डैमेज कर्ली बालों की देखभाल: असरदार उपाय जो सच में काम करें
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डैमेज घुंघराले बालों को ठीक करने के लिए किन उपायों का इस्तेमाल हो सकता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

Woman with curly hair holding a hair strand, promoting hair transplant consultation at VJ Clinics.

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आज सभी लोगों को बालों से जुड़ी किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। चाहे वो सीधे बाल हों या फिर घुंघराले, समस्या किसी भी प्रकार के बालों में हो सकती है। दरअसल, सीधे बालों की तुलना में घुंघराले बालों को अधिक देखभाल की जरूरत पड़ती है। अगर इन का अच्छे से ख्याल न रखा जाए, तो यह आसानी से खराब हो सकते हैं। हम में से ज्यादातर लोग घुंघराले बालों की देखभाल करना जानते ही नहीं है, कि इन की अच्छे से देखभाल कैसे की जाती है। ऐसे में, हैरानी की बात यह है, कि जिन लोगों के बाल घुंघराले हैं, दरअसल उनको भी पता नहीं है, कि अपने बालों की देखभाल कैसे की जाती है। ऐसे में, बालों की अच्छे तरीके से देखभाल न करने और ज्यादा से ज्यादा स्टाइलिंग टूल का इस्तेमाल करने पर बाल काफी ज्यादा खराब यानी कि डैमेज हो सकते हैं। इसके अलावा, यह रूखे, बेजान और शुष्क भी हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। अगर आपके भी बाल घुंघराले हैं और यह डैमेज हो गए हैं, तो इन को ठीक करने के लिए आप प्रोटीन ट्रीटमेंट लेना, बालों को हाइड्रेट करना, हेयर केयर रूटीन को अपनाना और स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल न करना जैसे टिप्स को अपना सकते हैं।  डैमेज घुंघराले बालों को ठीक करने के उपाय  दरअसल, डैमेज घुंघराले बालों को ठीक करने के उपाय निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि  1. बालों को हाइड्रेट करना  वैसे तो, उन लोगों को भी अपने बालों को हाइड्रेट करने की जरूरत होती है, जिन के बाल सीधे होते हैं। पर, सीधे बालों की तुलना में, घुंघराले बालों को अधिक हाइड्रेशन की जरूरत पड़ती है। आम तौर पर, डॉक्टर के अनुसार, डीप कंडीशनिंग हेयर मास्क घुंघराले बालों को हाइड्रेट करने में काफी ज्यादा सहायक हो सकता है। दरअसल, जिन हेयर मास्क में जोजोबा ऑयल पाया जाता है, उनको डीप कंडीशनिंग का एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। हफ्ते में एक बार घुंघराले बालों पर डीप कंडीशनिंग हेयर मास्क लगाने से डैमेज बालों को ठीक किया जा सकता है। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार, बालों में नमी की कमी होने पर बाल ड्राई हो सकते हैं, जिसमें घुंघराले बाल भी शामिल हैं।  2. प्रोटीन ट्रीटमेंट लेना  दरअसल, बाल सीधे हो या फिर घुंघराले डैमेज होने पर दोनों को प्रोटीन ट्रीटमेंट लेना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आम तौर पर, खराब घुंघराले बाल न केवल शुष्क और बेजान से नजर आते हैं, बल्कि उनका बाउंस भी खत्म हो जाता है। ऐसे में, बालों की चमक भी कहीं गायब सी हो जाती है। इसलिए, डॉक्टर की मानें तो घुंघराले बालों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए प्रोटीन ट्रीटमेंट लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए आप हाइड्रोलाइज्ड या फिर व्हीट प्रोटीन से भरपूर प्रोडक्ट का चुनाव कर सकते हैं और अपने घुंघराले बालों को प्रोटीन ट्रीटमेंट प्रदान कर सकते हैं।  3. हेयर केयर रूटीन को अपनाना  दरअसल, जिन लोगों के बाल घुंघराले होते हैं, उन लोगों को अपने बालों की ख़ास देखभाल करने कि जरूरत होती है। इसके लिए आप विशेष हेयर केयर रूटीन को अपना सकते हैं, जिसमें रोजाना अपने बालों की ऑयलिंग करना, बालों को धोने लिए सही शैंपू का इस्तेमाल करना और बालों को कंघी करते वक्त मोटे दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करना शामिल हो सकता है। आम तौर पर, अगर आपके बाल काफी ज्यादा घुंघराले हैं, तो ऐसे में बालों को तेल लगाना काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है। इसलिए, बालों में ठीक तरीके से न होने वाली ऑयलिंग के कारण स्कैल्प रूखी और बेजान सी हो सकती है। ऐसे में, आप स्कैल्प पर ऑयलिंग करने के लिए कॉटन की सहायता ले सकती हैं।  निष्कर्ष: सीधे बालों की तुलना में घुंघराले बालों को अधिक देखभाल की जरूरत होती है। दरअसल, घुंघराले बालों की सही तरीके से देखभाल न करने और ज्यादा से ज्यादा स्टाइलिंग टूल का इस्तेमाल करने से घुंघराले बाल डैमेज हो सकते हैं। डैमेज घुंघराले बाल न केवल शुष्क और बेजान से नजर आते हैं, बल्कि उनका बाउंस भी खत्म हो जाता है। इसलिए, इनकी अच्छे से देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, घुंघराले बालों की देखभाल करना इतना ज्यादा मुश्किल नहीं है, बस आपको बालों की देखभाल करने के कुछ उपायों को नियमित रूप से अपनाना होता है, जिसमें प्रोटीन ट्रीटमेंट लेना, बालों को हाइड्रेट करना, हेयर केयर रूटीन को अपनाना और स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल न करना जैसे कुछ टिप्स शामिल हो सकते हैं। बाल खराब होने पर ऑयलिंग करना न भूलें और बालों को धोते वक्त शैंपू, हेयर कंडीशनर और मास्क का इस्तेमाल बखूबी करें। अगर आपके बाल ज्यादा ऑयली हैं और काफी जल्दी गंदे भी हो जाते हैं, तो इसके लिए आप हफ्ते में कम से कम 3 बार अपने बालों को धो सकते हैं। गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।  अक्सर पूछे जाने वाले सवाल  प्रश्न 1. डैमेज बालों को ठीक करने के क्या तरीके हैं? दरअसल, अपने डैमेज बालों को ठीक करने के लिए आप नियमित डीप कंडीशनिंग करना, हीट स्टाइलिंग से बचना, नियमित तेल से मालिश करना, हल्के शैम्पू का इस्तेमाल करना, बालों को नीचे से करवाना, सेहतमंद आहार का सेवन करना और गीले बालों में कंघी न करना जैसे तरीकों को अपना सकते हैं।  प्रश्न 2. कलर से खराब हुए कर्ली बालों को कैसे ठीक किया जा सकता है?  कलर में काफी मात्रा में केमिकल मौजूद होता है, जो घुंघराले बालों को डैमेज कर उनकी चमक को छीन लेता है। इसके कारण खराब हुए बालों को ठीक करने के लिए आप सल्फेट-फ्री मॉइस्चराइजिंग शैम्पू, हर हफ्ते गाढ़ा प्रोटीन युक्त हेयर मास्क, डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट और जीवनशैली में हेल्दी आदतों को अपनाने जैसी आदतों को अपना सकते हैं।

क्या वाकई चेहरे पर ज्यादा एलोवेरा लगाने से त्वचा पर हो सकते हैं यह नुकसान? डॉक्टर से जाने आखिर किन लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए?

Woman holding aloe vera plant and gel for skin care at VJ Clinics.

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दरअसल, एलोवेरा एक प्राकृतिक जड़ी बूटी होती है, जो औषधीय गुणों से भरपूर होती है। आम तौर पर, एलोवेरा में कई सारे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो चेहरे की त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। इसके इलावा, एलोवेरा न केवल विटामिन ए, सी, ई, और बी12 जैसे गुणों से भरपूर होता है, बल्कि इसके साथ -साथ यह फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई तरह के गुणों से भी भरपूर होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि एलोवेरा में मौजूद जेल एक व्यक्ति की त्वचा को पोषण प्रदान करने और त्वचा के घाव भरने के साथ- साथ त्वचा पर होने वाली जलन को भी आराम प्रदान करने में काफी ज्यादा सहयता प्रदान करते हैं। दरअसल, त्वचा के साथ- साथ यह सेहत को भी काफी ज्यादा लाभ प्रदान करता है, जिसमें पाचन को सुधारने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और डिटॉक्सिफिकेशन करने जैसे कई फायदे शामिल हो सकते हैं। इसके इलावा, एलोवेरा का रोजाना और नियमित इस्तेमाल बालों और त्वचा दोनों के लिए ही काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे न केवल बालों को बल्कि त्वचा को भी प्राकृतिक चमक प्राप्त होती है। आम तौर पर, यह कई तरीकों से इस्तेमाल होने वाला और एक पूरी तरह से प्राकृतिक हर्ब है।  हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस में किसी भी तरह का कोई भी शक नहीं है, कि एलोवेरा त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है और यह त्वचा को कई तरह के लाभ भी प्रदान करता है, पर अगर इसका इस्तेमाल जरूरत से भी ज्यादा और गलत तरीके से किया जाये, तो यह हमारी त्वचा को फायदा प्रदान करने के बदले काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल, ऐसे में, बहुत से लोग इसके बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, कि चेहरे पर ज्यादा एलोवेरा लगाने से त्वचा को कौन- कौन से नुकसान हो सकते हैं और वह कौन से लोग हैं, जिन को इसका इस्तेमाल करते वक्त विशेष ध्यान रखने की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती है? दरअसल, एलोवेरा का चेहरे पर जरूरत से ज्यादा और गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर त्वचा को ड्राइनेस, खुजली, एलर्जिक रिएक्शन, फोटो सेंसिटिविटी, पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और साथ में त्वचा की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होना जैसे कई तरह के नुक्सान झेलने पड़ सकते हैं। इसके अलावा, जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील या फिर एलर्जिक होती है, दरअसल उन लोगों को विशेष तौर पर, चेहरे पर एलोवेरा लगाते वक्त काफी ज्यादा सावधानी को बरतना होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  एलोवेरा का ज्यादा और गलत तरीके से इस्तेमाल से चेहरे की त्वचा को होने वाले नुकसान  1. त्वचा में ड्राइनेस और खुजली होना  दरअसल, एलोवेरा में एस्ट्रिजेंट जैसे कई तरह के गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा में मौजूद प्राकृतिक तेल को सोख लेते हैं। आम तौर पर, एक यही कारण होता है, कि चेहरे की त्वचा पर इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल त्वचा की प्राकृतिक नमी को खत्म कर देता है और जिसकी वजह से चेहरे की त्वचा पर ड्राइनेस, खिंचाव और खुजली जैसी कई समस्याएं होने लग जाती हैं।  2. एलर्जिक रिएक्शन  आम तौर पर, यह बहुत ही कम देखने को मिलता है, पर बहुत से लोगों में एलोवेरा एलर्जी का कारण भी बन सकता है। क्योंकि ऐसे लोगों को एलोवेरा से काफी ज्यादा एलर्जी हो सकती है, जो चेहरे की त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसकी वजह से लोगों को चेहरे पर रैश, जलन, लालिमा और सूजन जैसी समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, अगर आप एलोवेरा का इस्तेमाल अपने चेहरे पर पहली बार कर रहे हैं, तो एक बार अपना पैच टेस्ट जरूर करवा लें।  3. फोटो सेंसिटिविटी  दरअसल, आपको बता दें, कि फोटो सेंसिटिविटी यानी कि सूरज की रोशनी से त्वचा को होने वाली परेशानी। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति में त्वचा पर जरूरत से ज्यादा एलोवेरा का इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों की त्वचा सूरज की रोशनी के प्रति काफी ज्यादा संवेदनशील हो सकती है। जिसकी वजह से त्वचा पर टैनिंग या फिर सनबर्न का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।  निष्कर्ष: यह सभी जानते हैं, कि त्वचा के लिए एलोवेरा बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है और यह त्वचा को अनगिनत लाभ प्रदान करता है। हालांकि, यह त्वचा के साथ- साथ सेहत को भी काफी ज्यादा लाभ प्रदान करता है, जिस में पाचन को सुधारने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और डिटॉक्सिफिकेशन करने जैसे कई फायदे शामिल हो सकते हैं। पर जरूरत से ज्यादा इसका इस्तेमाल वाकई चेहरे की त्वचा को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इस में, ड्राइनेस, खुजली, एलर्जिक रिएक्शन, फोटो सेंसिटिविटी, पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और साथ में त्वचा की प्राकृतिक संरचना प्रभावित होना शामिल है। त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

क्या नहाने के बाद चेहरे पर सेहतमंद समझी जाने वाली इन चीजों को लगाने से गायब हो सकता है चेहरे का सारा निखार? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

Relaxing facial treatment at VJ Clinics for glowing skin and skincare rejuvenation.

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सभी लोगों को अपनी त्वचा से काफी ज्यादा प्यार होता है और वह इस त्वचा का निखार बढ़ाने, चमकदार और साफ बनाने के लिए न जाने कितने ही महंगे और बहुत से घरेलू उपायों का इस्तेमाल करते हैं। असल में, नहाने के बाद अपनी त्वचा की विशेष देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस से न केवल हमारी त्वचा सेहतमंद बनी रहती है, बल्कि इससे त्वचा का नेचुरल निखार भी बने रहने में काफी ज्यादा सहायता मिलती है। हालांकि, आज के समय में बाजार में बहुत से त्वचा की देखभाल करने वाले स्किन प्रोडक्ट्स मिल सकते हैं, जो त्वचा को सेहतमंद रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकते हैं। पर, बाजार में मिलने वाले स्किन प्रोडक्ट्स इतने ज्यादा सस्ते नहीं होते हैं और कई बार यह लोगों की त्वचा को सूट भी नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से उन लोगों को पिंपल और त्वचा से जुड़ी कई तरह कि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  एक इसी कारण की वजह से लोग बाहर की चीजों को छोड़कर ज्यादातर प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल करते हैं। पर, क्या आप इसके बारे में जानते हैं, कि बहुत सी प्राकृतिक चीजें इस तरह की भी होती हैं, जिन को सेहतमंद समझ कर कुछ लोग अपनी त्वचा पर इस्तेमाल करने लग जाते हैं। दरअसल, कई बार यह चीजें त्वचा के लिए काफी ज्यादा नुकसान-दायक साबित हो सकती हैं। आम तौर पर, कई ऐसी चीजें हैं, जो त्वचा को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिस में सरसों का तेल, नींबू, बेकिंग सोडा और खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शामिल हो सकता है। दरअसल, इन चीजों का जरूरत से ज्यादा या फिर बार-बार इस्तेमाल त्वचा के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, त्वचा पर किसी भी तरह की चीज का इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह करें। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  त्वचा पर किन चीजों को बिल्कुल भी नहीं लगाना चाहिए?  वैसे तो, त्वचा की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, चाहे वो नहाने से पहले हो या फिर बाद में। इसके अलावा, त्वचा पर कुछ भी लगाने से पहले इस के अलावा, त्वचा पर कुछ भी लगाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह करें। आम तौर पर, नहाने के बाद त्वचा पर निम्नलिखित चीजों को नहीं लगाना चाहिए, जैसे कि  1. सरसों का तेल  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि वैसे तो सरसों का तेल त्वचा के लिए नुकसानदायक नहीं होता है, पर नहाने के बाद इसका इस्तेमाल त्वचा पर करने से त्वचा का प्राकृतिक निखार गायब हो जाता है। आम तौर पर, अगर आप अपनी त्वचा के निखार को बरकरार रखना चाहते हैं, तो इसके लिए मॉइस्चराइजर के रूप में सरसों के तेल को बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। इसका इस्तेमाल करने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह करें।  2. खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट्स इसके बारे में तो आप जानते ही होंगे, कि आजकल बाजार में त्वचा की देखभाल करने के लिए बहुत सी ऐसी अलग- अलग प्रकार की चीजें मिलती हैं, जिसमें मॉइश्चराइजर, कोल्ड क्रीम और दूसरे स्किन केयर प्रोडक्ट्स शामिल हो सकते हैं। जो आमतौर पर, त्वचा को कहीं न कहीं नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप अपनी त्वचा के निखार को बरकरार रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आप किसी अच्छी क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।  3 नींबू  हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि नींबू त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है, पर त्वचा पर इसका गलत तरीके से इस्तेमाल नुकसान -दायक साबित हो सकता है। जैसे कि अगर आप इसे गलत तरीके से या फिर इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो इसका एसिडिक नेचर भी त्वचा को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, डॉक्टर की सलाह पर नहाने से पहले इसे कुछ मिनट तक के लिए त्वचा पर लगाया जा सकता है | निष्कर्ष: दरअसल, त्वचा शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होती है, जो कई चीजों से काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। अपनी त्वचा से सभी को प्यार होता है, क्योंकि वह पर्सनालिटी को निखारने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। इसलिए, सभी लोग अपनी त्वचा को निखारने के लिए कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, पर वह किसी- किसी की त्वचा पर सूट नहीं करते हैं, जिसकी वजह से उन को कई तरह की समस्या हो जाती है। इसी के चलते वह ज्यादातर अपनी त्वचा पर प्राकृतिक चीजों का ही इस्तेमाल करते हैं, पर बहुत सी प्राकृतिक चीजें ऐसी होती है, जो त्वचा के लिए नुकसानदायक होती हैं। त्वचा पर किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले आपको एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। हालांकि, इस लेख में बताई गई चीजों का इस्तेमाल करने के अलावा भी अगर कोई चीज लगाने पर चेहरे की त्वचा में किसी भी तरह की कोई भी दिक्कत-परेशानी का अनुभव होता है, तो ऐसे में आपको तुरंत अपने स्किन केयर एक्सपर्ट्स से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर आपकी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

रोजाना काफी मात्रा में गुलाब जल लगाने से त्वचा को कौन- कौन से नुकसान हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

Bright young woman holding a skincare serum bottle, promoting cosmetic and skin treatments at VJ Cli.

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आम तौर पर, सभी लोगों की त्वचा एक समान नहीं होती है, किसी -किसी की त्वचा सेंसिटिव तो किसी- किसी की त्वचा ऑयली भी होती है। इसके अलावा, भी त्वचा की बहुत सी टाइप होती हैं। लोगों की त्वचा अलग -अलग होती है, जिसके आधार पर ही त्वचा के लिए प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। सभी लोग चाहते हैं, कि उनकी त्वचा बेदाग़ और दूसरों के सामने सुंदर और ग्लोइंग दिखे। इसके लिए वह त्वचा की दिन रात देखभाल करते हैं और त्वचा पर ना जाने कितनी ही चीजों का इस्तेमाल कर बैठते हैं। इसके अलावा, त्वचा को सुंदर और चमकदार बनाने के लिए बहुत से लोग घरेलू उपायों का भी इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा के बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। इन में से ही एक त्वचा के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल करना शामिल है, जो त्वचा की देखभाल के लिए एक प्राकृतिक टोनर और फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, गुलाब जल में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल जैसे कई तरह के गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं। इसके अलावा, इससे न त्वचा साफ रहती है, बल्कि ताजगी से भी भरी रहती है।  त्वचा पर गुलाब जल का इस्तेमाल करने के कई फायदे होते हैं, जिसमें चेहरे की गंदगी को पूरी तरीके से साफ़ करना, त्वचा के पोर्स को टाइट करना और साथ में त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करना जैसे कई फायदे शामिल हो सकते हैं। दरअसल, त्वचा की देखभाल करने के लिए नियमित रूप से गुलाब जल का इस्तेमाल न केवल आपकी त्वचा को चमकदार बनाने में आपकी काफी ज्यादा सहायता करता है, बल्कि चेहरे पर मौजूद थकान के प्रभाव को भी कम करने में काफी ज्यादा सहायता करता है। इस में, एक ख़ास बात यह है, कि यह सभी टाइप की त्वचा के लिए फायदेमंद और बिल्कुल सुरक्षित होता है। हालांकि, त्वचा पर इसका इस्तेमाल फेस पैक, क्लींजर और मेकअप रिमूवर के रूप में भी किया जा सकता है। पर, त्वचा पर कोई भी चीज़ एक हद तक ही इस्तेमाल की जाती है, ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा प्रभावित भी हो सकती है। जिसमें गुलाब जल भी शामिल है। दरअसल, अगर आप अपनी त्वचा पर गुलाब जल का इस्तेमाल जरूरत से कहीं ज्यादा करते हैं, तो यह त्वचा को फायदा पहुंचाने की जगह काफी ज्यादा नुकसान भी पहुंचा सकता है, जिस में त्वचा में काफी ज्यादा सूखापन आना, एलर्जी या फिर जलन होना, त्वचा का पीएच बैलेंस बिगड़ जाना और त्वचा की रंगत प्रभावित होने जैसे कई तरह के नुकसान शामिल हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  रोजाना त्वचा पर काफी मात्रा में गुलाब जल लगाने के संभावित दुष्प्रभाव  1. त्वचा में सूखापन आना  दरअसल, गुलाब जल में फ्लैवोनॉइड, टैनिक एसिड और विटामिन सी जैसे कई तरह के प्रमुख तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद तो होते ही हैं, पर इसके साथ-साथ यह त्वचा को एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा भी प्रदान करते हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल त्वचा के लिए लाभदायक होता है, पर गुलाब जल में पाए जाने वाले इन प्रमुख तत्वों का ज्यादा इस्तेमाल त्वचा के प्राकृतिक ऑयल को खत्म कर सकता है। इसके कारण त्वचा न केवल रूखी हो जाती है, बल्कि त्वचा बेजान सी भी नज़र आने लग जाती है। विशेष तौर पर, ड्राई त्वचा वाले लोगों के लिए यह और भी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।  2. एलर्जी या फिर जलन होना  इसमें कोई शक नहीं है, कि गुलाब जल त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है, पर आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि कई बार गुलाब जल में प्रिजर्वेटिव्स और नकली खुशबू को मिलाया जाता है, जो त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसके कारण त्वचा पर जलन, एलर्जी और खुजली जैसी कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, जब इसका इस्तेमाल त्वचा पर कम मात्रा में किया जाता है, तो इससे आपकी त्वचा को किसी भी तरह का कोई भी नुकसान नहीं होता है, पर सेंसिटिव त्वचा वाले लोगों को इससे सावधान रहने की काफी ज्यादा जरूरत होती है।  3. त्वचा का पीएच बैलेंस बिगड़ जाना  दरअसल, त्वचा पर गुलाब जल का काफी मात्रा में इस्तेमाल त्वचा के प्राकृतिक पीएच स्तर में काफी गड़बड़ी पैदा कर सकता है। जिससे न केवल त्वचा का संतुलन बुरी तरीके से प्रभावित हो जाता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा काफी ज्यादा ऑयली और काफी ज्यादा रूखी और बेजान सी दिखाई देने लग सकती है। ज्यादातर सेंसिटिव त्वचा वाले लोगों के लिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना काफी ज्यादा लाभदायक होता है।  4. त्वचा की रंगत प्रभावित होना  आम तौर पर, गुलाब जल का बार-बार और अधिक मात्रा में इस्तेमाल त्वचा को काफी ज्यादा सेंसिटिव बना सकता है। इसके कारण त्वचा पर रैशेज, जलन और साथ में खुजली जैसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जो आपकी पर्सनालिटी को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, इसके कारण त्वचा की रंगत में भी काफी ज्यादा असमानता आ सकती है, जिसके कारण चेहरे के नेचुरल ग्लो पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ सकता है। निष्कर्ष : अब तो आप सभी जान गए होंगे, कि त्वचा की देखभाल और प्राकृतिक चमक को बनाए रखने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसके साथ ही, हमेशा भरोसेमंद और नेचुरल ब्रांड के प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। सेंसटिव त्वचा वालों को इससे थोड़ा सा सावधान रहना चाहिए। गुलाब जल त्वचा को बहुत से फायदे प्रदान करता है, पर जरूरत से ज्यादा इसका इस्तेमाल त्वचा के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।  सप्ताह में 2 से 3 बार टोनर के रूप में इसका इस्तेमाल त्वचा के लिए बहुत होता है। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर के विशेषज्ञों से सम्पर्क कर सकते हैं।

सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी से त्वचा को ड्राई होने से कैसे बचाया जा सकता है? डॉक्टर से जानें सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी लगाने के तरीकों के बारे में

Bright woman enjoying a facial treatment with turmeric mask at VJ Clinics for glowing skin.

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वैसे तो, हर मौसम में लोगों को त्वचा से जुडी किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है। पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ज्यादातर सर्दियों के मौसम में बहुत ही कम नमी और शुष्क वातावरण के कारण लोगों की त्वचा ड्राई और बेजान हो जाती है। दरअसल, इस मौसम में लोगों के चेहरे पर खिंचाव, रूखापन और ड्राईनेस जैसी समस्या हो सकती है। जिससे कि व्यक्ति बहुत ही ज्यादा परेशान हो सकता है। आम तौर पर, इस दौरान लोगों के चहरे पर पपड़ी-सी जमा हो जाती है, जिसको रूखापन कहा जाता है, जो दिखाई देने में भी बहुत ही ज्यादा बेकार और भद्दी सी नज़र आती है। आज के समय में ज्यादातर लोग अपने चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए और चार लोगों में अच्छा दिखने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल भी शामिल होता है।  पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से त्वचा बहुत ही ज्यादा रूखी हो जाती है, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग सर्दियों में चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से बचते हैं। हालांकि, अगर आप सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल बिलकुल सही तरीके से करते हैं, तो इसकी मदद से न केवल आपकी त्वचा पर लम्बे समय तक निखार बना रहता है, बल्कि इससे त्वचा को ड्राई होने से बचाया जा सकता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार भी आता है। दरअसल, इस दौरान मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल, एलोवेरा जेल, नारियल तेल और दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने के तरीके बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं। आम तौर पर, अगर इन तरीकों से मुल्तानी मिट्टी को चेहरे पर लगाया जाये, तो यह त्वचा के पोर्स में जमी गंदगी, डेड स्किन सेल्स और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते है, क्योंकि मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर एक क्लींजर की तरह काम करती है, जो त्वचा की ड्राईनेस को खत्म कर देती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी लगाने के तरीके: 1. मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल दरअसल, सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल में मिलाकर त्वचा पर लगाया जा सकता है, इससे न सिर्फ त्वचा नरम और शाइनी बनती है, बल्कि यह त्वचा के निखार को भी कई गुना ज्यादा कर देती है। आम तौर पर, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर और इस का पेस्ट बनाकर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसको कम से कम 20 मिनट तक अपने चेहरे पर लगाने के बाद, सादे पानी से धो सकते हैं। दरअसल, इससे आपकी त्वचा हाइड्रेट होने के साथ -साथ टैनिंग भी कम हो जाएगी।  2. मुल्तानी मिट्टी और नारियल का तेल आम तौर पर, अगर आपको सर्दिओं के मौसम में त्वचा ड्राई, सुखी और बेजान नज़र आती है, तो इसके लिए आप मुल्तानी मिट्टी और नारियल तेल के मिश्रण का इस्तेमाल अपनी त्वचा के लिए कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में नारियल तेल को मिलाकर इसका एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को कम से कम 15 मिनट तक के लिए अपनी त्वचा पर लगा कर रखें और फिर इसको सादे पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी में मिक्स नारियल तेल त्वचा की नमी को लॉक करता है और साथ में त्वचा को सेहतमंद बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इसे स्किन पर लगाने से न सिर्फ स्किन में चमक आती है, बल्कि दाग-धब्बे भी कम होते हैं और मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है। निष्कर्ष: दरअसल, मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है, पर इसको सीधे त्वचा पर इस्तेमाल करने से त्वचा काफी ज्यादा ड्राई हो जाती है, जिसकी वजह से कई लोग सर्दियों के मौसम में इसका इस्तेमाल करने से डरते हैं, कहीं उनकी त्वचा ड्राई होकर भद्दी सी न दिखने लगे। पर, अगर सर्दियों के मौसम में, मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल सही तरीके से जैसे मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल, एलोवेरा जेल, नारियल तेल और दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाया जाये, तो इससे न सिर्फ आपकी त्वचा पर निखार आता है, बल्कि इससे त्वचा को ड्राई होने से भी बचाया जा सकता है। मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर एक क्लींजर की तरह काम करती है, जो स्किन के पोर्स से गंदगी, डेड स्किन सेल्स और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करती है। इसलिए, सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल से चेहरे पर काफी ग्लो आता है और त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है। पर, त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या के दौरान एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप तुरंत समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सर्दियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए सोने से पहले चेहरे पर कौन सा तेल लगाना चाहिए? जाने डॉक्टर से 

Bright young woman with clear skin touching her face, promoting skincare and beauty treatments.

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दरअसल, सर्दियों में लोगों को त्वचा से जुडी तरह- तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, जिसमें ड्राई स्किन की समस्या होना एक आम बात होती है। आम तौर पर, इस तरह के मौसम में ज्यादातर लोगों को गर्म पानी से नहाने की आदत होती है। दरअसल ठंडी हवा, कम नमी और गर्म पानी से नहाने की आदत त्वचा की प्राकृतिक नमी को काफी ज्यादा कम कर देती है। आम तौर पर, इसकी वजह से चेहरे पर रूखापन, खिंचाव और कभी- कभी हल्की जलन जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, सर्दियों के मौसम में त्वचा की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है, विशेष तौर पर रात में।  दरअसल, त्वचा के एक्सपर्ट्स भी इस बात को मानते हैं, कि रात का वक्त त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि रात के समय सोते वक्त त्वचा अपने आप को अंदर से ठीक करती है और साथ में नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर त्वचा को ड्राई होने से बचाने के लिए और काफी पोषण प्रदान करने के लिए नारियल तेल, बादाम का तेल और जैतून का तेल जैसे प्राकृतिक तेल को लगाया जाये, तो यह त्वचा के लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। दरअसल, यह त्वचा की नमी को बरकरार रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं और इस से सुबह के समय त्वचा काफी ज्यादा सॉफ्ट, स्मूथ और सेहतमंद महसूस होती है। हालांकि, इस तरह की स्थिति में, सही तेल का चुनाव करना स्किन टाइप के हिसाब से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अगर आप रात के समय में अपनी त्वचा पर तेल लगाकर सोते हैं, और उसको सुबह उठकर गुनगुने पानी से धोते हैं, तो इससे आपकी त्वचा में मौजूद किसी भी तरह की कोई समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आ सकती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  सर्दियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए सोने से पहले चेहरे पर लगाए जाने वाले तेल  1. नारियल का तेल  नारियल का तेल त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि, नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड विशेष तौर पर सर्दियों के मौसम में त्वचा की नमी को बनाए रखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप रात के समय में इसको अपने चेहरे पर हल्की मात्रा में लगाकर सो सकते हैं और सुबह उठकर अपने चेहरे को साफ़ पानी से दो सकते हैं। इसी आपको अपनी त्वचा काफी ज्यादा मुलायम महसूस होगी।  2. बादाम का तेल  आम तौर पर, इस बात को लगभग सभी जानते ही होंगे कि चेहरे की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए बादाम का तेल बहुत ही ज्यादा लाभदायक सिद्ध होता है। दरअसल, बादाम के तेल में मौजूद विटामिन ई, न केवल त्वचा को गहराई से पोषण देने में सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि यह त्वचा के रूखेपन को भी कम करने में सहायता प्रदान करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सर्दियों में रात के समय त्वचा पर हल्की मात्रा में लगाकर सो सकते हैं। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में लगातार त्वचा का निखार बनाए रखने के लिए आप बादाम के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, यह त्वचा की प्राकृतिक चमक को बनाए रखने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकता है।  निष्कर्ष: सर्दियों के मौसम में लोगों को त्वचा से जुडी कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ता है, जिसमें ज्यादातर ड्राई स्किन होना आम होता है। रात का समय त्वचा के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि इस दौरान त्वचा अपने आप को ठीक करती है और नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। सर्दियों के मौसम में त्वचा से जुड़ी तरह -तरह की समस्याओं से बचने के लिए इस की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। पर, इसके लिए आपको महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स की रूरत नहीं होती है। इसके लिए आप सर्दियों में सोने से पहले चेहरे की त्वचा को पोषण प्रदान करने के लिए नारियल का तेल, बादाम का तेल और जैतून का तेल जैसे कुछ ख़ास प्राकृतिक तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इन को लगाने से त्वचा की नमी बरकरार रहती है और सुबह के समय त्वचा सॉफ्ट, स्मूथ और सेहतमंद महसूस होती है। यह त्वचा के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें!

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दरअसल, शादी के बाद महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं, हालांकि यह बदलाव उनकी सेहत से भी जुड़े हो सकते हैं, और उनकी त्वचा से भी जुड़े हो सकते हैं। आम तौर पर, शादी के बाद अक्सर आपने कई महिलाओं को यह कहते हुए सुना होगा कि अब उनके चेहरे पर पहले जैसा निखार नहीं रहा है। यानी कि शादी के बाद चेहरे का ग्लो कहीं खो सा जाता है।  आम तौर पर, लगभग सभी महिलाओं को अपने चेहरे की त्वचा से काफी ज्यादा प्यार होता है, और वह चाहती हैं, कि उनकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे। पर, आम तौर पर ज्यादातर महिलाएं अपनी शादी के बाद चेहरे की त्वचा के निखार को लेकर काफी ज्यादा मायूस हो जाती हैं और इस तरह की समस्या की शिकायत काफी ज्यादा करने लग जाती हैं।  दरअसल, इस तरह की स्थिति के दौरान कई महिलाओं का कहना है, कि शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है, जिसकी वजह से वह कहीं पर भी जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है और इससे उनकी पर्सनालिटी भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है।  असल में, शादी के बाद चेहरे की चमक का गायब हो जाना सभी महिलाओं की शिकायत होती है, पर क्या आपने कभी इसके बारे में जानने की कोशिश की है, कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके क्या कारण हो सकते हैं? दरअसल, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना, और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारण शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, शादी के बाद बदलती हुई दिनचर्या, लाइफस्टाइल और खराब खानपान इसका मुख्य कारण हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के कारण  वैसे तो, शादी के बाद त्वचा की चमक कम होने के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि  1. नींद का पैटर्न बदल जाना  दरअसल, शादी के बाद एक लड़की की नींद में बदलाव होना एक आम बात होती है। असल में, इस दौरान नई जिम्मेदारियों में घिरे रहने और रात को ठीक से नींद न लेने और सुबह जल्दी उठने की वजह से त्वचा डल और बेजान सी हो जाती है। इसके अलावा, नींद की कमी से न केवल शरीर में तनाव का हार्मोन बढ़ता है, बल्कि इससे चेहरे पर डार्क सर्कल्स और पिंपल्स जैसी समस्याओं का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।  2. तनाव में रहना आम तौर पर, शादी के बाद लगभग सभी लड़कियों को नए घर, नए रिश्ते और नई जिम्मेदारियों को झेलना पड़ता है। एक दम से इतनी चीजों को संभालना उनके लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है और इसी के चलते वह ज्यादातर तनाव में रहने लग जाती हैं। तनाव में रहने की वजह से न केवल उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इससे चेहरे की त्वचा भी काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। दरअसल तनाव से चेहरे पर नेचुरल चमक कम और इससे त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। इस समस्या के लिए तनाव न लें और रोजाना मेडिटेशन करें।  शादी के बाद चेहरे की चमक को पहले जैसा बनाए रखने के उपाय  आम तौर पर, चेहरे की त्वचा को पहले जैसा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपायों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि  1. शादी के बाद 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।  2. सोने का निश्चित समय तय करें।  3. रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।  4. एक बेसिक त्वचा की देखभाल करने की रूटीन को जरूर फॉलो करें।  5. तनाव न लें और तनाव को दूर करने के लिए योग और मेडिटेशन करें। निष्कर्ष: दरअसल, शादी के बाद चेहरे की त्वचा की चमक गायब हो जाना हर महिला की शिकायत होती है। हर महिला चाहती है, कि उसकी त्वचा नेचुरली ग्लोइंग और फ्रेश रहे, पर शादी के बाद नींद का पैटर्न बिल्कुल ही बदल जाना, तनाव में रहना, खानपान में बड़ा बदलाव होना और त्वचा की अच्छे तरीके से देखभाल न कर पाना जैसे बड़े कारणों की वजह से शादी के बाद उनकी त्वचा काफी ज्यादा डल और बेजान सी दिखाई देने लग जाती है। चेहरे पर पहले जैसा ग्लो बनाए रखने के लिए बदलती हुई दिनचर्या का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक होता है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, नींद पूरी लेना और अपने रोजाना के खान पीन का ध्यान रखना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। त्वचा से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्याओं के लिए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना महत्वपूर्ण होता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

खराब गट हेल्थ की वजह से चेहरे पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? जानें डॉक्टर से

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आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और गलत खान पीन की वजह से न जाने लोग सेहत के साथ- साथ त्वचा से जुड़ी कितनी ही समस्यायों का शिकार हो जाते हैं। आज न केवल सेहत से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का होना आम हो गया है, बल्कि त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी आज लोगों में आम देखी जा सकती हैं। आम तौर पर, ज्यादातर त्वचा से जुड़ी समस्याओं को अक्सर बाहरी कारणों से ही जोड़कर देखा जाता है। पर इसके अलावा, भी त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याएं अंदरूनी कारणों की वजह से हो सकती हैं। जैसे कि अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम बिल्कुल भी ठीक न हो और इसके साथ ही आपका गट बेहतर तरीके से काम ना कर रहा हो, तो इसकी वजह से भी आप त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं का शिकार हो सकते हैं।  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हम में से ज्यादातर लोग बिल्कुल साफ़ और चमकदार त्वचा पाने के लिए अपने चेहरे पर क्लींजर से लेकर न जाने कितनी ही चीजों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, त्वचा की देखभाल करने के लिए बहुत से लोग मॉइस्चराइजर जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हुए भी नज़र आ सकते हें। इसी तरह लोग अपनी मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए रोजाना मेडिटेशन और योग करते हैं और जबकि पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का समाधान करने के लिए दवाओं का सेवन करते हैं। दरअसल, पेट से जुड़ी समस्याओं में एसिडिटी पेट में दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। पर, हम में से ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते होंगे, कि पाचन तंत्र और मेंटल हेल्थ से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं, यहां तक कि हमारी त्वचा से जुड़ी बहुत सी समस्याएं भी हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। दरअसल, इस पर डॉक्टर का भी यही कहना है, कि अगर हमारे पेट के अंदर कुछ भी ठीक नहीं होता है और कोई बीमारी होती है, तो इसका सीधा असर न केवल हमारी मेंटल हेल्थ और डाइजेस्टिव सिस्टम पर पड़ता है, बल्कि इससे हमारे चेहरे की त्वचा भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है।  दरअसल, आयुर्वेद के अनुसार शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और गट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं। आम तौर पर, जब किसी व्यक्ति के पेट में सूजन की समस्या बढ़ जाती है और पाचन शक्ति कमजोर होने लग जाती है, तो इस तरह की स्थिति के दौरान त्वचा पर कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं, जिसमें एक्ने और पिम्पल जैसी समस्याओं की बढ़ोतरी होना, चेहरा का काफी ज्यादा डल दिखाई देना और त्वचा पर रैशेज का बढ़ना शामिल हो सकता है।  खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जर्नल नेचर रिव्यू साल 2022 में छपी एक स्टडी में बताया गया है, कि दरअसल पेट में चल रही तरह -तरह समस्याएं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। दरअसल, इससे न केवल त्वचा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इसकी वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक, अगर हमारे पेट में कुछ भी ठीक नहीं होता है, तो इसकी वजह से त्वचा की समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं। खराब गट की सेहत से जुड़ी त्वचा की समस्याएं निम्नलिखित अनुसार हो सकती हैं, जैसे कि  1. एक्ने और पिम्पल्स का बढ़ना  आम तौर पर, हमारे शरीर में अमा यानी कि टॉक्सिन के स्तर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है और जब पेट इसको अच्छे तरीके से साफ़ नहीं कर पाता है, तो इसकी वजह से चेहरे की त्वचा पर पिम्पल्स, एक्ने, फोड़े और फुंसी जैसी तरह -तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। इसकी वजह से इन समस्याओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।  2. चेहरा का डल दिखाई देना आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि शरीर में हानिकारक तत्वों का स्तर बढ़ने पर चेहरे की त्वचा की चमक बुरी तरीके से प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल त्वचा की चमक कम होती है, बल्कि इससे त्वचा धीरे-धीरे ड्राई और रफ नज़र आने लग जाती है। कई लोग इस तरह की त्वचा से परेशान हो जाते हैं और वह तनाव लेने लग जाते हैं, जिससे कि त्वचा और भी ज्यादा डल दिखाई देने लगती है। इसके अलावा, इससे चेहरे का ग्लो काफी ज्यादा कम हो जाता है।  3. त्वचा पर रैशेज का बढ़ना पेट से जुड़ी समस्याएं त्वचा को न केवल बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं, बल्कि यह एक दम से त्वचा की खूबसूरती को गायब कर देती है। दरअसल, शरीर में बड़ी हुई गंन्दगी की वजह से त्वचा में इंफ्लेमेशन काफी ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण त्वचा पर रैशेज या फिर चकत्ते जैसे निशान दिखाई देने लग जाते हैं।  गट हेल्थ बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय  दरअसल, पेट की सेहत को बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखत उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि  1. इसके लिए हमेशा घर के बने हुए ताजे भोजन का सेवन करें।  2. रोजाना एलोवेरा जूस का सेवन करने से भी पेट को ठीक रखा जा सकता है।  3. पेट में जमी हुई गंदगी को साफ़ करने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है।  निष्कर्ष: पेट में चल रही बहुत सी समस्याओं या फिर गड़बड़ियों का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर ही पड़ता है। इससे त्वचा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ त्वचा में इंफ्लेमेशन भी काफी बढ़ जाते हैं। शरीर के अंदर दिमाग, त्वचा और पेट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं, इसलिए पाचन तंत्र, मेंटल हेल्थ और त्वचा से जुड़ी तरह -तरह की समस्याएं हमारी पेट की सेहत से ही जुड़ी हुई होती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए और त्वचा से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी ले सकते हैं।

क्या बढ़ते प्रदूषण में इन 4 तरीकों से बालों की देखभाल की जा सकती है? जानें डॉक्टर से

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आम तौर पर, फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों को कोई तरह की समस्यायों का सामान करना पड़ता है. दरअसल, यह समस्याएं न केवल लोगों के स्वस्थ से जुडी होती हैं बल्कि यह त्वचा और बालों से भी जुड़ी हो सकती हैं। आम तौर पर, अक्सर अपने यह देखा ही होगा, कि घर से बाहर निकले ही आपको इतना ज्यादा पॉल्यूशन का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से आपकी त्वचा और बाल काफी ज्यादा  प्रभावित हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि फ़ैक्टरिओं और वाहनों के बढ़ते प्रदूषण की वजह से हवा में धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स हर वक्त उपलब्ध रहते हैं। जो बाहर जाने पर, हमारे बालों और स्कैल्प पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से हमारे बाल डल और बेजान हो जाते हैं।  दरअसल, अब इस तरह की स्थिति में एक व्यक्ति कर ही क्या सकता है, क्योंकि हर किसी को, किसी न किसी काम के लिए ऑफिस जाना ही पड़ता है। तो इस तरह की स्थिति में कई लोगों के मन में यह सवाल आता है, कि बढ़ते पॉल्युशन में बालों की देखभाल कैसे की जा सकती है? तो इसके लिए कई तरीके उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने बालों की देखभाल कर सकते हैं। तो ऐसे में, वह कौन से तरीके हो सकते हैं, जिन से बालों की देखभाल की जा सकती है? दरअसल, अगर आप इस बढ़ते प्रदूषण के बीच अपने बालों की देखभाल और अपने बालों की चमक को बरकार रखना चाहते हैं, तो आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे इन 4 आसान तरीकों को अपना सकते हैं। आपको बता दें, कि यह आपके बालों की चमक को बरकरार रखने और अच्छे तरीके से देखभाल करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल के आसान तरीके  बढ़ते प्रदूषण में बालों की देखभाल करने के लिए इन 4 तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे कि  1. घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करें  दरअसल, प्रदूषण जैसी स्थिति में, आपको इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि जब भी आप किसी भी काम के लिए बाहर जाते हैं, तो आपको पूरी कोशिश करनी चाहिए, कि आप किसी स्कार्फ या फिर दुपट्टे से अपने बालों को अच्छे तरीके से कवर करके रखें। दरअसल, अगर आप बाहर जाते वक्त ऐसा नहीं करते हैं, तो हवा में मौजूद धूल-मिट्टी, धुंआ और जहरीले केमिकल्स स्कैल्प और बालों पर गंभीर रूप से चिपक जाते हैं, जिसकी वजह से बाल डेमेज और झड़ने लग जाते हैं।  2. स्कैल्प को अच्छे से साफ करें दरअसल, कई महिलाएं ऐसी होती है, जिन को बाहर का काम काफी ज्यादा होता है और इसी वजह से वह अपने बालों को वॉश नहीं कर पाती हैं, जो कि उनके बालों के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में, लगातार बाहर जाने और 2 दिन से हेयर वॉश न करने पर स्कैल्प पर खुजली, इरिटेशन और फोड़े जैसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए यह बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, कि आप अपनी स्कैल्प की अच्छे तरीके से सफाई करें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपको इन समस्यायों के साथ-साथ डैंड्रफ होने की समस्या की भी सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।  3. स्कैल्प को करें नरिश  दरअसल, बढ़ते पॉल्यूशन के दौरान अपनी स्कैल्प और बालों को पोषण देना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इसका मतलब यह है, कि हफ्ते में दो से तीन बार आप अपने बालों में तेल लगाएं। क्योंकि प्रदूषण जैसी स्थिति में, हमारे बाल बहुत ही ज्यादा रूखे और बेजान से हो जाते हैं, जिसके लिए  तेल एक ढाल की तरह काम करता है। इसलिए, प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए अपनी स्कैल्प को नरिश करें।  4. हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें आम तौर पर, इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि  प्रदूषण से बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति में अगर आप रोजाना ड्रायर या फिर स्ट्रेटनर जैसे हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, या फिर अपने बालों को रंग करते हैं, तो यह आपके बालों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। इसलिए, अपने बालों पर इस तरह की चीजों का इस्तेमाल करने से बचें। अगर प्रदूषण की वजह से आपके बाल बहुत ही ज्यादा झड़ रहे हैं, तो नीम के पानी से बाल धोएं, नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प को इन्फेक्शन से बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं।  निष्कर्ष: बढ़ते प्रदूषण में अपने बालों की देखभाल करने के लिए, आप घर से बाहर निकलने से पहले बालों को अच्छे से कवर करना, स्कैल्प को अच्छे से साफ करना, स्कैल्प को नारिश करना और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से बचना जैसे कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों की समस्या गंभीर होने पर आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी, या फिर अगर आपको भी बालों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिस का आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही हेयर ट्रांसप्लांट और कॉस्मेटिक सर्जरी सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

Are You Planning On Getting A Liposuction? Read To Know More About It

Are You Planning On Getting A Liposuction? Read To Know More About It

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Liposuction surgery is a procedure that involves removing excess fat from targeted areas of the body. It is done through different advanced techniques that mainly involve suctioning liquefied body fat. The aim of this procedure is to design and contour the targeted areas for a better appearance. Liposuction gives individuals an opportunity to remove stubborn body fat that is resistant to diet and exercise, and it helps to enhance appearance and boost confidence. While reading this blog, you will understand the different techniques of Liposuction and the areas where it can be done.  Tumescent Liposuction: This is a contouring procedure for stubborn fat. In this procedure, the surgeon eliminates the fat by using a saline solution that is mixed with anaesthesia to the targeted areas to swell and firm the fatty tissue in order to create a tumescent effect and to constrict the blood vessels, which makes it easy for surgeons to conduct a suction.  Laser-assisted Liposuction: This is a procedure that is ideal for those who are near their ideal weight. This procedure is done under local anaesthesia, and it involves a laser liquefaction process where a laser fibre is inserted and emits thermal energy that ruptures and liquifies fat cells. The liquified fat is then suctioned through a small tube.  VASER liposuction: This procedure is mainly used for sculpting and defining muscles. VASER means Vibration Amplification of Sound Energy at Resonance, which is an advanced ultrasound-based contouring procedure that uses high-frequency sound waves to break down and liquify stubborn fat. It is done under anaesthesia, and a probe emits ultrasound energy which disrupts fat cells, turning them into liquid, then it is suctioned out using a tube. Areas where Liposuction can be performed  Abdominal Liposuction with hips and mono pubis:  The procedure is done in the abdominal area, starting from beneath the breast, continuing to the mono pubis. Saddlebags and love handles. Liposuction: It is common in women. The aim of the procedure is to remove stubborn fat in the flanks and the upper and outer side of the thigh. Male belly liposuction: The procedure aims at removing stubborn fat from the belly that is resistant to diet or exercise. Thigh and buttock liposuction: For this procedure, fat is removed from the waist, thigh and buttock and sometimes legs, for a perfect shape. Face liposuction: In this procedure, puffy cheeks and a double chin are removed to improve the appearance of the face.  Conclusion  The whole procedure involves detailed consultations, thorough evaluations, post-evaluation and care. If you are interested in getting Liposuction, you can rest assured that Dr. C. Vijay Kumar and his team at Dr. VJ’s Cosmetic Surgery and Hair Transplantation Centre will offer premium service. We are committed to helping individuals enhance their beauty, hence boost their confidence. The results of our specific treatment are up to satisfaction with a proven record of testimonials. Our centre is well equipped with advanced technology and with professional team members that prioritises you. Book an appointment with us to get Liposuction.  FAQ’s  Liposuction mainly focuses on removing deeper fats, while cellulite involves fat deposits and fibrous bands in the superficial layer of the skin, which Liposuction does not address.  For the first few weeks, the swelling, bruising, and soreness start to subside, then after 3 months, a significant part of the swelling reduces, and the body starts to adapt to the new contours. Final healing starts to show after 6 months or up to 1 year.