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बवासीर (पाइल्स/हेमोरॉयड्स) गुदा और मलाशय के आसपास की सूजी हुई रक्त वाहिकाओं से जुड़ी स्थिति है। हर मरीज को सर्जरी या लेज़र की जरूरत नहीं होती। इलाज का चुनाव लक्षण, जांच, रक्तस्राव, ग्रेड और अन्य संभावित कारणों को देखकर किया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए पाइल्स ट्रीटमेंट गाइड देखें।
कब डॉक्टर से जांच करानी चाहिए?
मलत्याग के दौरान दर्द, ताजा खून, खुजली, सूजन या गांठ जैसे लक्षण बवासीर में हो सकते हैं, लेकिन यही लक्षण फिशर, फिस्टुला या अन्य बीमारियों में भी हो सकते हैं। बार-बार खून आना या तेज दर्द होने पर केवल घरेलू उपचार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
यदि दर्द के साथ पस या बार-बार सूजन हो, तो एनल फिस्टुला जैसी अलग स्थिति की जांच की जरूरत हो सकती है।
लेज़र या RFA कब उपयोग किए जा सकते हैं?
कुछ चुने हुए मामलों में लेज़र या रेडियोफ्रीक्वेंसी आधारित तकनीकें उपयोग की जा सकती हैं, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि ये हमेशा दर्द रहित, सबसे सुरक्षित या हर मरीज के लिए सर्वोत्तम हैं। प्रक्रिया का चुनाव हेमोरॉयड के प्रकार, ग्रेड, सर्जन की जांच और उपलब्ध तकनीक पर निर्भर करता है।
संभावित जोखिमों में दर्द, रक्तस्राव, सूजन, संक्रमण, पेशाब करने में अस्थायी दिक्कत, दोबारा समस्या होना और दुर्लभ मामलों में अन्य जटिलताएं शामिल हो सकती हैं। रिकवरी भी व्यक्ति के अनुसार अलग होती है।
लागत और रोकथाम
लागत का कोई एक सार्वभौमिक आंकड़ा नहीं होता। यह प्रक्रिया, अस्पताल, एनेस्थीसिया, जांच और फॉलो-अप पर निर्भर करती है। कब्ज कम करने के लिए पर्याप्त फाइबर, पानी, नियमित गतिविधि और लंबे समय तक जोर लगाने से बचना मददगार हो सकता है; दवाइयों या लैक्सेटिव का उपयोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।
यदि आपको रक्तस्राव, दर्द, सूजन या बार-बार होने वाली समस्या है, तो कॉन्टैक्ट पेज के माध्यम से क्लिनिकल असेसमेंट के लिए संपर्क करें। सही उपचार जांच के बाद तय होना चाहिए, न कि केवल किसी एक तकनीक के नाम पर।
