual. The surgeon also examines the individual’s nose, and their medical history.  Take a look into the Rhinoplasty procedure  The surgery is done under anaesthesia and there are two main types of Rhinoplasty surgery:- Open-type Rhinoplasty: It is an open type of surgery whereby small incisions are made across the tissues between the nostrils to give the surgeon more access to do delicate and structural work. Closed-type Rhinoplasty: During this surgery, all the incisions are made inside the nostrils;  therefore,  there is no visible scarring.  The recovery  During the first days of recovery, the individual may experience swelling, stuffiness and bruising. If the swelling starts to subside after the first few weeks of recovery, it may take months for the nose to settle, mostly the swelling and usually after 6-12 months, the final apparent results start to show. Generally, it takes patience to start seeing the results, and it also depends on the intensity of the procedure. Conclusion  Even though the results of Rhinoplasty surgery take time, the results are amazing. A small change can bring about a huge difference. The surgery brings harmony and balance, it corrects asymmetry and deformities and also refines normal features. Renowned Dr. C. Vijay Kumar and his entire team at DR. VJ’s Cosmetic Surgery and Hair Transplantation centre made it their mandate to help people by enhancing their beauty, and also help those in dire distress because of nasal disorders. Book an appointment and be assured that our experts will help you according to your preference and to your satisfaction.  FAQ’s  1. Is my nose going to look natural after the Rhinoplasty surgery?  The aim of Rhinoplasty surgery is to help your nose look natural. Working as an experienced surgeon makes it more advantageous because they understand facial harmony and balance, to avoid unnatural appearance.  2. How long does it take to start seeing results after Rhinoplasty surgery? Gradual changes start to show after one week of the surgery. The swelling resolves after 3 months, but the final look after the surgery takes time to start; it often takes 12 -18 months.  3. Is it safe to undergo Rhinoplasty surgery, and is it invasive?  Rhinoplasty surgery is safe when done by a certified plastic surgeon in an accredited facility. The surgery is considered invasive because it involves incisions and changes to the nose.  

Can Cosmetic Surgery Help In Treating Skin Burns?

Can Cosmetic Surgery Help In Treating Skin Burns?

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Cosmetic surgeries can greatly alleviate severe skin burns. It helps to cover up wounds or scars, protects the wounds from infection, and helps to accelerate the healing of the wound. Furthermore, it helps to cover up scars that can dim a person’s self-esteem. There are different types of surgeries that can help with skin burns. It depends on the person’s preference and also the state of the wound. The procedure is planned in stages depending on the needs of the patient, and the surgery is done under anaesthesia. The recovery of the procedure varies, and it can also involve splinting and intensive physical therapies to regain motion and prevent recurrence. This blog will help you understand the different surgeries that can help treat skin burns.  Skin Grafting  Skin grafting helps in treating severe wounds by covering the wound with healthy skin from another part of the body. The surgeon cleans the burned area by removing the damaged tissue. A layer of healthy skin is taken from the patient’s body part to cover the wound, and it’s grafted onto the skin, To secure the graft, it is stitched or stapled and covered with a dressing. It prevents infection, minimises scarring and accelerates healing.  Flap surgery  This surgery helps to treat deep burns by transferring healthy skin, fat and blood vessels from another part of the body to cover the damaged area. It’s crucial for deep wounds that won’t heal on their own. In this process, the surgeon takes a flap of living tissue from a healthy part of the body, like the thigh or abdomen. The flaps provide robust coverage for the deep wounds. It, in turn, provides a better skin colour, texture and pliability. Contracture release  The procedure involves releasing constricted fibrous tissue that pulls the skin, muscles and joints out of alignment, causing stiffness. The removed scar is replaced with healthier skin, which could be a skin graft or a local flap. Techniques like Z-plasty can reposition scars to look like the natural skin tension lines and make them look less obvious. It, in turn, helps with alleviating chronic discomfort.  Conclusion  Undergoing the above-mentioned  surgeries can be worth it. They can help boost your confidence and also elevate your appearance as they remove the scars and wounds. It can also help to alleviate the discomfort that comes with the wounds. Dr. C. Vijay Kumar and his entire team at Dr. Vjs Cosmetic Surgery and Hair Transplantation Centre are vastly experienced in helping patients with their desired surgeries, with a proven record of testimonials. We deal with different cosmetic surgeries by using top-notch technology, and we also ensure that we have a great understanding of our patients’ needs so that we can treat them effectively without compromise. You may think you have a difficult situation, but we delight in dealing with such conditions. Book an appointment with us and let us help you get better.  FAQ’s  Cosmetic and reconstructive surgery is crucial after a burn injury in order to restore function, improve the appearance and boost confidence by using different techniques like skin grafting, tissue expansion and skin revision.  Before settling for a surgeon, make sure you thoroughly go through referrals and do proper research, check for their experience, reputation and their specialisation. Ensure they understand your needs before rushing to a conclusion. The surgery may not completely remove the scars, but it helps to improve the appearance by making it smoother, less noticeable, flatter and well blended.

क्या आप भी सर्दियों में रूखी त्वचा से छुटकारा पाना चाहते हैं? तो इन 2 तरीकों से मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें

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मौसम चाहे जो भी हो, लोग किसी न किसी समस्या से पीड़ित रहते ही हैं। दरअसल, सर्दियों के मौसम में काफी ठंडी हवाओं और मौसम में नमी की कमी की वजह से एक व्यक्ति को त्वचा से जुडी समस्याओं का होना बहुत आम बात होती है। आम तौर पर, इस मौसम के दौरान एक व्यक्ति की त्वचा की नेचुरल नमी खोने लग जाती है, जिसमें ज्यादातर त्वचा का फटना, त्वचा में रूखापन आना, खुजली होना और कभी-कभी रेशैज पड़ना जैसी समस्या शामिल हो सकती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, ज्यादातर लोग अपनी त्वचा को सेहतमंद रखने, मॉइस्चराइज करने और समस्यायों से दूर रखने के लिए कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं। हालाँकि, इस तरह की स्थिति में कई लोग ऐसे भी हैं, जो सर्दियों के मौसम में अपनी त्वचा को सेहतमंद और डेली मॉइस्चराइज रखने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल एक व्यक्ति की त्वचा के लिए काफी ज्यादा बढ़िया विकल्प माना जाता है। क्योंकि आम तौर पर, इसमें विटामिन ई, ओमेगा-6 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और मॉइश्चराइजिंग जैसे गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आम तौर पर, इसमें पाई जाने वाली यह सभी चीजें, एक व्यक्ति की त्वचा को काफी ज्यादा पोषण प्रदान करती हैं और इसके साथ ही सर्दियों की वजह से होने वाले त्वचा के रूखेपन को कम करने में क़ाफी ज्यादा सहायता प्रदान करती हैं। तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि क्या सर्दियों में ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए मूंगफली का उपयोग किन तरीकों से किया जा सकता है? ड्राई स्किन पर मूंगफली का तेल कैसे लगाएं? दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, ड्राई स्किन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कई तरीकों से मूंगफली के तेल का उपयोग कर सकते हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि  1. नहाने से पहले बॉडी मसाज करें  आपको बता दें, कि मूंगफली का तेल हमारी त्वचा में गहराई तक जाकर उसको काफी ज्यादा पोषण प्रदान करता है। आम तौर पर, सर्दियों के मौसम में नहाने से पहले अपने शरीर की हल्के गुनगुने मूंगफली के तेल से मालिश करना काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, यह त्वचा की नमी को बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इससे मालिश करने पर हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, आम तौर पर, जिसकी सहायता से त्वचा सेहतमंद और ग्लोइंग बनी रहती है। इसे लगाकर नहाने के बाद, आपको अपनी त्वचा मुलायम महसूस होगी और लंबे समय तक आपकी त्वचा ड्राई नहीं होगी। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक छोटे से बर्तन में मूंगफली के तेल को हल्का गर्म करें और इसके साथ ही अपने पुरे शरीर पर 10 मिनट तक मालिश करें। इसको लगाने के बाद गुनगुने पानी से नहा लें। 2. हाथ और पैरों के लिए मॉइस्चराइजर आपको बता दें कि सर्दियों के मौसम में, ज्यादातर लोगों के हाथ और पैर सबसे ज्यादा ड्राई और बेजान दिखने लग जाते हैं। आम तौर पर, इस तरह की स्थति में, घुटनों और एड़ीओं में काफी ज्यादा दरारे पड़ने लग जाती है, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मूंगफली के तेल का इस्तेमाल डीप-मॉइस्चराइजिंग ऑयल के रूप में किया जा सकता है। दरअसल, इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए आप रात की नींद लेने से पहले अपने हाथ पैरों को अच्छे तरीके से धो कर साफ़ कर लें, और इसके बाद मूंगफली के तेल से अपने हाथ पैरों की मालिश करें।  निष्कर्ष: सर्दियों में मूंगफली का तेल आपको ड्राई स्किन जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है। यह रूखी और बेजान त्वचा को ठीक करने, पोषण प्रदान करने और साथ में नेचुरल तरीके से ग्लोइंग बनाने में सहायता प्रदान करता है। इसके बारे ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज पाने के लिए आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आखिर क्या होता है सेल्युलाइटिस? इसके कारण, लक्षण और उपचार तरीके जाने डॉक्टर से

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आम तौर पर, इस तरह की कई समस्याएं हो सकती हैं, जिनको हम काफी जयदा हलके में ले लेते हैं, जैसे कि त्वचा पर लालिमा और सूजन को हम ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं। आम तौर पर, यह छोटी-छोटी समस्याएं हमको एक छोटी सी चिंता की तरह लग सकती हैं। आप को बता दें कि कुछ मामलों में, ये शुरुआती लक्षण सेल्युलाइटिस की शुरुआत का संकेत प्रदान करते हैं, जो आम तौर पर एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है, जिसका विकास स्किन की गहरी परतों में होता है। दरअसल, संक्रमण जैसी समस्या तब होती है, जब त्वचा का नेचुरल बैरियर टूट जाता है, जिससे बैक्टीरिया सतह के नीचे घुसकर विकसित हो जाते हैं। आपको बता दें, कि जैसे-जैसे यह बैक्टीरिया त्वचा में फैलता है, तो वैसे ही इससे प्रभावित क्षेत्र में दर्द और गर्मी बढ़ सकती है। क्योंकि, इस तरह की स्थति में बैक्टीरिया त्वचा में फैलने की वजह से संक्रमण काफी तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए इसकी जटिलताओं से बचने के लिए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान करना और समय पर इसका इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। तो आइये आज हम इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे कि आखिर सेल्युलाइटिस कैसे शुरू होता है और साथ ही इसके कारणों, लक्षणों, और उपचार के तरीकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे।  सेल्युलाइटिस क्या होता है? आपको बता दें, कि सेल्युलाइटिस एक तरीके का संक्रमण होता है, जो आम तौर पर, एक व्यक्ति की त्वचा की गहरी परतों और उसके नीचे के ऊतकों पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव डालता है। इस तरह की समस्या तब उत्पन्न होती है, जब बैक्टीरिया इन परतों के भीतर जाकर विकसित होने लग जाते हैं, और जिसकी वजह से शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है। आम तौर पर, इसकी वजह से सूजन, लालिमा और दर्द जैसी समस्या हो सकती है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्र में काफी ज्यादा सूजन हो जाती है। आपको बता दें, कि संक्रमण की वजह से आस-पास के लिम्फ नोड्स जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा होते हैं, वह सूज सकते हैं, क्योंकि वह इस बैक्टीरिया से लड़ते हैं। इसके साथ ही, कुछ मामलों में, सेल्युलाइटिस जैसे संक्रमण की वजह से त्वचा में छाले या फिर गड्ढे भी उत्पन्न हो सकते हैं। इस तरह की स्थिति में यह समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, कि सेल्युलाइटिस, एक्जिमा या फिर आम लालिमा जैसी ऊपरी स्किन की समस्याओं से काफी ज्यादा अलग होता है, क्योंकि आम तौर पर इसमें काफी ज्यादा गंभीर संक्रमण मौजूद होता है, जिसके लिए, डॉक्टरी इलाज की काफी ज्यादा जरूरत होती है।  सेल्युलाइटिस का क्या कारण होता है? त्वचा में, सेल्युलाइटिस फैलने के कई कारण हो सकते हैं और इसके एंट्री पॉइंट अक्सर छोटे होते हैं। जिसमें निम्नलिखित कारण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि  1. कट, खरोंच या फिर कीड़े का काट जाना।  2. विशेष रूप से पैरों और एड़ियों की फटी हुई त्वचा होना।  3. सर्जिकल जखम या फिर इंजेक्शन वाली जगह होना।  4. त्वचा से जुड़ी समस्याएं, जैसे एक्जिमा या फिर एथलीट फुट पहले से मौजूद होना  5. खुले हुए जख्म, अल्सर या फिर दबाव से होने वाली चोटें।  6. जानवरों के काटने या फिर खरोंच जाना।  सेल्युलाइटिस के लक्षण क्या होते हैं? आपको बता दें, कि सेल्युलाइटिस जैसा संक्रमण अक्सर अचानक से शुरू होता है और शरीर के एक हिस्सों को प्रभावित करता है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या के लक्षण आपको कुछ ही घंटों बाद दिखाई दे सकते हैं। इस संक्रमण के लक्षण हलके से लेकर काफी ज्यादा गंभीर भी हो सकते हैं, पर यह इस बात पर निर्भर करता है कि इन्फेक्शन कितना फैला है। सेल्युलाइटिस के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि  सामान्य लक्षण 1. त्वचा पर लालिमा का फैलना।  2. प्रभावित क्षेत्र में काफी ज्यादा सूजन होना।  3. क्षेत्र में दर्द या कोमलता का महसूस होना।  5. संक्रमण वाली जगह के आसपास गर्मी या फिर ताप महसूस होना।  ज़्यादा गंभीर संक्रमण में, आम लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे कि  1. बुखार या फिर काफी ज्यादा ठंड लगना।  2. थकावट या फिर बीमारी का आम अहसास होना।  सेल्युलाइटिस के लिए उपचार के क्या विकल्प हो सकते हैं? आपको बता दें, कि सेल्युलाइटिस के प्रबंधन में, संक्रमण का इलाज करना, लक्षणों से राहत प्रदान करना और जटिलताओं के जोखिम को कम करना आदि शामिल है। आम तौर पर, इसके इलाज का तरीका बीमारी की गंभीरता और किसी भी अंदरूनी सेहत समस्या पर निर्भर कर सकता है। सेल्युलाइटिस के लिए उपचार के कई विकल्प हो सकते हैं, जैसे कि  1. एंटीबायोटिक थेरेपी करना।  2. एंटीबायोटिक और पेरासिटामोल या फिर एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं को देना।  3. बार-बार होने वाले सेल्युलाइटिस का प्रबंधन करना।  निष्कर्ष त्वचा पर होने वाली लालिमा और सूजन को अक्सर हम हल्के में ले लेते हैं, पर कुछ मामलों में, ये शुरुआती लक्षण सेल्युलाइटिस की शुरुआत का संकेत भी दे सकते हैं, जो एक बैक्टीरियल संक्रमण होता है, जिसका विकास स्किन की गहरी परतों में होता है। इससे सूजन, लालिमा और दर्द जैसी समस्या हो सकती हैं। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं और इस समस्या के लक्षण आपको कुछ ही घंटों बाद दिखाई दे सकते हैं। स्किन के अंदर जाने के बाद, बैक्टीरिया स्थानीय स्तर पर फैल जाते हैं और कुछ मामलों में, अगर इलाज न किया जाए तो ब्लडस्ट्रीम में भी जा सकते हैं। इसलिए, इसका इलाज लेख में दिए गए उपचार के विकल्पों के आधार किया जाता है। अगर आपको भी इस तरह की कोई समस्या है और आप इसका इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Surgeries are performed for multiple reasons, and one of them is to feel confident in your own skin. Abdominoplasty is a cosmetic surgery that removes excessive fat and skin from the stomach. The abdominal muscles are also strengthened in this procedure. It focuses on getting your confidence back. The surgery gives you the opportunity to feel like your confident self. The surgical procedure takes about two to five hours. People who often prefer to get this surgery done are the women who have given birth multiple times, those who have lost excessive weight and those who have lost abdominal skin yet haven’t improved with exercise or diet. The kinds of abdominoplasty The recovery process ConclusionIt’s not always about looking good. It’s about having improved self-esteem- feeling good about yourself, having confidence in both group and personal relationships. Visit VJ Clinics today and explore the different ways in which you can boost your self-esteem. Some insecurities can be fixed with the experience and quality care the doctors provide. You will definitely have your confidence boosted at VJ Clinics.

आँखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स? डॉक्टर से जानें इसके कारण, जोखिम कारक और उपचार के तरीके

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आज के समय में, लोगों को आंखों की समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। जैसे कि आंखों के नीचे काले घेरों का होना। आम तौर पर, यह समस्या ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखी जाती है। लोगों के लिए यह एक चिंता का विषय है, जो आम तौर पर सभी उम्र, लिंग और साथ में सभी नस्ल के लोगों को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें, कि इस समस्या के आम होने के बावजूद भी डार्क सर्कल के पीछे के सही कारणों  के बारे में पता करना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से इसके बारे में, कई गलतफहमियां और मिथक फैले हुए हुए हैं। तो आज इसी लेख के माध्यम से हम इस के डॉक्टर से इसके बारे में, कि यह क्यों होते हैं, इसका कारण क्या हो सकते हैं,  इन्हें और बदतर बनाने वाले जोखिम कारक क्या होते हैं और इस समस्या के मौजूद सबसे असरदार इलाज के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।  आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं? आम तौर पर बहुत सारे लोगों को आँखों में समस्या कई कारणों से हो सकती है, ठीक उसी तरह लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जो हमेशा एक साथ होकर काम करते हैं। असल में, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए और उन्हें कंट्रोल में रखने के लिए इन कारणों के बारे में अच्छे तरीके से समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। आम तौर पर, इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं, जैसे कि  1. परिवार में पहले से ही डार्क सर्कल्स जैसी समस्या का इतिहास (आनुवंशिकी) होना।  2. एक्जिमा और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी कंडीशन होना।  3. अपनी आँखों हर 5 मिनट बाद बार-बार रगड़ना या फिर छूना।  4. नींद की कमी होना।  5. हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी समस्या का होना।  6. पर्याप्त पानी का सेवन न करना।  7. खराब आहार, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करना।  8. एलर्जिक रिएक्शन होना (जैसे हे फीवर)। 9. आंखों के आसपास वसायुक्त ऊतक का कम हो जाना।  10 किसी व्यक्ति की आंखों के नीचे की त्वचा का पतला होना।  11. आयरन की कमी या फिर एनीमिया होना।  12. ज्यादातर धूप में रहना।  13. थायराइड की समस्याएं होना।  आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारक क्या हैं? आज के समय में, आंखों के नीचे काले घेरे होने की समस्या किसी को भी हो सकती है। पर आम तौर पर, कुछ जोखिम कारक इस तरह की समस्या के होने की संभावना को काफी ज्यादा बढ़ा सकते हैं। आंखों के नीचे काले घेरे होने के जोखिम कारकों में शामिल हो सकते हैं, जैसे कि  1. गहरे रंग की त्वचा का होना।  2. उम्र में बढ़ोतरी होना।  3. डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना।  आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज कैसे किया जाता है? आपको बता दें, कि आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जा सकता है। इस तरह की समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसके उपचारों में शामिल में जैसे कि  . घरेलू उपचार  1. पर्याप्त और एक अच्छी नींद लें।  2. ज़्यादा तकिए का इस्तेमाल करें। 3. रोजाना ठंडी सिकाई करें।  4. नियमित अपने चेहरे का फेशियल करें।  5. मेकअप के लिए कंसीलर और कलर करेक्टर का इस्तेमाल करें।  . मेडिकल उपचार  1. सामयिक क्रीम और ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल करना।  2. अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (एएचए) युक्त हल्के रासायनिक छिलकों का इस्तेमाल करना।  3. लेजर थेरेपी।  4. पलक की सर्जरी।  5. प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (पीआरपी) इंजेक्शन देना।  6. सामयिक विटामिन सी का इस्तेमाल करना।  निष्कर्ष ज्यादातर वृद्ध लोगों की आंखों के नीचे काले घेरों की समस्या होना एक आम बात है। आँखों के नीचे काले घेरे कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि डार्क सर्कल्स का पारिवारिक इतिहास होना और आँखों को बार बार रगड़ना आदि। आँखों के नीचे काले घेरों का इलाज घरेलू नुस्खों और मेडिकल ट्रीटमेंट दोनों के सुमेल से किया जाता है। इस समस्या का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर आपको भी आंखों के नीचे डार्क सर्कल जैसी कोई समस्या है और आप इसका इलाज करवाना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वीजे कॉस्मेटिक सर्जरी एंड हेयर ट्रांसप्लांटेशन सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।