Hair Transplant in Amadalavalasa - FUE, FUT & PRP Hair Transplant Cost & Procedure
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Hair Transplant in Amadalavalasa

Successful hair restoration procedure after a miserably failed surgery

We have come across so many cases of the hair loss which are an outcome of the variegated causes. We are getting highly success-oriented results while carrying a Hair transplant in Amadalavalasa. The Hair transplant cost in Amadalavalasa is elicited based on the extrication and implantation of grafts. Following are the important case studies of the hair transplantation. One of our patients whose name was Suresh Khanna has undergone Follicular Unit transplantation procedure once, but he has faced adverse results. When he approached JVC, we thoroughly observed what were the possible causes of his failure of the surgical procedure.

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    We noticed the following points which have caused significant adverse results in carrying out the hair restoration procedure:

    • The number of strips which were extricated was too many as compared to the need for the required number of hair follicles.
    • The patient was not given the chance to consult with the doctor which is customarily known as the Initial consultation Session.
    • The patient was not instructed and guided about what to be done before and after the surgical procedure. Here arises the main reason for the failure of the surgical procedure. The patients were not made aware of the fact that the consumption of alcohol should strictly be abstained from. But as the patient did not have any knowledge about that so he drank alcohol the previous night when the hair restoral stratagem was sessioned to be taken up. Owing to that reason the hair follicles were not able to survive in the recipient zone and they got shed off.

    So how did we treat Suresh Khanna?

    Suresh Khanna, when approached, was very distressed because he was going to marry the following month. And he wanted to enjoy his wedding ceremony with a good appearance of hair. We initially assured him that he had visited the right place. His concern was whether after undergoing one unsuccessful surgery, would he be able to undergo a successful surgery.

    How did we carry out his surgical procedure?

    • Initial Session: We deliberated with him to get him in his comfort zone. Once he felt comfortable with us he told us about his medical history. The medical history is quintessential from the hair restoration point of view. One thing which came out in the deliberation which was a point of concern that he suffered from a heart stroke once when his father passed away. So it was our responsibility to ensure whether he is healthy or not. After undertaking his test we come to know that the previous stroke which he suffered from was out of shock but as far as the heart is concerned, he is completely healthy.
    • Procedure: We took into account the procedure which was used to carry out the hair restoration. So our team of surgeons after a thorough deliberation & discussion concluded that we should use the Follicular unit extraction. It is because of the reason that excessive strips were extricating from the scalp. Extraction of more strips will cause adverse effects in the predominant form of scars.
    • Aftercare: We made him cautious about the importance of after-care. He followed all the necessary precautions which were vital for the healthy survival of the hair follicles for at least a month.

    One final Word

    Now Suresh has got married. He visited us again not to complain but felicitating us for carrying out the successful surgery. We were glad to know that we have built one more strong relationship with one of our patients. The feedback of our patient is what keeps us motivated to bring about results in the best and efficient possible way.

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    आखिर बवासीर के दौरान कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत? डॉक्टर से जानें, बवासीर के इलाज के लिए कौन-सी सर्जरी होती है बेहतर!

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    यह सभी जानते हैं, कि बवासीर एक आम समस्या है, जिससे लगभग सभी लोग पीड़ित हैं। इस समस्या में व्यक्ति को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बवासीर काफी दर्द देने वाली समस्या है, क्योंकि इस दौरान पीड़ित व्यक्ति की गुदा यानी एनल एरिया की नसें काफी ज्यादा सूज जाती हैं, जिससे मल त्यागने में काफी दिक्क्त, दर्द और जलन जैसी समस्या होने लग जाती है। ऐसे में, कुछ लोगों को मल त्याग करते वक्त काफी खून भी आ सकता है, जिसके कारण कुछ लोगों को लगने लगता है, कि अब सर्जरी की जरूरत है। पर, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, हर पीड़ित व्यक्ति के लिए सर्जरी का चुनाव करना ठीक नहीं होता है। कुछ मामलों में, बवासीर को दवाइयों और सही डाइट से ठीक किया जा सकता है।  बवासीर की गंभीर स्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है, इसमें मल के साथ बार-बार खून निकलना, मल त्याग के दौरान तेज और असहनीय दर्द होना, बवासीर के कारण इंफेक्शन हो जाना या फिर खून का थक्का बन जाना और इसके कारण उठने-बैठने या फिर चलने-फिरने में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस होना जैसी स्थितियो में सर्जरी की जरूरत पड़ती है। दरअसल, ऐसे में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। आम तौर पर, ऐसे में बवासीर के इलाज के लिए हेमरॉयडेक्टमी, स्टेपल्ड हेमरॉयडेक्टमी और लेजर सर्जरी काफी ज्यादा बेहतर साबित हो सकती है। समस्या पता चलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि आगे की समस्या से बचाव किया जा सके। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।  बवासीर को किस तरीके से ठीक किया जाता है? बवासीर को ठीक करने के तरीके निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि   1. बवासीर को ठीक करने के लिए आप अपने खानपान में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर सकते हैं। इससे समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।  2. ऐसे में, फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना आपको कब्ज जैसी समस्या से मुक्त करवा सकता है और इससे बवासीर जैसी समस्या का इलाज हो सकता है।  बवासीर के इलाज के लिए कौन-कौन सी सर्जरी की जा सकती है?  दरअसल, बवासीर जैसी समस्या के इलाज के लिए बहुत सी सर्जिकल तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है। पर, इस तरह की स्थिति में, मरीज की हालत के हिसाब से ही सर्जरी का विकल्प चुना जाता है। इस समस्या के लिए निम्नलिखित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।  1. हेमरॉयडेक्टमी सर्जरी दरअसल, बवासीर जैसी समस्या के लिए हेमरॉयडेक्टमी सर्जरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सर्जरी इस समस्या में काफी लाभदायक साबित हो सकती है। इस दौरान, इस सर्जरी की सहायता से मलद्वार पर सूजी हुई नसों को निकाल दिया जाता है। यह सर्जरी काफी प्रभावी होती है, इसमें कोई शक नहीं है। केवल समस्या के गंभीर मामलों में ही इस सर्जरी का सहारा लिया जाता है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस सर्जरी के बाद रिकवरी में काफी समय लग सकता है। 2. स्टेपल्ड हेमोरॉयडेक्टॉमी सर्जरी दरअसल, इस सर्जरी को एक आधुनिक तकनीक में गिना जाता है। इस सर्जरी के दौरान पीड़ित व्यक्ति के  मस्सों को स्टेपल कर दिया जाता है, जिसकी वजह से होने वाला दर्द काफी कम हो जाता है और इस में व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाता है। इस दौरान सर्जरी होने के बाद मल त्याग के दौरान निकलने वाले खून से भी आपको छुटकारा मिल जाता है।  3. लेजर सर्जरी आज के समय में लेजर सर्जरी को कई तरह की समस्याओं में इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए आज इसे बेहद लोकप्रिय माना जाता है। इस सर्जरी की सहायता से बवासीर का इलाज बखूबी किया जा सकता है। इस सर्जरी में सूजी हुई नसों का इलाज करके उन को निकाल दिया जाता है। इस सर्जरी के दौरान मरीज को काफी कम दर्द होता है और मरीज सर्जरी के बाद जल्दी ठीक हो जाता है। यह आपको पहले भी बताया गया है, कि मरीज की स्थिति के हिसाब से ही सर्जरी का चुनाव किया जाता है और इसी तरह लेजर सर्जरी का इस्तेमाल हर बवासीर के मरीज के लिए सही नहीं होता है।  निष्कर्ष:  बवासीर एक आम समस्या है, जो किसी भी वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकती है। यह समस्या पुरुष और महिला दोनों में देखी जा सकती है। यह समस्या एक व्यक्ति के लिए काफी दर्दनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इस समस्या के दौरान व्यक्ति को मल त्याग करने में काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। केवल समस्या की गंभीर स्थितियों में ही सर्जरी की जरूरत पड़ती है और मरीज की स्थिति के हिसाब से ही सर्जरी का चुनाव किया जाता है। बवासीर के दौरान हर व्यक्ति को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती है। इस समस्या का समाधान अपनी डाइट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके और कुछ दवाओं का सहारा लेकर किया जा सकता है। इस समस्या का इलाज इतना ज्यादा मुश्किल नहीं है, जितना कि हम लोग इसे मुश्किल बना देते हैं। ऐसे में, आपको मल त्याग के दौरान तेज दर्द का अनुभव हो सकता है, जो काफी ज्यादा दर्दनाक भी हो सकता है। इसलिए, समस्या का पता चलते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इस के बारे में ज्यादा जानने के लिए और बवासीर जैसी अन्य समस्याओं का समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।  अक्सर पूछे जाने वाले सवाल! प्रश्न 1. बवासीर के लक्षण क्या होते हैं? मल के दौरान या बाद में चमकीले लाल रंग का खून निकलना, गुदा क्षेत्र में खुजली और जलन होना, दर्दनाक सूजन होना, मल त्याग करने में दिक्कत महसूस होना, मल में चिकनाई होना जैसे लक्षण बवासीर के होते हैं, जिस पर ध्यान देकर समस्या का तुरंत इलाज किया जाता है।  प्रश्न 2. क्या बवासीर के हर मरीज को सर्जरी की जरूरत पड़ती है?  नहीं, बवासीर से पीड़ित हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है।

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    Woman experiencing hair fall and scalp issues, seeking hair loss treatment at VJ Clinics.

    आखिर किन कारणों की वजह से गर्मियों में होती है डैंड्रफ की समस्या? डॉक्टर से जानें इससे बचने के तरीकों के बारे में!

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    गर्मियों का मौसम जब भी आता है, कई तरह की बीमारियों को लेकर आता है, चाहे वो शरीर, त्वचा या फिर बालों से जुड़ी बीमारी ही क्यो न हो। यह मौसम विशेष तौर पर त्वचा और बालों दोनों के लिए काफी चुनौतियों भरा होता है। इस मौसम के कारण लोगों को बालों से जूसी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिस में डैंड्रफ होना एक आम बात होती है। इस दौरान यह समस्या लोगों में घटती नहीं बल्कि बढ़ती हुई नजर आती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें स्कैल्प पर पसीना आना, धूल और ऑयल का जमा होना, सीबम का उत्पादन बढ़ना, केमिकल वाले शैम्पू या फिर हेयर प्रोडक्ट्स का सीतेमाल करना आदि शामिल हो सकते हैं। इस समस्या पर ध्यान देना और समय पर इलाज करवाना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, इससे बाल झड़ सकते हैं। इसलिए, समय पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है।  किन कारणों से गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या कर सकती है परेशान डॉक्टर के अनुसार, गर्मियों में डैंड्रफ कई कारणों की वजह से हो सकती है, जिन पर ध्यान देकर सही तरीके से इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। निम्नलिखित कारणों की वजह से डैंड्रफ की समस्या हो सकती है, जैसे कि  1. अधिक पसीना आना गर्मियों के मौसम में न केवल शरीर से, बल्कि स्कैल्प में भी पसीना आता है, जो ज्यादातर स्कैल्प पर जमा हो जाता है और फंगस व बैक्टीरिया के लिए एक बहुत ही अनुकूल वातावरण को बना देता है, जिससे डैंड्रफ बढ़ जाती है।  2. सीबम का उत्पादन बढ़ना  दरअसल, गर्मियों में सीबम का उत्पादन बढ़ना एक आम बात है, इसकी वजह से न केवल स्कैल्प चिपचिपा होता है, बल्कि इसके कारण डेंड्र की समस्या भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है।  3. धूल और गंदगी होना  आज ज्यादातर वातावरण में धूल और गंदगी मिलना आम है, बाहर निकलने पर यह स्कैल्प पर जम जाती है, जो स्कैल्प को परेशान करती है और डैंड्रफ का कारण बनती है।  क्या हो सकते हैं डैंड्रफ होने के लक्षण?  आम तौर पर, यह समस्या केवल सफेद परत तक सीमित ही सीमित नहीं रहती है, बल्कि और भी कई संकेत हो सकते हैं। इन संकेतों पर ध्यान देना और पहचान करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। यह संकेत निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं: 1. स्कैल्प पर लाल पन या फिर जलन की समस्या होना।  2. कंधों पर सफेद फ्लेक्स का काफी ज्यादा गिरना।  3. स्कैल्प पर काफी ज्यादा खुजली होना।  4. बालों का काफी ज्यादा कमजोर हो जाना।  5. काफी मात्रा में बालों का झड़ना।  नोट: इन तरह के लक्षण नजर आते ही आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  किन तरीकों से बालों से डैंड्रफ को हटाया जा सकता है?  आम तौर पर, आप रोजाना निम्नलिखित टिप्स को अपनाकर अपने बालों से डैंड्रफ को हटा सकते हैं, जैसे कि  1. सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार अपने बालों को धोएं। इससे स्कैल्प से पसीना और गंदगी साफ होती है। 2. ऐसे में, एंटी-फंगल गुण वाले शैम्पू का इस्तेमाल करें। यह सिरे में मौजूद फंगस को कम करने में काफी मदद प्रदान कर सकते हैं।  3. अपने बालों को धोने के बाद स्कैल्प को अच्छी तरीके से सुखाएं। ताकि बालों में नमी न रहे।  4. बालों को मजबूत और झड़ने से रोकने के लिए बालों पर नीम और एलोवेरा से तैयार मास्क लगााएं।  5. हल्के तेल से स्कैल्प की मालिश करें, पर ध्यान रहे बालों में ज्यादा तेल डैंड्रफ का कारण बन सकता है।  सिर की डैंड्रफ से बचने के लिए किन बातों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है?  आम तौर पर, डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ निम्नलिखित बातों पर महत्वपूर्ण ध्यान दे सकते हैं, जैसे कि  1. बालों को पोषण देने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें।  2. ऐसे में अपने शरीर को जितना हो सके हाइड्रेट रखें।  3. ऐसे में, अपने बालों के लिए काफी ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें।  4. अपने बालों को डैंड्रफ से बचाने के लिए दूसरों की कंघी या फिर तौलिया का इस्तेमाल करने से बचें।  निष्कर्ष: दरअसल, गर्मियों के दौरान बाल टूटना और डैंड्रफ की समस्या होना एक बहुत ही आम समस्या मानी जाती है। इस समस्या की चपेट में हर कोई आ सकता है, चाहे वो कोई छोटा बच्चा हो या फिर कोई जवान व्यक्ति हो। अगर वक्त रहते बालों में होने वाली डैंड्रफ पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर बालों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। यह एक व्यक्ति को काफी ज्यादा परेशान कर देने वाली समस्या हो सकती है। अपने बालों की सेहत को बनाए रखने के लिए बालों की अच्छे से देखभाल करना और उनको हर समस्या से दूर रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अपने बालों की अच्छे से देखभाल करने के लिए आप एक सेहतमंद डाइट का सेवन कर सकते हैं, जो बालों को न केवल मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि बालों को सही और पर्याप्त पोषण भी प्रदान करेगी। सही देखभाल, नियमित सफाई और सही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से आप डैंड्रफ जैसी समस्या को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। अगर बालों में डैंड्रफ की समस्या काफी लंबे वक्त तक बनी रहती है और रुकने की बजाय बढ़ती जा रही है, तो ऐसे में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए और अपनी स्कैल्प की अच्छे से जांच करवानी चाहिए। ऐसे में, यह काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। बालों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और बालों से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही वीजेएस हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  अक्सर पूछे जाने वाले सवाल! प्रश्न 1. किस उम्र में बालों का टूटना होता है आम?  किन लोगों को गर्मियों के मौसम में डैंड्रफ की परेशानी सबसे ज्यादा होती है?  दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि विशेष तौर पर गर्मियों में डैंड्रफ की समस्या

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