डॉक्टर से जानिए मलद्वार में जलन के क्या कारण, लक्षण और उपचार के तरीके
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मलद्वार और मलाशय दरअसल यह शरीर के महत्वपूर्ण अंग होते हैं और इन अंगों में बीमारी या फिर किसी भी तरह की समस्या की वजह से व्यक्ति को काफी ज्यादा परेशानी हो सकती हैं। आपको बता दें कि मलद्वार में जलन की समस्या का कारण आमतौर पर बवासीर, आपके आहार का चुनाव, या टॉयलेट पेपर में मौजूद परेशान करने वाले परफ्यूम और रसायन हो सकते हैं। पर इसके अलावा कई और वजह भी हैं, जिसकी वजह से मलद्वार में यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। बता दें कि मलद्वार में जलन और खुजली दर्दनाक हो सकती है और यह व्यक्ति के काम या फिर दैनिक गतिविधियों में बाधा डाल सकती है। दरअसल मलद्वार में जलन की समस्या को नजरंदाज करना सेहत पर भरी पड़ सकता है। बता दें कि इस का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है, पर इसके साथ ही इसमें दवाइयाँ और जीवनशैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। आमतौर पर एक्सपर्ट चिकित्सक की निगरानी में और सही समय पर इस समस्या का इलाज कराना फायदेमंद होता है। दरअसल व्यक्ति को कई बार गुदा नली में पस फंस जाने या फिर किसी इन्फेक्शन आदि की वजह से जलन की परेशानी होती है, तो कई बार मलद्वार में जलन शरीर की अंतर्निहित स्वास्थ्य परेशानियों की वजह से भी हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इसके विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त करते हैं। मलद्वार में जलन के कारण दरअसल लोगों की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द आदि की वजह से उनको मलद्वार में जलन की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि कई बार इस तरह की जलन और दर्द की परेशानी अपने आप ठीक हो जाती है। और इसके साथ ही कई मामलों में इस समस्या के गंभीर लक्षण देखे जा सकते हैं। आमतौर पर डॉक्टर के अनुसार इस समस्या से पीड़ित मरीजों में मल त्याग करते वक्त या फिर बैठे रहने पर जलन की समस्या होती है। आपको बता दें कि इस समस्या के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। इसके साथ ही पाचन से जुड़ी कई समस्याएं भी मलद्वार में दर्द और जलन की वजह हो सकती है। आमतौर पर मलद्वार में जलन की समस्या के विशेष कारण कुछ इस प्रकार हैं, 1. गुदा विदर : दरअसल गुदा में होने वाले घाव, उसके फटने या फिर दरारों को गुदा विदर कहा जाता है। आमतौर पर गुदा विदर तब होता है, जब गुदा अपनी आम क्षमता से कुछ ज़्यादा खिंच जाता है, जो अक्सर कठोर, कब्ज युक्त मल और फटने की वजह से होता है। आपको बता दें कि गुदा में दरार की समस्या होने पर भी मरीजों को मलद्वार में जलन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि व्यक्ति को एक बार गुदा विदर शुरू हो जाने पर, इसके दोबारा चोटिल होने का जोखिम बना रहता है। हालांकि यह समस्या अक्सर व्यक्ति को मल त्याग करते वक्त हो सकती है। इस में ज्यादातर दर्द, जलन, मल में रक्त आना और गुदा में कट या फटना आदि जैसे लक्षण शामिल हैं। 2. बवासीर : बवासीर जिसको कभी कभी पाइल्स भी कहा जाता है, जो एक तरह की आम स्थिति है। दरअसल इसकी वजह से व्यक्ति के गुदे में जलन और खुजली, मल में खून आना और साथ ही गुदा के आस-पास सख्त गांठें पड़ सकती हैं, आमतौर पर जब सूजी हुई नसें गुदा और इसके साथ ही मलाशय के निचले हिस्से पर अपना दबाव डालती हैं। समस्या के कारण मलद्वार में जलन की समस्या उत्पन्न सकती है। आपको बता दें कि बवासीर के मरीजों में मलद्वार में जलन के साथ -साथ दर्द भी होता है। 3. दस्त : बता दें कि दस्त के दौरान, रोगी की मल त्याग पतली और पानी जैसी होती है। दस्त की वजह से भी मलद्वार में जलन की समस्या हो सकती है, पर दस्त के वजह से रोगी को हमेशा गुदा में जलन की समस्या नहीं हो सकती है। आमतौर पर जो लोग अपने गुदा क्षेत्र को काफी ज़्यादा पोंछते रहते हैं और इसके साथ ही बहुत ज्यादा मल त्याग करते हैं, दरअसल तब उनकी त्वचा में जलन की समस्या पैदा हो सकती है, जिसकी वजह से गुदा में दर्द और साथ ही जलन की समस्या हो सकती है। आपको बता दें कि मरीज को अधिक गंभीर दस्त की समस्या होने पर मरीजों में इसके लक्षण काफी ज्यादा बढ़ सकते हैं। 4. कब्ज : कब्ज एक वह स्थिति है, जब व्यक्ति आमतौर पर सप्ताह में तीन बार से कम अपना मल त्याग करता है। दरअसल इसके अलावा, व्यक्ति कठोर मल त्याग भी करता है, जिसकी वजह से उस को गूदे में जलन होती और साथ ही दर्द भी होता है। दरअसल इसके साथ ही उसको शौचालय की सीट पर बैठने में काफी ज्यादा परेशानी होती है। कुल मिलाकर कब्ज की समस्या की वजह से व्यक्ति को मलद्वार में जलन का सामना करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि कब्ज के पुराने मरीजों में यह समस्या आम है। 5. चोट, सेक्स या हस्तमैथुन : बता दें कि मलद्वार में जलन की समस्या तब होती है, जब मलाशय में किसी प्रकार की चोट लग जाती है। दरअसल कठोर या कब्ज युक्त मल त्याग करने की वजह से गुदा की त्वचा में खिंचाव आ सकता है, जिसकी वजह से मलद्वार में जलन और दर्द महसूस हो सकता है। इसके अलावा, यौन संबंध बनाते वक्त अगर गुदा का सही ढंग से देखभाल न की जाए, या फिर पर्याप्त लुब्रिकेशन का उपयोग न किया जाए, तो गुदा में चोट लग सकती है और आपको जलन की समस्या शुरू हो सकती है। आमतौर पर इसी तरह, गुदा से जुड़ी हस्तमैथुन गतिविधियां भी कभी-कभी गूदे की कोमल त्वचा को नुकसान पहुंचा कर जलन, खुजली और दर्द जैसी समस्या का कारण बन सकती हैं। आपको बता दें कि इस तरह की समस्या लंबे समय तक रहने पर व्यक्ति को बैठने, चलने या फिर शौच करने में तकलीफ हो सकती है। कुल मिलाकर मलाशय या फिर गुदा में चोट या सेक्स या हस्तमैथुन के दौरान गुदा में हुई समस्याओं की वजह से मलद्वार में जलन की समस्या हो सकती है। 6. यौन संचारित रोग : मलद्वार में